बक्सर से बड़ी खबर! जदयू नेता अरुण पहलवान समेत 7 गिरफ्तार, मवेशियों से भरा ट्रक जब्त; पुलिस ने किया पूरा गैंग बेनकाब

बक्सर से बड़ी खबर! जदयू नेता अरुण पहलवान समेत 7 गिरफ्तार, मवेशियों से भरा ट्रक जब्त; पुलिस ने किया पूरा गैंग बेनकाब

बक्सर से बड़ी खबर! सोमवार शाम पुलिस ने ऐसी कार्रवाई की है जिसने पूरे जिले में हलचल मचा दी है। करगहर थाना पुलिस ने बाजार इलाके में वाहन जांच के दौरान 37 मवेशियों से भरा ट्रक पकड़ लिया। खास बात है कि इस मामले (Buxar Cattle Smuggling Case) में जदयू के बक्सर जिला उपाध्यक्ष अरुण यादव उर्फ अरुण पहलवान सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से मवेशियों की अवैध ढुलाई कर रहा था।

Buxar Cattle Smuggling Case में करगहर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

बता दें कि Buxar Cattle Smuggling Case की पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। करगहर थाना की टीम का कहना है कि यह कोई छोटी-मोटी घटना नहीं बल्कि पशु तस्करी के बड़े नेटवर्क को खत्म करने की दिशा में बड़ी कामयाबी है। गिरफ्तार आरोपियों में अरुण यादव उर्फ अरुण पहलवान (जदयू के बक्सर जिला उपाध्यक्ष), मोहम्मद मुस्तफा (चौसा की पूर्व मुखिया का बेटा), विजय कुमार चौधरी, अरशद अहमद और रोहतास के मुरादाबाद निवासी मिन्हास शामिल हैं।

Buxar Cattle Smuggling Case accuse

मिली जानकारी के मुताबिक इनमें से एक आरोपी ने फर्जी दस्तावेज़ों के आधार पर बिहार पुलिस में नौकरी भी कर ली थी और उस पर रंगदारी के कई पुराने मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से चौसा और रोहतास के इलाकों में सक्रिय था और मवेशियों की अवैध ढुलाई कर उन्हें पड़ोसी राज्यों तक पहुंचाता था। गौरतलब है कि चौसा पशु मेला इस नेटवर्क का हॉटस्पॉट बना हुआ था, जहां से सबसे ज्यादा पशु तस्करी की घटनाएं सामने आती हैं।

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फिलहाल, सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और पुलिस इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। एसडीपीओ कुमार वैभव ने साफ कहा है कि जल्द ही इस गैंग के बाकी सदस्यों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।

जदयू नेता की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अलर्ट, बड़े खुलासों के संकेत

सासाराम एसडीपीओ कुमार वैभव ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि चौसा पशु मेले से अवैध तरीके से मवेशियों की ढुलाई की जा रही थी। उन्होंने साफ कहा कि इस पूरे गिरोह की जांच की जाएगी और जो भी लोग इस नेटवर्क से जुड़े पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। गौरतलब है कि बिहार के कई जिलों में पशु तस्करी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। खासकर बक्सर, चौसा और रोहतास इलाकों से मवेशियों को अवैध तरीके से झारखंड और पश्चिम बंगाल भेजने की घटनाएं बढ़ी हैं।

हालांकि स्थानीय प्रशासन इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चला रहा है। बता दें की बक्सर जिले में यह मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। लोगों का कहना है कि जब जदयू नेता जैसे बड़े पद पर बैठे लोग इस तरह के काम में शामिल पाए जाते हैं, तो कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।

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हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों में संतोष भी है कि प्रशासन सख्ती दिखा रहा है। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। आपको बता दें कि जांच में कई और नाम सामने आ सकते हैं। पुलिस का दावा है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। बहरहाल इस कार्रवाई से यह साफ हो गया है कि पुलिस अब किसी को भी बख्शने के मूड में नहीं है, चाहे वह नेता हो या आम व्यक्ति।

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