12 फरवरी को भारत बंद का ऐलान, जानिए किस क्षेत्र में कौनसी सेवा होगी प्रभावित
Bharat Bandh 2026: भारत 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल का सामना कर सकता है। किसानों और कर्मचारियों के समर्थन से बुलाया गया यह भारत बंद कई राज्यों में बैंक, स्कूल, कॉलेज और बाजारों की सेवाओं पर असर डाल सकता है। बता दें की किसान संगठन भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर गंभीर विरोध जता रहे हैं और इसका असर आम जनता तक पहुंचने की संभावना है। जानिए कौन-कौन प्रभावित हो सकता है और किन जगहों पर सावधानी बरतनी जरूरी है।
भारत बंद 2026 क्यों बुलाया गया?
भारत बंद 2026 इस बार 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच और किसानों के समर्थन से बुलाया गया है। इसमें प्रमुख यूनियनों जैसे इंटक, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी, टीयूसीसी, सेवाकर्मियों की यूनियन, एआईसीसीटीयू, एलपीएफ और यूटीयूसी शामिल हैं।
यूनियनों का कहना है कि,
पिछले साल लागू चार नए श्रम कोड 29 पुराने श्रम कानूनों की जगह लेकर कर्मचारियों के अधिकार कमजोर कर देते हैं, नौकरी की सुरक्षा कम कर देते हैं और नियोक्ताओं के लिए कर्मचारियों को आसानी से नौकरी से निकालना या नियुक्त करना आसान बना देते हैं।
इसके अलावा उन्होंने निजीकरण, वेतन और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी विरोध जताया है। यूनियनों की मांग है कि चार श्रम कोड्स, ड्राफ्ट बीज बिल, बिजली संशोधन बिल और शांति अधिनियम वापस लिया जाए, एमजीएनआरईजीए बहाल किया जाए और विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) 2025 को रद्द किया जाए।
भारत बंद से स्कूल, बैंक और परिवहन सेवाओं पर क्या होगा असर?
बता दें की 12 फरवरी 2026 को होने वाले भारत बंद से कुछ प्रमुख सेवाओं पर असर पड़ सकता है। हालाकी देशभर में स्कूल और कॉलेज बंद करने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, परंतु केरल, कर्नाटक और ओडिशा जैसे राज्यों में स्थानीय संगठनों के समर्थन या परिवहन बाधाओं की वजह से शिक्षण संस्थान बंद रह सकते हैं।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक शाखाएं भी हड़ताल के कारण बंद या सीमित सेवाओं के साथ खुल सकती हैं। प्रमुख बैंक यूनियनों ने कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया है, लेकिन ऑनलाइन बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चल सकती हैं। इसके अलावा, सार्वजनिक परिवहन कुछ क्षेत्रों में बाधित हो सकता है और रोड जाम या चक्का जाम की वजह से बाजार और दुकानें भी बंद रह सकती हैं।
सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति कम हो सकती है, लेकिन आपातकालीन सेवाएं जैसे अस्पताल और एंबुलेंस सामान्य रूप से काम करेंगी। हवाई अड्डे और अन्य आवश्यक सेवाएं भी खुली रहेंगी, लेकिन यात्रियों को समय से निकलने की सलाह दी जा रही है।
किसानों ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का किया कड़ा विरोध
बता दें की किसान संगठन जैसे संयुक्त किसान मोर्चा और अखिल भारतीय किसान सभा ने 12 फरवरी 2026 की हड़ताल का पूरा समर्थन किया है। उनका कहना है कि,
प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता भारतीय कृषि के लिए खतरा है और इससे डेयरी उत्पाद, पशु आहार, सोयाबीन तेल और अन्य कृषि आयातों के खुलने से घरेलू किसान नुकसान में रहेंगे।
SKM ने वाणिज्य मंत्री से इस्तीफा मांगा और आरोप लगाया कि किसानों को फ्री ट्रेड समझौतों में डेयरी उत्पादों को शामिल करने के मामले में गुमराह किया गया। वहीं, AIKS के नेता कृष्णा प्रसाद ने चेतावनी दी कि ऐसे समझौते लंबी अवधि में भारत की कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर असर डाल सकते हैं।
