देश में बदल गया पेट्रोल पंप का नियम, अब पहले पैसा फिर मिलेगा तेल, जानिए पूरा मामला
अगर आप पेट्रोल पंप पर जाते हैं, तो अब आपको बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। देश के कई हिस्सों में बिना पहले पैसे दिए पेट्रोल-डीजल नहीं मिल रहा है। अचानक बदले इस नियम ने डीलरों के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति में आई परेशानी के कारण यह कदम उठाया गया है।
क्यों लिया गया एडवांस पेमेंट का फैसला?
सरकारी तेल कंपनियों ने अब पेट्रोल पंपों को उधार पर ईंधन देना बंद (Fuel Credit Stopped in India) कर दिया है। इसमें इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (IOCL), हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) और भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। बता दें कि ये तीनों मिलकर देश के करीब 1 लाख पेट्रोल पंपों तक ईंधन पहुंचाती हैं।
पहले पंप मालिकों को 3 से 5 दिन तक उधार पर तेल मिल जाता था और बाद में भुगतान किया जाता था, लेकिन अब इस सुविधा को फिलहाल रोक दिया गया है। इसके पीछे की बड़ी वजह मानी जा रही है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में चल रहे तनाव और ईरान से जुड़े हालात के चलते कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे भारत जैसे बड़े तेल उपभोक्ता देश पर दबाव बढ़ गया है।
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पेट्रोल पंप और कारोबार पर क्या होगा असर?
इस फैसले का सीधा असर पेट्रोल पंप संचालकों पर पड़ रहा है। अब उन्हें पहले से पैसा जमा करना होगा, तभी वे तेल खरीद पाएंगे। इससे उनकी रोजमर्रा की कैश फ्लो पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, कुछ बैंक आधारित फाइनेंस सुविधा अभी भी जारी है, जिसमें बैंक की गारंटी पर 15 से 30 दिन तक ईंधन मिल सकता है। लेकिन हर डीलर के लिए यह विकल्प आसान नहीं है।
दिल्ली और अन्य राज्यों के पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वे पहले से इस बदलाव की उम्मीद कर रहे थे। उनका मानना है कि यह कदम उन डीलरों पर नियंत्रण रखने के लिए भी है, जो समय पर भुगतान नहीं करते थे।
किसानों और उद्योगों पर भी पड़ सकता है असर
इस बदलाव का असर सिर्फ पेट्रोल पंप तक सीमित नहीं रहेगा। किसान, ट्रांसपोर्टर और छोटे उद्योग, जो अक्सर उधार पर ईंधन लेते थे, उन्हें अब परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बताया जा रहा है कि कई पेट्रोल पंप अपने नियमित ग्राहकों को भी उधार पर ईंधन देते थे।
लेकिन अब जब खुद पंप मालिकों को उधार नहीं मिल रहा, तो वे भी आगे उधार देने में हिचकिचा सकते हैं। पंजाब, हरियाणा और NCR जैसे इलाकों में जहां बड़ी मात्रा में थोक ग्राहक होते हैं, वहां ईंधन की खपत में गिरावट आ सकती है।
हालांकि, सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है। गौरतलब है कि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता देश है और आने वाले वर्षों में इसकी मांग और बढ़ने की संभावना है।
