बिहार में हो रही है 18 बालू घाटों की नीलामी, 25 मार्च को लगाई जाएगी बोली

Bihar Sand Mining Tender 2025
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Bihar Sand Mining Tender 2025: बिहार में बालू घाट की नीलामी को लेकर प्रशासन ने नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। भोजपुर जिले में 18 बालू घाटों की नीलामी के लिए 16 मार्च से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 19 मार्च तक चलेगी। इसके बाद 25 मार्च को ऑनलाइन बोली प्रक्रिया के जरिए इन बालू घाटों का आवंटन किया जाएगा।

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बिहार में रेत खनन (Sand Mining in Bihar) के लिए ठेकेदारों ने आवेदन डाउनलोड कर टेंडर भरना शुरू कर दिया है। इस प्रक्रिया में भाग लेने के लिए इच्छुक ठेकेदारों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा करना होगा।

Bihar Sand Mining Tender 2025: किन घाटों की होगी बोली?

इस बार नीलामी में 18 बालू घाट शामिल किए गए हैं, जिनमें से 13 घाट सोन नदी के किनारे और 5 घाट गंगा नदी के किनारे स्थित हैं।

सोन नदी के बालू घाट

सोन नदी किनारे स्थित 13 घाटों में से 9 घाट वे हैं, जिन्हें पूर्व में ठेकेदारों ने सरेंडर कर दिया था। इसके बदले खनन विभाग ने 32 करोड़ रुपये की राशि जब्त कर ली थी। अब ये घाट फिर से नीलामी प्रक्रिया (Bihar Sand Mining Tender 2025) में शामिल किए गए हैं।

सोन नदी के इन घाटों की होगी नीलामी, जानिए पूरी सूची

सोन नदी के कई घाटों को नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया है, जिससे सरकार को राजस्व प्राप्त होगा और घाटों का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। नीलामी के लिए चुने गए घाटों में घाट संख्या 4, 6, 7, 8, 10, 16, 17, 19, 26सी, 29ए, 29बी, 29सी और 30ए शामिल हैं। इन घाटों का उपयोग रेत खनन और परिवहन के लिए किया जाता है।

गंगा नदी के बालू घाटों की नीलामी में ठेकेदारों की रुचि कम

गंगा नदी के किनारे स्थित पांच प्रमुख बालू घाट— घाट संख्या 1, 3ए, 3बी, 4ए और 4बी की नीलामी में ठेकेदारों की रुचि कम दिख रही है। प्रशासन द्वारा इन घाटों की लीज नीलामी के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन अपेक्षित बोली नहीं लग रही। इसके पीछे परिवहन लागत, सरकारी नियमों की सख्ती और अवैध खनन पर बढ़ती कार्रवाई को प्रमुख कारण माना जा रहा है।

कुल क्षेत्रफल और संभावित राजस्व

इन 18 बालू घाटों का कुल क्षेत्रफल लगभग 432 हेक्टेयर में फैला हुआ है। इनकी कीमत 7.02 करोड़ रुपये से लेकर 25.66 करोड़ रुपये तक निर्धारित की गई है। नीलामी से सरकार को 200 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व मिलने की उम्मीद है।

बिहार में बालू घाट की नीलामी: गंगा नदी के घाटों की कम मांग

बिहार में रेत खनन के लिए सोन नदी के घाटों को लेकर ठेकेदारों में अधिक प्रतिस्पर्धा है, लेकिन गंगा नदी के बालू घाटों को लेकर उदासीनता बनी हुई है।

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अब तक 9 बार गंगा नदी के बालू घाटों की नीलामी की कोशिश की जा चुकी है, लेकिन किसी भी ठेकेदार ने रुचि नहीं दिखाई। प्रशासन अब 10वीं बार इन घाटों की नीलामी की योजना बना रहा है।

Sand mining in Bihar: ठेकेदारों के लिए सुनहरा अवसर

बिहार में बालू खनन (Sand mining in Bihar) कारोबार से जुड़े ठेकेदारों के लिए यह सुनहरा अवसर हो सकता है। बिहार में बालू घाट की नीलामी प्रक्रिया में भाग लेकर ठेकेदार लाइसेंस प्राप्त कर सकते हैं और कानूनी रूप से बालू खनन कर सकते हैं।

ठेकेदारी के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया और नीलामी की पूरी जानकारी

यदि आप ठेकेदारी के लिए आवेदन करना चाहते हैं, तो

  • ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
  • यह प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू हो चुकी है और 19 मार्च तक जारी रहेगी।
  • आवेदकों को आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
  • सफल आवेदकों के लिए 25 मार्च को ऑनलाइन नीलामी आयोजित की जाएगी, जिसमें सबसे अधिक बोली लगाने वाले को ठेका दिया जाएगा।

आवेदन करते समय सभी नियमों और शर्तों को ध्यान से पढ़ें, ताकि बाद में किसी समस्या का सामना न करना पड़े।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai is the Founder and Editor-in-Chief of Jai Jagdamba News, a digital news platform covering Bihar and key developments across India. He oversees the publication’s editorial direction, content strategy, and digital growth, with a focus on accurate reporting, local issues, and reader-focused journalism. Committed to maintaining editorial standards and delivering clear, reliable, and relevant news to readers.

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