धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदने वालों की मौज! कीमतों में बड़ी गिरावट, जानें आगे की रणनीति

धनतेरस के पावन त्योहार पर सोना और चांदी खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वैश्विक बाजारों में आई भारी गिरावट के चलते भारतीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। इस बड़ी गिरावट ने त्योहारी सीजन में आम जनता को खरीदारी करने का एक सुनहरा मौका दे दिया है।
धनतेरस पर कितना सस्ता हुआ सोना और चांदी? – Dhanteras 2026 Gold Silver Price
भारतीय शेयर बाजार में आज अच्छी तेजी देखी जा रही थी लेकिन इसके उलट कीमती धातुओं के बाजार में मायूसी छा गई। शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार में ही सोना प्रति 10 ग्राम 2054 रुपये तक टूट गया। इसके चलते सोने के दाम गिरकर 1,42,061 रुपये पर आ गए।
बाजार खुलते ही सोने की कीमतें पिछले बंद भाव 1,44,095 रुपये के मुकाबले 1,42,161 रुपये पर आ गईं और देखते ही देखते यह 1,41,808 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गईं। कुछ ऐसी ही स्थिति चांदी के साथ भी देखने को मिली। चांदी की कीमत में भी प्रति किलोग्राम 3106 रुपये की भारी कटौती हुई और इसके दाम फिसलकर 1,84,035 रुपये पर पहुंच गए। चांदी भी कारोबार के दौरान गिरकर 1,83,700 रुपये के निचले स्तर तक चली गई थी।
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क्या धनतेरस पर सोना-चांदी खरीदना सही रहेगा?
बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही आज बाजार में इतनी बड़ी गिरावट देखी गई है लेकिन लंबी अवधि के लिए यह निवेश का एक बेहद शानदार मौका बन चुका है। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च हेड वंदना भारती के अनुसार,
आने वाले एक साल में सोने और चांदी की कीमतों में फिर से एक बड़ी उछाल देखने को मिल सकती है। पिछले 10 सालों के रिकॉर्ड को देखें तो सोने में हर साल करीब 14 से 15 प्रतिशत और चांदी में 18 से 22 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की जाती है।
इस लिहाज से मौजूदा समय में आई यह गिरावट ग्राहकों के लिए बाजार के निचले स्तर पर खरीदारी करने यानी बॉटम आउट का एक बेहतरीन मौका है क्योंकि साल की आखिरी तिमाही हमेशा सोने-चांदी के लिए मजबूत साबित होती है।
गिरावट के बाद फिर महंगा हो सकता है सोना और चांदी
स्वतंत्र रिसर्च एनालिस्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी है। इस वजह से अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की उम्मीदें मजबूत हो गई हैं। दो फेड अधिकारियों ने भी धीरे-धीरे ब्याज दरें बढ़ाने की बात का समर्थन किया है जिससे दिसंबर में दरें बढ़ने की संभावना 68 प्रतिशत तक हो गई है।
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वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों से पता चलता है कि वैश्विक स्तर पर लोगों का सोने के प्रति आकर्षण कम नहीं हुआ है और अक्टूबर में गोल्ड ईटीएफ में भारी निवेश आया है। जानकारों के मुताबिक आने वाले समय में MCX पर सोना फिर से 1,43,000 रुपये से लेकर 1,45,000 रुपये तक जा सकता है जबकि चांदी 1,88,000 रुपये से 1,92,000 रुपये का स्तर छू सकती है। ऐसे में त्योहार के दिन मिली यह सस्ती कीमत आम खरीदारों के लिए किसी बड़े तोहफे से कम नहीं है।

