सुबह खाली पेट खाएं कढ़ी पत्ते, बाल काले करने से लेकर मर्दाना ताकत बढ़ाने तक में असरदार
Curry Patta Benefits: भारत में हर घर की रसोई में मसाले, सब्ज़ी, ड्राई फ्रूट और फल का खास महत्व होता है, लेकिन कुछ चीज़ें ऐसी होती हैं जिन्हें हम रोज़ देखते हैं और उनकी ताकत को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। करी पत्ता भी उन्हीं में से एक है।
मीठी नीम भी से चर्चित करी पत्ता का आयुर्वेद में काफी गुणकारी माना गया है। लेकिन आज के समय में ज़्यादातर लोग इसे सिर्फ खानें तक सीमित मानते हैं, ऐसे में आइए इस लेख में हम करी पत्ता के कुछ बेहतरीन फायदे जानते हैं।
मीठी नीम क्यों है सेहत के लिए खास?
बता दें कि मीठी नीम यानी करी पत्ता भारत में हिमालयी इलाकों को छोड़कर लगभग हर जगह पाया जाता है और यह एक सदाबहार झाड़ीदार पौधा है, जो साल भर हरा-भरा रहता है। खास बात है कि इसे छोटे गमले में घर पर भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे एक परिवार की रोज़मर्रा की ज़रूरत पूरी हो जाती है।
गौरतलब है कि करी पत्ते की पत्तियों में एक खास तरह की प्राकृतिक खुशबू होती है, जो इसमें मौजूद औषधीय तेलों के कारण आती है। यही गुण इसे सेहत के लिए बेहद उपयोगी बनाते हैं।
ये भी पढ़ें: हल्की ठंड में भी लग रही है कंपकपी, वजह सिर्फ मौसम नहीं, शरीर में इन विटामिन की कमी हो सकती है वजह
करी पत्ते में मौजूद पोषक तत्व
करी पत्ता विटामिन बी1, बी3, बी9 और विटामिन सी से भरपूर होता है। इसके अलावा इसमें आयरन, कैल्शियम और फॉस्फोरस भी पाया जाता है। यही वजह है कि इसका नियमित सेवन बालों, पाचन और त्वचा के लिए लाभकारी माना जाता है।
Curry Patta Benefits: मीठी नीम के औषधीय फायदे
उच्च रक्तचाप से परेशान लोग अगर रोज़ सुबह खाली पेट सात से आठ करी पत्ते चबाकर खाएं, तो रक्तचाप नियंत्रित रहने में मदद मिलती है। वहीं शाम के समय करी पत्ता चबाने से शरीर में स्फूर्ति आती है और थकान दूर होती है, क्योंकि यह प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है।
पेचिश और अतिसार में लाभकारी
बहुत कम लोग जानते हैं कि दस्त या पेचिश की स्थिति में करी पत्तों को हल्के पानी में उबालकर उसका पानी पीने से जल्दी राहत मिलती है। अतिसार में ताज़े हरे करी पत्तों का अर्क भी काफी लाभकारी माना जाता है।
आंखों के लिए बेहद फायदेमंद
मीठी नीम यानी करी पत्ता आंखों की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। रतौंधी या आंखों की कमजोरी होने पर इसकी सूखी पत्तियों (Dry Curry Leaves) का चूर्ण रोज़ लगभग दो ग्राम पानी के साथ लेने से लाभ मिलता है।
मर्दाना ताकत बढ़ाने में सहायक
मीठी नीम मर्दाना ताकत बढ़ाने में भी सहायक है। Curry Patta की छाल या जड़ का एक ग्राम चूर्ण दूध में उबालकर मिश्री मिलाकर पीने से यौन शक्ति में वृद्धि होती है और शरीर मजबूत बनता है।
बहुत कम लोग जानते हैं कि करी पत्ते के बीज का तेल एक्जिमा और पुराने घावों में भी कारगर है, क्योंकि यह घावों को सुखाने और संक्रमण से बचाने में मदद करता है।
ये भी पढ़ें: सर्दी-खांसी, गैस या हो कमजोर इम्युनिटी, ये आयुर्वेदिक नुस्खा कई रोगों मे है असरदार
घने और काले बालों के लिए करी पत्ता
अगर आपके बाल तेज़ी से झड़ रहे हैं या समय से पहले सफ़ेद होने लगे हैं, तो सूखे करी पत्तों का पाउडर बनाकर करीब दो सौ मिलीलीटर नारियल या जैतून के तेल में चार से पाँच चम्मच मिलाकर हल्का उबाल लें। ठंडा होने के बाद इसे छानकर रोज़ रात बालों की जड़ों में लगाने से कुछ ही हफ्तों में बाल मज़बूत और घने होने लगते हैं।
वहीं, सफ़ेद बालों के लिए करी पत्तों का पेस्ट बनाकर उसमें थोड़ा दही मिलाएं और बीस से पच्चीस मिनट बालों में लगाकर धो लें। करी पत्तों को दूध के साथ पीसकर सिर की त्वचा पर लगाने से रूसी कम होती है और बालों का झड़ना भी धीरे-धीरे रुकने लगता है। नियमित इस्तेमाल से बालों में नई जान आना तय है।
करी पत्ता से चेहरे पर आएगा नेचुरल ग्लो
अगर चेहरे की चमक फीकी पड़ गई है और पिंपल्स बार-बार परेशान कर रहे हैं, तो करी पत्तों का पाउडर (Curry Patta Powder), गुलाब जल और मुल्तानी मिट्टी के साथ मिलाकर बनाया गया फेस पैक चेहरे की रूखापन, बारीक लकीरें और मुरझाई हुई रंगत को धीरे-धीरे दूर करता है।
वहीं ताज़ी हरी करी पत्तियों को पीसकर उसमें थोड़ा नींबू का रस मिलाकर पिंपल्स पर लगाने से कुछ ही दिनों में मुंहासों की सूजन कम होने लगती है और त्वचा साफ नज़र आने लगती है। खास बात है कि यह देसी नुस्खा पूरी तरह प्राकृतिक है और नियमित इस्तेमाल से चेहरे पर नेचुरल चमक लौट आती है।
ये भी पढ़ें: सड़क किनारे उगने वाला ये पौधा कर देता है कई रोगों का सत्यानाश, लेकिन एक गलती ले सकती है जान
गौरतलब है कि करी पत्ता सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला मसाला नहीं, बल्कि एक संपूर्ण आयुर्वेदिक औषधि है। सही तरीके से और नियमित इस्तेमाल किया जाए, तो यह बाल, त्वचा और सेहत तीनों के लिए चमत्कारी साबित हो सकता है।