बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को लगाएं इन चीजों का भोग, मिलेगा ज्ञान और सौभाग्य का आशीर्वाद

बसंत पंचमी पर मां सरस्वती को लगाएं इन चीजों का भोग, मिलेगा ज्ञान और सौभाग्य का आशीर्वाद

Basant Panchami 2026: आज पूरे देश में बसंत पंचमी का पावन त्योहार श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। यह दिन विद्या, बुद्धि और कला की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है। खास बात है की बसंत पंचमी पर पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है, क्योंकि यह रंग ज्ञान, ऊर्जा, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक है। ऐसे में अगर आप भी आज मां सरस्वती की पूजा कर रहे हैं, तो उन्हें पीले फूलों के साथ-साथ पीली मिठाइयों का भोग जरूर लगाएं।

मां सरस्वती को जरूर लगाएं इन चीजों का भोग

बता दें की बसंत पंचमी को ऋतु परिवर्तन का पर्व भी माना जाता है। इस दिन प्रकृति में हरियाली और पीले फूलों की बहार देखने को मिलती है। ऐसे में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और विद्या में उन्नति होती है।

यही कारण है कि इस दिन पीले वस्त्र, पीले फूल और पीली मिठाइयों का भोग (Saraswati Puja Bhog) विशेष फलदायी माना गया है। मान्यता है की पीले रंग का भोग लगाने से देवी जल्दी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों को ज्ञान व सफलता का आशीर्वाद देती हैं, इसलिए आप भी सरस्वती पूजा पर इन पीली चीजों से अपनी पूजा थाली सजाकर पूजा को और खास बना सकते हैं।

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केसरिया मोतीचूर के लड्डू

सरस्वती पूजा के मौके पर बारीक बूंदी से बने केसरिया मोतीचूर लड्डू का भोग जरूर लगाएं। केसर और इलायची की खुशबू से भरपूर ये लड्डू सभी देवी-देवताओं को प्रिय माने जाते हैं। गौरतलब है कि तीज-त्योहारों पर बूंदी के लड्डू चढ़ाना बेहद शुभ माना गया है। यह मिठाई प्रसाद के रूप में भी सभी को पसंद आती है।

केसरिया खीर का भोग

दूध, चावल और केसर से बनी केसरिया खीर बसंत पंचमी पर कई घरों में जरूर बनाई जाती है। हालाकी यह साधारण सी दिखने वाली मिठाई है, लेकिन इसका क्रीमी टेक्सचर और केसर की खुशबू इसे बेहद खास बना देती है। मान्यता है कि खीर का भोग चढ़ाने से विद्या और स्मरण शक्ति बढ़ती है।

मालपुआ

बसंत पंचमी के भोग में मालपुआ को भी खास स्थान दिया जाता है। घी में तले गए और चाशनी में डूबे नरम-फूले मालपुए त्योहार का स्वाद दोगुना कर देते हैं। खास बात है की मालपुआ को इस पर्व की पारंपरिक मिठाई माना जाता है, जिसे बच्चे से लेकर बुजुर्ग तक सभी बड़े चाव से खाते हैं।

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पीले केसरिया भात

केसर, चीनी और ड्राई फ्रूट्स से तैयार किए गए पीले मीठे चावल, जिन्हें केसरिया भात भी कहा जाता है, मां सरस्वती को बेहद प्रिय माने जाते हैं। यह भोग खुशी, समृद्धि और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। पूजा के बाद इसे प्रसाद के रूप में बांटना शुभ फल देता है।

पीले रंग की बर्फी

सरस्वती पूजा पर बेसन या नारियल से बनी पीली बर्फी भी मां सरस्वती को अर्पित की जाती है। इसे केसर या हल्दी से प्राकृतिक पीला रंग दिया जाता है। यह मिठाई घर पर आसानी से बनाई जा सकती है और बच्चों को भी खूब पसंद आती है।

बसंत पंचमी पर पूजा से जुड़ी खास मान्यताएं

बसंत पंचमी पर कई स्थानों पर बच्चों का विद्यारंभ संस्कार भी कराया जाता है। मान्यता है कि बसंत पंचमी पर पढ़ाई की शुरुआत करने से ज्ञान में तेजी से वृद्धि होती है। यही वजह है कि स्कूलों, कॉलेजों और शैक्षणिक संस्थानों में मां सरस्वती की विशेष पूजा होती है।

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