बक्सर में 1700 करोड़ की दो बड़ी परियोजनाओं का उद्घाटन, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
बक्सर जिले में उद्योग जगत की हलचल ने नया रूप ले लिया है। बता दें की एक ही दिन में लगभग 1,700 करोड़ रुपये की लागत से दो बड़ी औद्योगिक इकाइयों का भव्य उद्घाटन किया गया। इन परियोजनाओं से न सिर्फ जिले और राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी, बल्कि हजारों युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
ब्रह्मपुर में 500 करोड़ की सीमेंट यूनिट
बक्सर के ब्रह्मपुर औद्योगिक क्षेत्र में (Buxar Industrial Development) 500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित जेके सीमेंट की अत्याधुनिक सीमेंट यूनिट अब पूरी तरह से चल रही है, जो 100 एकड़ में फैली हुई है और इसकी उत्पादन क्षमता तीन मिलियन टन प्रति वर्ष है। इससे बिहार और आसपास के राज्यों में उच्च गुणवत्ता वाले सीमेंट की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
पहले कंपनी को प्रयागराज स्थित इकाई से सप्लाई करनी पड़ती थी, जिससे समय और लागत दोनों अधिक लगते थे, लेकिन अब स्थानीय उत्पादन शुरू होने से परिवहन लागत घटेगी और निर्माण कार्यों में तेजी आएगी। इससे न सिर्फ बड़े निर्माण प्रोजेक्ट्स को बल मिलेगा, बल्कि राज्य के रियल एस्टेट और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं को भी मजबूती मिलेगी।
बक्सर के नावानगर में 1,200 करोड़ रुपये की लागत से 65 एकड़ में बना कोका-कोला का अत्याधुनिक बोतल भराई संयंत्र अब चालू हो गया है। यह संयंत्र रोजाना 3.24 लाख केस तक उत्पादन करने की क्षमता रखता है, जिससे पूरे क्षेत्र में सप्लाई और कारोबार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। इस इकाई का निर्माण कोका-कोला की फ्रेंचाइजी SLMG बेवरेजेज प्राइवेट लिमिटेड ने कराया है।
बताया जा रहा है कि यह दक्षिण एशिया के बड़े और आधुनिक संयंत्रों में गिना जाएगा, साथ ही बिहार का पहला ऐसा संयंत्र है। इसके शुरू होने से करीब एक हजार लोगों को सीधा रोजगार और हजारों को अप्रत्यक्ष काम मिलने की संभावना है, जिससे स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही नौकरी का मौका मिलेगा और पलायन में कमी आ सकती है।
उद्घाटन के दौरान उद्योग मंत्री की मौजूदगी में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आधारभूत ढांचा तैयार किया गया और अब बेहतर माहौल में उद्योग, व्यापार और कारोबार को नई गति मिल रही है।
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के संकल्प को मजबूती
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि,
बक्सर में शुरू हुई ये बड़ी औद्योगिक पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस संकल्प को और मजबूत करती है, जिसमें बिहार को औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना लक्ष्य है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब राज्य के युवाओं को नौकरी की तलाश में बाहर भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि अपने ही जिले में अवसर मिलेंगे। करीब 1700 करोड़ रुपये का यह निवेश सिर्फ कारखानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे इलाके की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देगा।
इससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, परिवहन और भंडारण क्षेत्र में तेजी आएगी, छोटे और मध्यम उद्योगों को सहारा मिलेगा और युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। बक्सर अब केवल इतिहास या खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में भी पहचान बनाएगा।
