Aishwarya Rai को ₹4 करोड़ टैक्स केस में बड़ी राहत, ITAT मुंबई ने दिया अभिनेत्री के पक्ष में फैसला

Aishwarya Rai को ₹4 करोड़ टैक्स केस में बड़ी राहत, ITAT मुंबई ने दिया अभिनेत्री के पक्ष में फैसला

Aishwarya Rai Tax Dispute: बॉलीवुड एक्ट्रेस ऐश्वर्या राय के लिए राहत भरी खबर आई है। मुंबई की Income Tax Appellate Tribunal (ITAT) ने उनके पक्ष में फैसला सुनाते हुए टैक्स विभाग द्वारा लगाए गए करीब ₹4 करोड़ के टैक्स डिसअलाउंस को रद्द कर दिया है। यह मामला Assessment Year 2022-2023 से जुड़ा था। बता दें कि विभाग ने Section 14A के तहत ₹4.60 करोड़ की राशि को अस्वीकार किया था, लेकिन ITAT ने कहा कि यह कार्रवाई बिना किसी ठोस आधार के की गई थी।

क्या है Section 14A विवाद?

बता दें कि आयकर अधिनियम की Section 14A धारा के तहत वह प्रावधान शामिल है, जिसके अनुसार अगर किसी व्यक्ति को टैक्स-मुक्त आय (जैसे डिविडेंड या टैक्स-फ्री निवेश से कमाई) होती है, तो उस आय को पाने में किए गए खर्च को टैक्स से घटाया नहीं जा सकता।

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ऐश्वर्या राय ने इस अवधि में करीब ₹39.33 करोड़ की कुल आय दिखाई थी, जिसमें से ₹2.14 करोड़ टैक्स-फ्री निवेश से जुड़ी थी। उन्होंने ₹49.08 लाख का स्वेच्छिक disallowance बताया और दावा किया कि इस आय को पाने में कोई सीधा खर्च नहीं हुआ।

Aishwarya Rai Tax Dispute: टैक्स विभाग और ITAT के बीच क्या हुआ?

खास तौर पर ध्यान देने वाली बात यह है कि Assessing Officer (AO) ने अभिनेत्री के हिसाब को नज़रअंदाज़ करते हुए Rule 8D लागू कर दिया, जिससे उनकी कुल टैक्स योग्य आय को ₹43.44 करोड़ तक बढ़ा दिया गया। AO ने ₹4.60 करोड़ की अतिरिक्त राशि जोड़ दी, जबकि अभिनेत्री का कहना था कि उनके कुल खर्चे सिर्फ ₹2.48 करोड़ थे।

इसके बाद ऐश्वर्या राय ने Commissioner of Income Tax (Appeals) के पास अपील दायर की, जहाँ से उन्हें राहत मिली। लेकिन टैक्स विभाग ने इसे फिर से ITAT में चुनौती दी। हालाँकि, ITAT ने टैक्स विभाग की दलील खारिज करते हुए कहा कि AO ने बिना उचित कारण बताए अस्वीकृति कर दिया। न्यायाधिकरण ने यह भी कहा कि “₹4.60 करोड़ की अस्वीकृति अनुचित थी क्योंकि कुल खर्चे ही ₹2.48 करोड़ थे”।

ITAT का अंतिम फैसला

अंततः ITAT मुंबई ने साफ कहा,

“Assessing Officer द्वारा किया गया अतिरिक्त disallowance बिना किसी ठोस आधार के है और इसे रद्द किया जाता है। राजस्व विभाग की अपील खारिज की जाती है।”

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यह फैसला ऐश्वर्या राय के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि यह मामला कई वर्षों से लंबित था। बता दें की ऐश्वर्या के पक्ष में आया यह फैसला न केवल उनके लिए राहत भरा है बल्कि टैक्स कानूनों की जटिलता पर भी एक उदाहरण बन गया है। खासकर उन लोगों के लिए जो टैक्स-फ्री निवेश से जुड़ी आय दिखाते हैं, यह केस बताता है कि हर disallowance को अदालत द्वारा जांचा जा सकता है।

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