85 लाख में चमकेगा बक्सर! CM के हाथों होगा लाइट एण्ड साउन्ड का भव्य उद्घाटन, लेजर शो में दिखेगा रामायण
Buxar Light and Sound: बक्सर अब सिर्फ इतिहास के लिए नहीं, बल्कि हाईटेक लेजर शो के लिए भी पहचाना जाएगा। 85 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रहा नया लाइट एण्ड साउन्ड केंद्र शहर की तस्वीर बदलने वाला है। बता दें कि 10 मार्च को मुख्यमंत्री के संभावित आगमन के बीच प्रशासन ने तैयारियों की रफ्तार तेज कर दी है। दावा है कि रामायण की भव्य लेजर प्रस्तुति और आधुनिक सुविधाएं इसे बेहद खास बना देंगी। ऐसे में आइए जानते है पूरा प्लान और क्यों बढ़ी लोगों की उत्सुकता?
आधुनिक तकनीक से जगमगाएगा बक्सर का लाइट एण्ड साउन्ड
बता दें कि मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और इसी वजह से शहर स्थित लाइट एण्ड साउन्ड केंद्र के सौंदर्यीकरण और पुनरुद्धार का काम तेज रफ्तार से चल रहा है। करीब 85 लाख रुपये की लागत से इस केंद्र को बिल्कुल नया और आधुनिक रूप दिया जा रहा है, ताकि यह बक्सर की पहचान बन सके।
हालाकी यह परियोजना पहले भी चर्चा में रही है, लेकिन इस बार प्रशासन ने इसे प्राथमिकता सूची में रखकर कई बार परीक्षण संचालन भी कर लिया है। गौरतलब है कि पदभार संभालने के बाद नई जिलाधिकारी ने खुद मौके पर पहुंचकर कार्यों की समीक्षा की और गुणवत्ता को लेकर सख्त निर्देश दिए।
अब योजना है कि इस भव्य ध्वनि एवं प्रकाश केंद्र (Buxar Light and Sound) का लोकार्पण मुख्यमंत्री के हाथों कराया जाए, जिससे बक्सर को एक नई सांस्कृतिक सौगात मिल सके।
लेजर शो में दिखेगी रामायण की भव्य झलक
इस बार लाइट एण्ड साउन्ड केंद्र को पूरी तरह आधुनिक रूप दिया जा रहा है, जहां लेजर शो के जरिए रामायण की भव्य कथा दिखाई जाएगी। आध्यात्मिक भावनाओं और नई तकनीक का ऐसा संगम दर्शकों को अलग ही अनुभव देगा।
यह केंद्र सिर्फ शो तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ध्वनि और प्रकाश प्रभावों के माध्यम से बक्सर के गौरवशाली इतिहास, धार्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत को डिजिटल रूप में प्रस्तुत किया जाएगा, जिससे नई पीढ़ी अपने अतीत से जुड़ सकेगी।
रंगमंच, लॉन और आधुनिक सुविधाएं
परिसर के बीच एक सुसज्जित रंगमंच बनाया जा रहा है, जहां नाटक, सांस्कृतिक कार्यक्रम और अन्य आयोजन होंगे। चारों ओर हरियाली से भरे लॉन, फूलों की क्यारियां और सुंदर लैंडस्केपिंग इसे और आकर्षक बनाएंगी। आधुनिक रोशनी के साथ शाम के समय यह स्थल शहर की पहचान बनने की ओर बढ़ेगा।
यहां करीब 200 लोगों के बैठने की व्यवस्था, आरामदायक कुर्सियां, पर्याप्त पार्किंग के साथ-साथ विशिष्ट अतिथियों के लिए अलग विशेष लाउंज, सुरक्षा कक्ष और जरूरी कक्ष भी बनाए जा रहे हैं।
बता दें कि पहले भी लाइट एण्ड साउन्ड केंद्र के जीर्णोद्धार पर धनराशि खर्च की गई थी, लेकिन तब उम्मीद के मुताबिक नतीजे सामने नहीं आ सके थे। हालाकी इस बार जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ वास्तुविद की सीधी निगरानी में काम शुरू कराया है और पहले से ही एक सुनियोजित खाका तैयार किया गया है।
सहायक वास्तुविद अनमोल रतन के मुताबिक,
स्वीकृत नक्शे और स्थल योजना के अनुसार निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसमें गुणवत्ता को सबसे ऊपर रखा गया है, ताकि यह केंद्र लंबे समय तक उपयोगी बना रहे।
वहीं नगर परिषद के कार्यपालक अभियंता राजन कुमार, सहायक अभियंता वंदना कुमारी और कनीय अभियंता प्रतीक कुमार की देखरेख में सिविल कार्य तेज रफ्तार से चल रहा है। प्रशासन का कहना है कि सभी काम तय समय सीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएंगे।
क्या बदलेगी बक्सर की सांस्कृतिक पहचान?
स्थानीय लोगों का मानना है कि,
लाइट एण्ड साउन्ड केंद्र बक्सर को एक नई सांस्कृतिक ऊंचाई देने की पूरी क्षमता रखता है। पहले भी इस केंद्र से उम्मीदें जुड़ी थीं, लेकिन इस बार भरोसा है कि यह परियोजना अपने असली उद्देश्य को पूरा करेगी। आधुनिक तकनीक, रामायण आधारित प्रस्तुति और बेहतर सुविधाओं के साथ यह केंद्र न सिर्फ मनोरंजन का साधन बनेगा, बल्कि बक्सर के इतिहास, संस्कृति और धार्मिक महत्व को भी मजबूती से सामने लाएगा।
बता दें की अगर सब कुछ योजना के मुताबिक रहा, तो आने वाले समय में यह ध्वनि एवं प्रकाश केंद्र सिर्फ एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि बक्सर शहर की नई पहचान और पर्यटन विकास का बड़ा माध्यम बन सकता है।
