अब सिर्फ 2 घंटे में पुरा होगा पटना से सासाराम का सफर, ओमान की कंपनी बनाएगी 120 KM लंबा फोर-लेन एक्सप्रेस-वे
Patna Sasaram Expressway: बिहार की सड़कों के नक्शे में एक बड़ा और शानदार बदलाव होने वाला है। राजधानी पटना को ऐतिहासिक शहर सासाराम से जोड़ने वाला एक आधुनिक फोर-लेन एक्सप्रेस-वे जल्द ही बनना शुरू होगा। खास बात यह है कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य ओमान की प्रमुख कंपनी ‘गल्फर इंजीनियरिंग एंड कंस्ट्रक्शन’ करेगी।
Patna Sasaram Expressway की खासियत?
यह प्रोजेक्ट बिहार में दरभंगा के बाद दूसरा एक्सेस कंट्रोल्ड (गति नियंत्रित) नेशनल हाइवे होगा। इसकी कुल लंबाई 120 किलोमीटर होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) इस पूरे प्रोजेक्ट की देखरेख कर रहा है। NHAI के परियोजना निदेशक अरविंद कुमार ने बताया कि,
“पटना-सासाराम एक्सेस कंट्रोल्ड नेशनल हाइवे का निर्माण जल्द शुरू होगा। ठेकेदार का चयन हो चुका है। ठेकेदार फाइनेंशियल क्लोजर दिखाएगा और काम शुरू होगा। 2028 तक सड़क बन जाएगी।”
हालांकि, अभी एजेंसी को फाइनेंशियल क्लोजर रिपोर्ट दिखानी है, जिसमें एक से दो महीने का समय लग सकता है, उसके बाद निर्माण कार्य की शुरुआत हो जाएगी।
आधा हो जाएगा सफर का समय!
अभी पटना से सासाराम का सफर तय करने में लगभग 4 घंटे का लंबा समय लगता है क्योंकि यह सफर स्टेट हाइवे-2 और स्टेट हाइवे-81 से होकर गुजरता है। लेकिन इस नए एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेस-वे के बनने के बाद यही 120 किलोमीटर का सफर महज 2 घंटे में पूरा किया जा सकेगा! इससे न सिर्फ लोगों की कीमती समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन के पैसे भी बचेंगे।
गौरतलब है कि एक्सेस-कंट्रोल्ड होने के कारण इस एक्सप्रेस-वे पर सीमित स्थानों से ही प्रवेश और निकास होगा, जिससे यातायात का प्रवाह सुचारू रहेगा और दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
दो चरणों में बनेगा यह ग्रीनफील्ड हाइवे
इस पूरे प्रोजेक्ट को दो चरणों में बनाने की योजना है:
- पहला चरण: Patna से भोजपुर तक 46 किलोमीटर लंबे हाइवे का निर्माण।
- दूसरा चरण: Ara से Sasaram तक 74 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण।
इस ग्रीनफील्ड हाइवे का लक्ष्य 2028 तक पूरा करने का है। यह एक्सप्रेस-वे एनएच-19, एनएच-319, एनएच-922 जैसे कई राष्ट्रीय राजमार्गों और राज्य की एसएच-12, एसएच-102 आदि सड़कों को आपस में जोड़ेगा, जिससे पूरे इलाके की कनेक्टिविटी में जबरदस्त सुधार आएगा।
Patna Sasaram Expressway परियोजना की मुख्य विशेषताएं
| श्रेणी | विवरण |
|---|---|
| लंबाई | 120.10 किमी (ग्रीनफील्ड और ब्राउनफील्ड स्ट्रेच शामिल) |
| लागत | ₹3,712.40 करोड़ |
| फाइनेंसिंग मॉडल | हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM): 40% सरकार, 60% प्राइवेट डेवलपर |
| कंस्ट्रक्शन | 2 पैकेजों में बांटा गया, NKC प्रोजेक्ट्स और गल्फार इंजीनियरिंग (ओमान आधारित कंपनी) |
| समापन लक्ष्य | 2028 |
| शिलान्यास | 30 मई 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा |
| रूट और कनेक्टिविटी | सदिसोपुर (Patna) से सुवरा (Sasaram) तक, आरा, गरहनी, पीरो, बिक्रमगंज, मोकर से होकर। सोन नदी पर नया 4-लेन पुल। |
| कनेक्शन | राष्ट्रीय राजमार्ग: NH-19, NH-319, NH-922, NH-131G, NH-120 एयरपोर्ट: Patna और बायथा एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन: सासाराम, आरा, दानापुर, Patna वाटर टर्मिनल: पटना इनलैंड वाटर टर्मिनल रिंग रोड: Patna Ring Road से डायरेक्ट कनेक्शन |
| फायदे | यात्रा समय: 3-4 घंटे से घटकर 1.5-2 घंटे आर्थिक विकास: व्यापार, परिवहन, पर्यटन को बढ़ावा रोज़गार: 48 लाख मैन-डेज़ रोजगार सृजन क्षेत्रीय कनेक्टिविटी: लखनऊ, पटना, रांची, वाराणसी से बेहतर संपर्क |
किन-किन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा?
इस एक्सप्रेस-वे के बनने से सबसे ज्यादा फायदा पटना, भोजपुर, अरवल, रोहतास और सासाराम जिलों के लोगों को होगा। पीरो, नौबतपुर, अरवल, सहार, हसन बाजार, संझौली और नोखा जैसे कस्बों के लोगों को भी आवाजाही में काफी राहत मिलेगी।
इसके अलावा, यह एक्सप्रेस-वे Patna से वाराणसी (बनारस) की ओर जाने का एक नया और तेज़ रास्ता भी उपलब्ध कराएगा, जिससे पूरे शाहाबाद अंचल की यातायात स्थिति में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है। बिहार की ट्रांसपोर्ट सुविधा यकीनन एक नए दौर में प्रवेश कर जाएगी।
