मां लक्ष्मी की कृपा चाहिए तो अपनाएं ये आदत, सुबह किया गया छोटा सा काम बदल देगा आपकी किस्मत
Brahma Muhurta Benefits: क्या आप भी दिनभर भागदौड़ के बाद थककर गिर जाते हैं, लेकिन मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता? हो सकता है समस्या आपकी मेहनत में नहीं, आपकी सुबह में हो। शास्त्रों में बताए गए ब्रह्म मुहूर्त को सिर्फ धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि मानसिक शक्ति और सफलता से जोड़ा गया है। दिलचस्प बात यह है कि अब कई लाइफस्टाइल एक्सपर्ट भी सुबह जल्दी उठने को प्रोडक्टिविटी का राज बता रहे हैं।
ब्रह्म मुहूर्त क्यों माना जाता है लक्ष्मी कृपा का समय?
सुबह 4 से 5:30 बजे के बीच का समय ब्रह्म मुहूर्त कहलाता है। गौरतलब है कि इस दौरान वातावरण सबसे ज्यादा शांत होता है। ट्रैफिक नहीं, मोबाइल नोटिफिकेशन नहीं, बाहरी शोर नहीं। ऐसे में दिमाग स्वाभाविक रूप से ज्यादा साफ और स्थिर रहता है।
मान्यताओं के अनुसार, इस समय जागने वालों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा रहती है। खास बात है की इस वक्त की गई साधना और सकारात्मक सोच पूरे दिन की दिशा तय कर सकती है। हालाकी कई लोग इसे केवल धार्मिक मान्यता मानते हैं, लेकिन आधुनिक जीवनशैली विशेषज्ञ भी कहते हैं कि सूर्योदय से पहले का समय मानसिक स्पष्टता के लिए सबसे बेहतर होता है।
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क्यों खास माना जाता है ब्रह्म मुहूर्त का समय?
शास्त्रों में बताया गया है कि ब्रह्म मुहूर्त आत्मचिंतन, अध्ययन और साधना के लिए सबसे उत्तम समय होता है। इस दौरान मन शांत और दिमाग साफ रहता है। बता दें की इस समय हमारी एकाग्रता सामान्य समय से कहीं अधिक होती है। यही वजह है कि जो लोग इस समय उठकर अपने दिन की शुरुआत करते हैं, वे अक्सर ज्यादा फोकस्ड और सकारात्मक नजर आते हैं।
मंत्र और मेडिटेशन से मिलती है मानसिक ताकत
दिन की शुरुआत अगर शांत मन से हो, तो आधी समस्या वहीं खत्म हो जाती है। सुबह नहा-धोकर शांत जगह बैठें। आंखें बंद करें और मन को स्थिर करें। इसके बाद नवग्रहों और देवताओं का ध्यान करते हुए ‘ऊं ब्रह्म मुरारी…’ मंत्र का जाप करें।
जानकारों का मानना है कि नियमित मंत्र जाप दिमाग को अनावश्यक तनाव से मुक्त करता है। इससे मानसिक स्थिरता आती है और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। खास बात है की जब दिन की शुरुआत नियंत्रण और स्पष्टता से होती है, तो आत्मविश्वास अपने आप बढ़ जाता है।
कर दर्शन की परंपरा से बढ़ता है आत्मविश्वास
सुबह आंख खुलते ही अपनी हथेलियों को जोड़कर देखना कर दर्शन कहलाता है। मान्यता है कि हथेलियों के अग्रभाग में मां लक्ष्मी, मध्य में मां सरस्वती और मूल में भगवान विष्णु का वास होता है।
जब आप ‘कराग्रे वसते लक्ष्मी…’ मंत्र पढ़ते हैं, तो यह केवल धार्मिक क्रिया नहीं होती। यह खुद को याद दिलाने का तरीका है कि आपके कर्म ही आपकी तकदीर बनाते हैं। यह छोटी सी शुरुआत दिनभर के आत्मविश्वास को मजबूत कर सकती है।
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देर तक सोना क्यों माना जाता है अशुभ?
सूरज निकलने के बाद तक बिस्तर में पड़े रहना शरीर की लय को धीमा कर देता है। ऐसे लोग अक्सर आलस और चिड़चिड़ेपन का अनुभव करते हैं। हालाकी हर व्यक्ति की दिनचर्या अलग होती है, लेकिन परंपराओं में देर तक सोने को ऊर्जा की कमी से जोड़ा गया है।
इसके उलट जो लोग ब्रह्म मुहूर्त में उठते हैं, वे दिन की शुरुआत बढ़त के साथ करते हैं। मान्यता है कि ऐसे लोगों पर मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बनी रहती है। लेकिन इसे केवल आध्यात्मिक नजरिए से ही नहीं, अनुशासन और आत्मनियंत्रण के प्रतीक के रूप में भी समझा जा सकता है।
आखिरकार, सुबह का एक घंटा आपकी पूरी जिंदगी की दिशा बदल सकता है। सवाल यह नहीं है कि ब्रह्म मुहूर्त सच है या नहीं। असली सवाल यह है कि क्या आप अपनी सुबह को अपने पक्ष में करना चाहते हैं। अगर हां, तो कल से अलार्म थोड़ा जल्दी लगाइए। फर्क आपको खुद महसूस होगा।
