जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे CJP नेता गिरफ्तार, 5 दिन की न्यायिक हिरासत में जाएंगे तिहाड़ जेल

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने पहुंचे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के तीन प्रमुख नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि नेताओं और उनके समर्थकों ने बैरिकेडिंग पार कर प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश किया और नारेबाजी की। अदालत ने तीनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है।
जंतर-मंतर पर कैसे हुई गिरफ्तारी?
दिल्ली के जंतर-मंतर पर मंगलवार सुबह कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। उस समय इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी और प्रवेश के लिए लगाए गए गेट बंद थे। पुलिस के आरोप के मुताबिक, प्रदर्शनकारी गेट के ऊपर से चढ़कर अंदर दाखिल हुए और नारेबाजी करने लगे।
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों नेताओं समेत करीब 11 से 14 कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। पुलिस का कहना है कि,
जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद भी वहां बिना अनुमति प्रवेश किया गया। इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई।
हिरासत में लिए गए लोगों को द्वारका जिले के जाफरपुर कलां थाने ले जाया गया। थाने के बाहर पार्टी के दूसरे कार्यकर्ताओं के पहुंचने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी। इस घटना के बाद दिल्ली में प्रदर्शन करने की अनुमति और निर्धारित स्थानों को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।
पांच दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश
बुधवार को सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। सुनवाई के बाद मजिस्ट्रेट ने तीनों नेताओं को पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसके बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजने की प्रक्रिया की गई।
इस मामले में पहले दिए गए पी-बॉन्ड की शर्तों के उल्लंघन से जुड़ी धाराएं भी शामिल की गई हैं। पी-बॉन्ड एक ऐसा कानूनी बांड होता है, जिसके तहत संबंधित व्यक्ति को तय अवधि तक शांति बनाए रखने की शर्त माननी होती है।
Delhi | The Delhi Police have placed Cockroach Janta Party (CJP) leaders Saurav Das, Ashutosh Ranka, and Ajinkya Shinde under preventive arrest: Delhi Police CJP Leaders Arrested
— ANI (@ANI) October 14, 2026
जानकारी के अनुसार, शनिवार को भी पुलिस ने इन नेताओं को एहतियातन हिरासत में लिया था। उस समय मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उन्हें इस शर्त पर रिहा किया था कि वे एक साल तक शांति भंग नहीं करेंगे।
पुलिस का आरोप है कि इसके बावजूद नेताओं ने दोबारा जंतर-मंतर में प्रवेश किया। इसी वजह से उनके खिलाफ फिर कार्रवाई की गई। हालांकि, इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के फैसले से ही अगला कदम स्पष्ट होगा।
CJP ने आंदोलन जारी रखने की बात कही
कॉकरोच जनता पार्टी ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन स्थल की सूची से जंतर-मंतर को हटाने की आधिकारिक घोषणा 12 अक्टूबर को हुई थी। संगठन के प्रतिनिधि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की तारीख तय करने के लिए संसद मार्ग थाने भी पहुंचे थे।
पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पुलिस की कार्रवाई को जंतर-मंतर पर अपना अधिकार जताने की कोशिश से जोड़कर देखा। उन्होंने कहा कि,
प्रदर्शन स्थलों की सूची में बदलाव होने के बावजूद पार्टी अपना आंदोलन जारी रखेगी।
संगठन ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग जारी रखने की भी बात कही है। वहीं, पार्टी की लीगल हेड रत्ना सिंह ने बताया कि,
तीनों नेताओं को स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
जंतर-मंतर लंबे समय से राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद इस स्थान पर प्रदर्शन करने को लेकर विवाद सामने आया है।
एक तरफ CJP का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें उठाना चाहती है, जबकि पुलिस का पक्ष है कि बैरिकेडिंग पार करके बिना अनुमति प्रवेश करना नियमों का उल्लंघन है।
फिलहाल तीनों नेता पांच दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। पार्टी ने अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और संबंधित अधिकारियों के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि विवाद किस दिशा में आगे बढ़ता है।

