बक्सर के स्कूलों को लेकर डीएम का बड़ा एक्शन, सभी प्रधानाध्यापकों को दिए सख्त निर्देश
बक्सर के मॉडल स्कूलों को लेकर जिला प्रशासन अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। शनिवार को हुई समीक्षा बैठक में डीएम साहिला ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षकों की उपलब्धता और स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं पर विस्तार से चर्चा की। जिले के सभी प्रखंडों में संचालित मॉडल स्कूलों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए हैं। मेधावी छात्रों को बेहतर शिक्षा देने और लंबित निर्माण कार्यों को जल्द पूरा कराने पर विशेष जोर दिया गया। जानिए बैठक में क्या बड़े फैसले लिए गए और छात्रों को इसका क्या फायदा मिलेगा।
बक्सर के मॉडल स्कूलों में मेधावी छात्रों के लिए सुनहरा मौका
बक्सर जिले के सभी प्रखंडों में मॉडल स्कूलों का संचालन किया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिल सके। अधिकारियों के अनुसार इन विद्यालयों में नामांकन की व्यवस्था इस तरह बनाई गई है कि प्रतिभाशाली छात्रों को प्राथमिकता मिल सके।
राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति योजना में सफल विद्यार्थियों को प्रवेश के दौरान विशेष मौका दिया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से सामान्य परिवारों के होनहार बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हासिल करने का अवसर मिल रहा है। प्रशासन का मानना है कि इन मॉडल स्कूलों के माध्यम से गांवों और प्रखंड स्तर पर भी छात्रों को बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
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बक्सर के मॉडल स्कूलों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शिक्षकों की उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इच्छुक शिक्षकों के साक्षात्कार के बाद कुल 27 शिक्षकों का चयन कर उन्हें जिले के अलग-अलग मॉडल स्कूलों में तैनात किया गया है।
समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने सभी प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया कि,
पढ़ाई की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए और छात्रों को समय पर कक्षाएं, शैक्षणिक सामग्री तथा अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल केवल भवन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य विद्यार्थियों को ऐसा माहौल देना है जहां वे अपनी प्रतिभा को निखार सकें और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें।
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निर्माण और मरम्मत कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश
समीक्षा बैठक (Buxar Model Schools Review Meeting) में जिलाधिकारी ने सभी मॉडल स्कूलों का निरीक्षण कर लंबित निर्माण और मरम्मत कार्यों को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी तरह की असुविधा न हो। साथ ही स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं और उनकी खासियतों की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया, जिससे योग्य छात्र इन विद्यालयों में दाखिला लेने के लिए प्रेरित हो सकें।
बैठक में शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और सभी मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों ने भाग लिया। प्रशासन का मानना है कि बेहतर भवन, पर्याप्त शिक्षक और मजबूत शैक्षणिक व्यवस्था के जरिए आने वाले दिनों में इन स्कूलों का प्रदर्शन और बेहतर होगा, जिसका लाभ जिले के हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा।
