बक्सर में होटल पार्टी बनी आफत, लाइसेंसी राइफल से फायरिंग, होटल मालिक समेत 3 गिरफ्तार

बक्सर में होटल पार्टी बनी आफत, लाइसेंसी राइफल से फायरिंग, होटल मालिक समेत 3 गिरफ्तार

Buxar Hotel Firing Case: बक्सर जिले में शनिवार रात एक जश्न उस वक्त भारी पड़ गया, जब होटल में पार्टी के दौरान खुलेआम हथियार लहराए गए और फायरिंग कर दी गई। खास बात है कि मामला लाइसेंसी हथियार का था, लेकिन फिर भी कानून ने किसी को नहीं छोड़ा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई में होटल मालिक समेत तीन युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। आइए जानते हैं पूरा मामला विस्तार से।

Buxar Hotel Firing Case: होटल पार्टी में हर्ष फायरिंग, पुलिस ने की सख्त कार्रवाई

गौरतलब है कि यह घटना बक्सर जिले के कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र की है। थाना क्षेत्र के कृतसागर गांव के पास स्थित होटल दियरांचल में शनिवार रात कुछ लोग पार्टी मना रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने लाइसेंसी राइफल निकालकर फायरिंग कर दी।

हालाकी पार्टी निजी बताई जा रही थी, लेकिन अचानक हुई गोलीबारी से आसपास के लोग दहशत में आ गए। किसी स्थानीय व्यक्ति ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी, जिसके बाद पूरी घटना का पर्दाफाश हुआ।

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सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस

जैसे ही पुलिस को होटल में फायरिंग की सूचना मिली, कृष्णाब्रह्म थाना की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने होटल की तलाशी ली तो वहां से 315 बोर की लाइसेंसी राइफल बरामद हुई। इसके साथ ही मौके से कुछ खोखे भी मिले, जिससे फायरिंग की पुष्टि हो गई।

खास बात है कि पुलिस के पहुंचने तक पार्टी का माहौल पूरी तरह बदल चुका था, लेकिन सबूत अपने आप कहानी बयां कर रहे थे।

कौन हैं गिरफ्तार आरोपी?

पुलिस ने इस मामले में कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

1.पप्पू यादव: पुलिस के अनुसार फायरिंग के लिए इस्तेमाल की गई राइफल रहथुआ निवासी पप्पू यादव अपने साथ लेकर आया था।

2.अभिषेक पांडेय: डुमरांव निवासी अभिषेक पांडेय मौके पर मौजूद था और पार्टी का हिस्सा था।

3.मनोज यादव: मनोज यादव सरौरा के निवाशी है। जो होटल दियरांचल के संचालक है। पुलिस ने घटना के बाद इन्हें भी हिरासत में ले लिया है।

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होटल मालिक की सफाई, लेकिन पुलिस नहीं मानी

होटल मालिक मनोज यादव लगातार सफाई देते रहे कि उनका इस फायरिंग से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी निजी थी और उन्हें फायरिंग की जानकारी नहीं थी।

हालाकी पुलिस का साफ कहना है कि जब होटल परिसर में हर्ष फायरिंग हो रही थी, तो होटल प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती थी कि वह तुरंत पुलिस को सूचना देता। इसी लापरवाही के चलते होटल मालिक को भी आरोपी बनाया गया।

थानाध्यक्ष का बयान: लाइसेंस पिता के नाम

इस पूरे मामले पर कृष्णाब्रह्म थाना अध्यक्ष संदीप कुमार ने बताया कि बरामद राइफल का लाइसेंस पप्पू यादव के पिता के नाम था। बावजूद इसके, हथियार का गलत इस्तेमाल किया गया, जो कानूनन अपराध है।

उन्होंने बताया कि राइफल को जब्त कर लिया गया है और तीनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

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गौरतलब है कि बिहार में हर्ष फायरिंग को लेकर कानून बेहद सख्त है। चाहे हथियार लाइसेंसी ही क्यों न हो, सार्वजनिक या निजी कार्यक्रम में फायरिंग करना अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में जेल और जुर्माने दोनों का प्रावधान है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, होटल दियरांचल पहले भी देर रात पार्टियों को लेकर चर्चा में रहा है। हालांकि इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन अब होटल और ढाबों पर कड़ी नजर रखने की तैयारी में है।