बीमारी छोटी हो या बड़ी, सब पर असर दिखाता है गिलोय, जाने इसके फायदे और सावधानीया
Giloy Juice Benefits: गिलोय को भारत में सदियों से ‘अमृत’ कहा जाता है। हाल ही में यह पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए घर-घर में इस्तेमाल होने लगा है। लोगों का कहना है कि यह ऐसा असर दिखाता है जैसे पेट में कोई सफाई मशीन ऑन हो गई हो। गौरतलब है कि साइंस भी इसके कई गुणों की पुष्टि कर चुका है। तो क्या वाकई गिलोय का रस इतना असरदार है? आइए गहराई से समझते हैं।
Giloy Juice Benefits – गिलोय का रस पीने के फायदे
गिलोय का रस पेट की परेशानियों को बहुत तेजी से ठीक करने के लिए जाना जाता है। बता दें कि इसके रोजाना सेवन से शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी काफी बढ़ जाती है। खास बात है कि गिलोय पेट के कीड़ों को खत्म करने, पाचन शक्ति को मजबूत बनाने और भूख को सामान्य रखने में बेहद असरदार है।
इसके साथ ही पेट फूलना, गैस और कमजोरी जैसी दिक्कतें भी कम होने लगती हैं। कई लोग यह भी बताते हैं कि गिलोय का रस पीने से उनकी त्वचा से जुड़ी जलन और एलर्जी में भी सुधार देखा गया है।
ये भी पढ़ें: सर्दियों में ऐसे करें गुलदाउदी के पौधों का देखभाल, रंग-बिरंगे फूलों से भर जाएगा आपका गार्डेन
पेट के कीड़े खत्म करता है गिलोय का रस
गिलोय एक ऐसी जड़ी-बूटी है जो पेट की सफाई में बेहद असरदार (Giloy Juice Benefits) मानी जाती है। गिलोय में एंटी-परजीवी (एंटी-पैरासिटिक) और एंटी-जीवाणु (एंटी-माइक्रोबियल) गुण पाए जाते हैं, जो आंतों में छिपे कीड़ों को पहले कमजोर करते हैं और फिर धीरे-धीरे बाहर निकाल देते हैं।
इसे रोज सुबह खाली पेट लेने से इसका रस सीधे आंतों तक पहुंचता है और तुरंत असर दिखाने लगता है। यही नहीं, गिलोय पाचन एन्ज़ाइम को मजबूत करता है, जिससे कीड़े दोबारा बनने की संभावना कम हो जाती है। इसके साथ ही यह आंत सुरक्षा (गट इम्युनिटी) भी बढ़ाता है, जिससे शरीर पाचन से जुड़ी परेशानियों से खुद लड़ने में सक्षम हो जाता है।
आयुर्वेद में गिलोय को ‘अमृत’ क्यों कहा जाता है?
आयुर्वेद में गिलोय को ‘अमृत’ इसलिए कहा गया है क्योंकि यह पूरे शरीर पर गहरा और संतुलित असर डालती है। बता दें कि गिलोय शरीर की अग्नि यानी पाचन शक्ति को मजबूत करती है, कफ-पित्त को संतुलित रखती है और पेट में जमा सूजन व गंदे तत्वों को बाहर निकालने में मदद करती है।
खास तौर पर जब गिलोय का रस खाली पेट लिया जाता है, तो यह सीधे आंतों तक पहुंचकर कीड़ों को प्राकृतिक तरीके से खत्म करता है। यही नहीं, यह पाचन सुधारने, अपच को दूर करने और शरीर को हल्का-फुल्का रखने में भी बेहद असरदार मानी जाती है।
ये भी पढ़ें: बाजार में बिक रही 84 दवाएं नकली, सेहत के लिए बन सकती हैं बड़ा खतरा, जानिए पूरी जानकारी
गिलोय रस ज्यादा पीने से हो सकता है नुकसान, जानें जरूरी सावधानियां
गिलोय भले ही सेहत का खजाना मानी जाती हो, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसे मनचाही मात्रा में पिया जाए। ज्यादा गिलोय का रस शरीर पर उल्टा असर कर सकता है। बता दें कि जरूरत से ज्यादा सेवन करने पर कमजोरी महसूस हो सकती है, वहीं लो रक्तचाप वाले लोगों को तो इसे लेते समय खास सावधानी बरतनी चाहिए।
गर्भवती महिलाओं के लिए भी इसका सेवन निषेध माना जाता है। गिलोय का स्वाद काफी कड़वा होता है, इसलिए संवेदनशील पेट वालों को कभी-कभी जलन भी हो सकती है। इसी वजह से डॉक्टर सलाह देते हैं कि दिन में करीब 10 से 20 एमएल से ज्यादा गिलोय का रस नहीं लेना चाहिए, ताकि इसका फायदा तो मिले पर नुकसान न हो।
गिलोय का रस लेने का सही तरीका
गिलोय का रस सही तरीके से लिया जाए तो इसका असर और भी तेज दिखने लगता है। बता दें कि इसे रोज सुबह खाली पेट करीब 10 से 20 मिली पीना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसे हल्के गुनगुने पानी के साथ लेने से यह जल्दी शरीर में घुलकर अपना काम शुरू कर देता है।
हालाँकि रात में सोने से ठीक पहले गिलोय का रस पीने से परहेज़ करना चाहिए, क्योंकि इससे पाचन धीमा हो सकता है। अगर आप इसे लगातार 7 से 10 दिन तक लेते हैं, तो पेट और पाचन से जुड़ी दिक्कतों में साफ बदलाव नजर आने लगता है।