₹655 करोड़ के Corona Remedies IPO पर सबकी नजर, क्या मिलेगा लिस्टिंग गेन या होगा नुकसान? जानिए ताज़ा रुझान
Corona Remedies IPO: कोरोना रेमेडीज़ का IPO आज (8 दिसंबर) सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है और मार्केट में चर्चा तेज है। खास बात है की यह पूरा इश्यू ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है। यानी कंपनी को सीधे कोई नया पैसा नहीं मिलेगा, फिर भी GMP ने शेयरों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। हालाकि GMP अनौपचारिक संकेत है, मगर निवेशक इसे पारंपरिक दृष्टि से देखें तो लिस्टिंग-गेन की उम्मीद कर रहे हैं।
Corona Remedies IPO: कीमत, GMP, Lot Size और अहम तिथिया
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| IPO प्रकार | OFS |
| कुल आकार | ₹655.37 करोड़ |
| प्राइस-बैंड | ₹1,008 – ₹1,062 प्रति शेयर |
| GMP (अनौपचारिक) | ₹290 – ₹365 (लगभग 25–30%) |
| न्यूनतम लॉट | 14 शेयर |
| रिटेल अधिकतम | 182 शेयर |
| कर्मचारी छूट | ₹54 प्रति शेयर |
| सब्सक्रिप्शन तिथियाँ | 8–10 दिसंबर 2025 |
| ऑलॉटमेंट | 11 दिसंबर 2025 |
| लिस्टिंग | 15 दिसंबर 2025 (संभावित) |
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ऑफर का असली मकसद और निवेशकों के लिए जरूरी बातें
जैसा की Corona Remedies IPO ऑफर फॉर सेल है, कंपनी के काम काज में नई पूंजी नहीं जुड़ने वाली, जिसकी वजह से प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी थोड़ी कम करेंगे। ऐसे में निवेशकों को फैसले से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, ब्रांड पोर्टफोलियो, कारोबार का फैलाव और बाज़ार में इसकी कीमत का मुकाबला किन कंपनियों से होता है, यह सब जरूर देखना चाहिए।
विशेषज्ञ मानते हैं कि Corona Remedies की बढ़त और कमाई का ग्राफ अच्छा है, पर इसकी कीमत थोड़ी ज्यादा मानी जा रही है, इसलिए लंबे समय के नजरिए से निवेश करें तो बेहतर रहेगा। अगर कोई केवल कम समय के लिस्टिंग फायदे को देख रहा है तो प्राइस-बैंड और GMP देखकर फैसला कर सकता है, लेकिन ध्यान रखें कि GMP पूरी तरह अनौपचारिक होता है।
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लंबी अवधि वाले निवेशकों को Corona Remedies की वित्तीय सेहत, मुनाफे का मार्जिन और ब्रांड की डॉक्टरों तक पहुंच जैसी चीजों पर नजर रखनी चाहिए। वहीं, अगर आप कर्मचारी श्रेणी से आवेदन कर रहे हैं तो आरक्षित कोटा पर मिलने वाली बोनस छूट को जरूर जोड़कर देखें, यह अलॉटमेंट में मदद कर सकती है।
