अब 2 घंटे में पूरा होगा पटना से बक्सर का सफर, भारत का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार
Danapur Bihta Koilwar Elevated Corridor: पटना से बक्सर का सफर अब इतिहास बनने वाला है। रोज़ाना जाम, घंटों की देरी और ट्रैफिक की परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर के चालू होते ही सफर न सिर्फ तेज़ होगा, बल्कि सुरक्षित और आरामदायक भी बनेगा। खास बात है कि यह कॉरिडोर देश का सबसे लंबा एलिवेटेड रोड बनने जा रहा है।
कब शुरू होगा दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर?
दानापुर-बिहटा-कोइलवर एलिवेटेड कॉरिडोर पर जून 2027 से वाहनों का आवागमन शुरू हो जाएगा। इसके शुरू होते ही पटना से बक्सर की दूरी महज दो घंटे में तय की जा सकेगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक अरबिंद कुमार ने बताया है कि,
यह कॉरिडोर भारत का सबसे लंबा एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। अब तक करीब 45 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि बाकी 55 प्रतिशत कार्य जून 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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बता दें की अरबिंद कुमार ने दानापुर में परियोजना स्थल का निरीक्षण किया और इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ शब्दों में समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के सख्त निर्देश भी दिए हैं।
सिर्फ 15 मिनट में पटना से बिहटा
बता दें कि एलिवेटेड कॉरिडोर के शुरू होते ही पटना से बिहटा का सफर महज 15 मिनट में पूरा हो सकेगा, जो अब तक घंटों लग जाया करता था। यह सुविधा खास तौर पर बिहटा हवाई अड्डा जाने वाले यात्रियों, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान बिहटा में पढ़ने वाले छात्रों और रोज़ाना दफ्तर आने-जाने वाले कर्मचारियों के लिए बेहद राहतभरी साबित होगी।
हालांकि पटना और बिहटा के बीच एक टोल प्लाजा बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि ट्रैफिक को व्यवस्थित और सुचारू रखा जा सके।
25 किलोमीटर लंबा होगा Danapur Bihta Koilwar Elevated Corridor
गौरतलब है कि दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर एक बड़ा और अहम प्रोजेक्ट है, जिसकी कुल लंबाई करीब 25 किलोमीटर होगी। इसमें लगभग 18 किलोमीटर ऊंची सड़क बनाई जा रही है, जबकि शेष 7 किलोमीटर बाइपास मार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा।
इस कॉरिडोर पर दानापुर स्टेशन, रेलवे ओवरब्रिज, सगुनामोड़ और बिहटा में एप्रोच रोड की सुविधा मिलेगी, जिससे लोगों का आना-जाना और भी आसान होगा। परियोजना पूरी होने के बाद इसकी अनुमानित लागत करीब 1,969 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य पटना और पश्चिमी बिहार के बीच यातायात को सुगम, सुरक्षित और तेज़ बनाना है, ताकि रोज़ाना लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिल सके।
एलिवेटेड रोड के नीचे भी चलेगी चार लेन सड़क
इस परियोजना के पूरा होने के बाद लोगों को सफर में बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि जो वाहन चालक सीधे पटना से बिहटा जाना चाहेंगे वे ऊपर बनी एलिवेटेड सड़क से तेज़ी से निकल सकेंगे, जबकि अन्य लोग नीचे बनी चार लेन बाइपास सड़क का इस्तेमाल कर अपनी मंज़िल तक पहुंच पाएंगे।
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यह परियोजना साल 2024 में शुरू की गई थी, जिसका मुख्य मकसद पटना-बिहटा मार्ग पर रोज़ लगने वाले भारी जाम से लोगों को निजात दिलाना है। खास बात है कि फिलहाल इस सड़क पर दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, छात्र, मरीज और व्यापारी सबसे ज्यादा परेशान रहते हैं।
एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से न सिर्फ बिहटा हवाई अड्डे तक सीधी और आसान कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि औद्योगिक इलाकों और शिक्षण संस्थानों तक पहुंच भी सरल हो जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र के विकास को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।