दार्जिलिंग में भारी बारिश से तबाही, भूस्खलन में 17 की मौत, सिक्किम से टूटा संपर्क

दार्जिलिंग में भारी बारिश से तबाही, भूस्खलन में 17 की मौत, सिक्किम से टूटा संपर्क

Darjeeling Landslide 2025: दार्जिलिंग में एक बार फिर प्रकृति ने अपना कहर बरपाया है। बीती रात उत्तर बंगाल के इस पर्यटन स्थल पर हुई भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन (Landslide in Darjeeling) हुआ, जिसमें अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र मिरीक और सुखिया पोखरी बताए जा रहे हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है।

पर्यटकों के लिए बढ़ीं मुश्किलें, कई रास्ते बंद (Darjeeling Landslide 2025)

बता दें कि भूस्खलन (Darjeeling Landslide 2025) के कारण दार्जिलिंग और सिक्किम को जोड़ने वाली मुख्य सड़कें पूरी तरह अवरुद्ध हो गई हैं। इसके अलावा दार्जिलिंग-सिलीगुड़ी मार्ग पर भी यातायात ठप है। हर साल दुर्गा पूजा के बाद कोलकाता और बंगाल के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं, जिनमें से कई अब इस प्राकृतिक आपदा में फंसे हुए हैं।

पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गोरखालैंड टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (GTA) ने सभी प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे टाइगर हिल और रॉक गार्डन को फिलहाल बंद कर दिया है। वहीं, दार्जिलिंग की प्रसिद्ध टॉय ट्रेन सेवा को भी निलंबित कर दिया गया है।

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प्रशासन अलर्ट पर, जारी की गई हेल्पलाइन

खास तौर पर प्रशासन ने निवासियों और पर्यटकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से यात्रा न करें और मौसम की जानकारी लगातार लेते रहें। बंगाल पुलिस ने फंसे हुए लोगों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 9147889078 जारी किया है।

दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर घटना पर चिंता जताई। उन्होंने कहा,“भारी बारिश के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है। मैं स्थिति पर नजर बनाए हुए हूं और प्रशासन से लगातार संपर्क में हूं।”

उत्तर बंगाल और सिक्किम में रेड अलर्ट जारी

उत्तर बंगाल और सिक्किम में मौसम का कहर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट पहले ही जारी कर रखा था और अब सिक्किम में दो रेड अलर्ट भी जारी किए गए हैं। इन चेतावनियों में बिजली कड़कने, तेज हवाएं और लगातार भारी बारिश का खतरा बताया गया है।

विभाग के अनुसार, यह बारिश का सिलसिला 7 अक्टूबर तक जारी रह सकता है, जिससे फ्लैश फ्लड (Flash Flood in North Bengal) का जोखिम भी बढ़ गया है। जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूच बिहार जैसे इलाकों में पानी भरने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी जा रही है।

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नेपाल में भी असर, 22 लोगों की मौत

दार्जिलिंग से सटे नेपाल के इलाकों में भी भारी नुकसान की खबर है। वहां बीते 36 घंटों में 22 लोगों की मौत हुई है। नदियां उफान पर हैं, पुल और सड़कें बह गई हैं। दृश्य बेहद भयावह हैं, जिनसे साफ है कि यह बारिश सिर्फ एक मौसमीय घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर प्राकृतिक आपदा बन चुकी है।

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