बक्सर से लखनऊ जाना होगा आसान! पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने जा रहा नया फोरलेन, जानिए रूट और ताजा अपडेट

Buxar Spur Project: बक्सर स्पर फोरलेन निर्माण कार्य, बिहार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी
1 min read

बक्सर से उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाले लोगों के लिए एक अहम सड़क परियोजना चर्चा में है। 17.27 किलोमीटर लंबे बक्सर स्पर फोरलेन का निर्माण 80 से 85 प्रतिशत तक पूरा होने की जानकारी सामने आई है। यह सड़क आगे चलकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ने में मदद करेगी, जिससे बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

इस परियोजना के पूरा होने से बक्सर, भोजपुर और पटना से उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक रास्ता मिल सकता है। सबसे बड़ा सवाल है कि यह सड़क कब चालू होगी और इससे सफर में कितना फर्क पड़ेगा।

बक्सर स्पर का काम कहां तक पहुंचा?

बक्सर स्पर गाजीपुर-बलिया-मांझीघाट फोरलेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का चौथा पैकेज है। उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार, इसकी कुल लंबाई 17.27 किलोमीटर है और इसके निर्माण की स्वीकृत लागत 617.89 करोड़ रुपये है। परियोजना को भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के तहत विकसित किया जा रहा है।

यह चार लेन की सड़क होगी, जिसके दोनों ओर पेव्ड शोल्डर बनाए जाएंगे। इसकी डिजाइन स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटे बताई गई है। ग्रीनफील्ड मार्ग होने के कारण इसे पुराने और भीड़भाड़ वाले रास्तों से अलग तैयार किया जा रहा है।

निर्माण की उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, सड़क के बड़े हिस्से में मिट्टी भराई, बेस तैयार करने और डामरीकरण का काम पूरा हो चुका है। इसके अलावा जल निकासी के लिए नालियां, सुरक्षा के लिए क्रैश बैरियर और दिशा बताने वाले बोर्ड लगाने का काम भी परियोजना का हिस्सा है।

करीमुद्दीनपुर के पास रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी इस परियोजना का अहम हिस्सा है। यहां रेलवे लाइन के ऊपर करीब 205 मीटर लंबे चार लेन के पुल का प्रावधान बताया गया है। इसके एप्रोच रैंप और अन्य काम पूरे होने के बाद इस हिस्से से वाहनों की आवाजाही शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ा जा सकेगा।

परियोजना की शुरुआत 15 जून 2023 को हुई थी। इसकी मूल समय-सीमा जून 2025 थी, जबकि उपलब्ध विवरण में अब दिसंबर 2026 तक इसे चालू करने का लक्ष्य बताया गया है। हालांकि, निर्माण की ताजा प्रगति और नई समय-सीमा की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

विवरणजानकारी
परियोजना का नामबक्सर स्पर (Buxar Spur)
परियोजना का प्रकारग्रीनफील्ड फोरलेन लिंक मार्ग
कुल लंबाईलगभग 17.27 किलोमीटर
निर्माण लागतकरीब 617.89 करोड़ रुपये
डिजाइन स्पीड100 किलोमीटर प्रति घंटा
मुख्य कनेक्टिविटीबक्सर, बिहार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, उत्तर प्रदेश
प्रमुख जंक्शनकरीमुद्दीनपुर के पास मुख्य ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जुड़ाव
शुरुआती संपर्कभरौली और बक्सर गंगा पुल के संपर्क मार्ग की ओर
अनुमानित दूरी की बचतलगभग 15 किलोमीटर
अनुमानित समय की बचतकरीब 45 मिनट
संभावित लाभआजमगढ़, अयोध्या, लखनऊ और दिल्ली की ओर यात्रा में सुविधा
व्यापक कनेक्टिविटीपटना से उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद
निर्माण की स्थितिउपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, निर्माण अंतिम चरण में है
चालू होने का लक्ष्यदिसंबर 2026, आधिकारिक पुष्टि आवश्यक

नोट: दूरी और समय की बचत अनुमानित है। निर्माण की ताजा स्थिति और चालू होने की समय-सीमा की आधिकारिक स्रोत से पुष्टि कर लें।

पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कैसे जुड़ेगा बक्सर?

बक्सर स्पर की सबसे बड़ी खासियत इसकी कनेक्टिविटी है। यह बिहार के एनएच-922 यानी पटना-आरा-बक्सर फोरलेन को उत्तर प्रदेश के गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना का हिस्सा है।

इसका शुरुआती बिंदु भरौली गोलंबर के पास बताया गया है। यह इलाका बक्सर गंगा पुल के पश्चिमी छोर और बिहार-उत्तर प्रदेश सीमा के नजदीक है। यहां से आगे बढ़ने पर नया मार्ग पुराने एनएच-31 पर पड़ने वाले भरौली, कुंडेसर और भंवरकोल जैसे इलाकों की भीड़ से बचने में मदद कर सकता है।

बक्सर स्पर फोरलेन निर्माण कार्य, बिहार से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी

करीमुद्दीनपुर के पास बक्सर स्पर मुख्य गाजीपुर-बलिया ग्रीनफील्ड हाईवे के पहले पैकेज से जुड़ेगा। इसके बाद वाहन हृदयपुर और जंगीपुर की ओर से आगे बढ़ते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के हैदरिया जंक्शन तक पहुंच सकेंगे।

इस कनेक्टिविटी का फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जिन्हें बक्सर या पटना से गाजीपुर और लखनऊ की ओर जाना होता है। हालांकि, वास्तविक यात्रा मार्ग इस बात पर निर्भर करेगा कि सड़क के सभी संबंधित हिस्से कब चालू होते हैं और वाहनों के लिए प्रवेश तथा निकास की व्यवस्था कैसी रहती है।

सफर में कितना समय बचेगा?

उपलब्ध परियोजना विवरण के अनुसार, पुराने एनएच-31 मार्ग की तुलना में दूरी करीब 15 किलोमीटर कम हो सकती है। साथ ही गाजीपुर और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की ओर जाने में 40 से 45 मिनट तक की बचत का अनुमान है। हालांकि, इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए वास्तविक बचत मार्ग और यातायात की स्थिति पर निर्भर करेगी।

बक्सर स्पर चालू होने के बाद पटना, आरा और बक्सर से उत्तर प्रदेश जाने वाले यात्रियों को बेहतर सड़क विकल्प मिल सकता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी मिलने पर लखनऊ की ओर यात्रा करना भी आसान हो सकता है। इसके अलावा, बिहार के कृषि उत्पादों, फल-सब्जियों और औद्योगिक सामान को उत्तर प्रदेश तथा उत्तर भारत के बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे माल ढुलाई में लगने वाले समय और परिवहन लागत को कम करने की संभावना है।

बक्सर में नए गंगा पुल का निर्माण

बक्सर में गंगा नदी पर एक नए तीन लेन के पुल का निर्माण भी किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 3.2 किलोमीटर लंबे इस पुल और एलिवेटेड एप्रोच रोड की लागत लगभग 445 करोड़ रुपये है। इसका निर्माण सितंबर 2025 में शुरू हुआ था और इसे फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य बताया गया है।

इस पुल के तैयार होने से बक्सर और उत्तर प्रदेश के बीच यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, नया गंगा पुल और बक्सर स्पर दो अलग-अलग परियोजनाएं हैं, इसलिए दोनों के चालू होने की समय-सीमा भी अलग-अलग है। फिलहाल बक्सर स्पर के लिए दिसंबर 2026 का लक्ष्य बताया गया है। यह समय-सीमा पूरी होती है या नहीं, इसकी जानकारी आने वाले महीनों में निर्माण की वास्तविक प्रगति से स्पष्ट होगी।

Jai Jagdamba News Whatsapp

About the Author

Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai is the Founder and Editor-in-Chief of Jai Jagdamba News, a digital news platform covering Bihar and key developments across India. He oversees the publication’s editorial direction, content strategy, and digital growth, with a focus on accurate reporting, local issues, and reader-focused journalism. Committed to maintaining editorial standards and delivering clear, reliable, and relevant news to readers.

View all articles by Veer Rai →