CM योगी का कांग्रेस पर तीखा हमला, EVM से लेकर चुनाव आयोग तक उठाए सवाल, 2027 चुनाव से पहले बढ़ी सियासी गर्मी

उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में अभी समय है, लेकिन राजनीतिक बयानबाजी तेज होने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में एक जनसभा के दौरान कांग्रेस और उसके नेतृत्व पर निशाना साधा। योगी ने चुनावी हार के बाद EVM और चुनाव आयोग पर सवाल उठाने की राजनीति पर आपत्ति जताई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि चुनाव जीतने पर राजनीतिक दल अपनी मेहनत को सफलता का कारण बताते हैं, लेकिन हार मिलने पर EVM और चुनाव आयोग पर सवाल क्यों उठाते हैं। उनके बयान का मुख्य संदेश यही था कि चुनावी परिणामों को लेकर अलग-अलग परिस्थितियों में अलग-अलग मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।
दरअसल, चुनावों के बाद EVM की विश्वसनीयता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस होती रही है। विपक्ष के कुछ नेता चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि भाजपा इन आरोपों का विरोध करती रही है।
योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे को लोकतांत्रिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा से जोड़ते हुए कहा कि,
राजनीतिक दलों को चुनावी नतीजों पर सवाल उठाने के साथ अपनी भूमिका और प्रदर्शन पर भी विचार करना चाहिए। फैसले अपनी उम्मीदों के मुताबिक नहीं आने पर संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाना उचित नहीं है।
उनके मुताबिक, लोकतंत्र में असहमति की जगह है, लेकिन संस्थाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।
कांग्रेस को आत्ममंथन की नसीहत
अपने बयान में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के राजनीतिक प्रदर्शन का भी जिक्र किया। उन्होंने पार्टी को अपनी चुनावी स्थिति पर विचार करने की सलाह दी। योगी के अनुसार,
कांग्रेस को अपनी कमजोरियों का आकलन करना चाहिए और यह समझना चाहिए कि प्रदेश की जनता से उसका जुड़ाव क्यों कमजोर हुआ है।
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस लंबे समय से सत्ता से बाहर है। पार्टी ने राज्य में आखिरी बार 1985 में विधानसभा चुनाव जीतकर सरकार बनाई थी। इसके बाद वह दोबारा राज्य की सत्ता हासिल नहीं कर सकी। यह स्थिति प्रदेश में पार्टी के सामने मौजूद राजनीतिक चुनौतियों को दिखाती है।
हालांकि, चुनावी राजनीति में किसी पार्टी की भविष्य की स्थिति केवल उसके पिछले प्रदर्शन से तय नहीं होती। संगठन, उम्मीदवार, गठबंधन और जनता के मुद्दे भी चुनाव परिणामों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की रणनीति और उसका प्रदर्शन महत्वपूर्ण रहेगा।
योगी आदित्यनाथ की टिप्पणी को इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व को संकेत दिया कि केवल चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाने के बजाय उसे जनता के बीच अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए।
विरोध प्रदर्शन पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए प्रदर्शन के तरीकों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि,
विरोध के नाम पर ऐसी स्थिति नहीं बननी चाहिए, जिससे आम लोगों को परेशानी हो या सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो। लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और नागरिकों को अपनी बात रखने तथा विरोध दर्ज कराने का अधिकार है।
हालांकि, विरोध प्रदर्शन के दौरान कानून और सार्वजनिक व्यवस्था का ध्यान रखना भी जरूरी है। इन दोनों पहलुओं के बीच संतुलन बनाए रखना राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण है। योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनी हुई सरकारों के प्रति अविश्वास का माहौल बनाता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि देश की जनता लोकतंत्र के नाम पर अराजकता और अस्थिरता को लंबे समय तक स्वीकार नहीं करेगी।
CM Yogi Congress Statement
: कांग्रेस अराजकता का पर्याय बन चुकी है…वह लोकतंत्र के साथ, देश की जनभावनाओं के साथ और चुनी गई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता का माहौल पैदा करने पर उतारू हो चुकी है… https://t.co/cG59iZZg27
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 12, 2026
मुख्यमंत्री ने 12 अक्टूबर 2026 को सोशल मीडिया मंच X पर भी कांग्रेस को लेकर टिप्पणी की। उनके संदेश में पार्टी पर लोकतंत्र और जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ करने तथा चुनी हुई सरकारों के खिलाफ अस्थिरता का माहौल बनाने का आरोप लगाया गया।
फिलहाल, योगी आदित्यनाथ के इस बयान ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस और भाजपा के बीच जारी आरोप-प्रत्यारोप को फिर चर्चा में ला दिया है। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों की रणनीति, चुनावी मुद्दे और जनता के बीच उनकी पहुंच अहम रहने वाली है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कांग्रेस इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और प्रदेश में अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए क्या कदम उठाती है।

