सर्दियों में ऐसे करें गुलदाउदी के पौधों का देखभाल, रंग-बिरंगे फूलों से भर जाएगा आपका गार्डेन

सर्दियों में ऐसे करें गुलदाउदी के पौधों का देखभाल, रंग-बिरंगे फूलों से भर जाएगा आपका गार्डेन

Guldavdi Winter Care: सर्दियों में गुलदाउदी के पौधे सबसे ज्यादा खिलते हैं और इनमें फूलों का रंग और खूबसूरती सबसे अलग चमकती है। यह फूल जितना खूबसूरत है, उसकी देखभाल उतनी ही आसान। यानी बस कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें और आपका पौधा बंपर फूलों से लद जाएगा। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि आपका गमला रंग-बिरंगे फूलों से भर जाए, तो आगे बताए गए टिप्स ज़रूर अपनाएं।

Guldavdi Winter Care: सर्दियों में गुलदाउदी को कैसे मिलती है नई जान?

सर्दियों में गुलदाउदी के पौधा अपनी पूरी रौनक पर होता है। ठंड के मौसम में इसकी कलियाँ तेजी से बढ़ती हैं और फूल लंबे समय तक टिके रहते हैं। हालांकि, तेज़ ठंडी हवा और पाला कई बार फूलों को नुकसान पहुंचा देते हैं। ऐसे में पौधे की सही देखभाल (Guldavdi Winter Care) बेहद जरूरी हो जाती है।

सुबह की हल्की धूप

बता दें कि गुलदाउदी को सुबह की नरम धूप सबसे ज्यादा पसंद है। विशेषज्ञों के मुताबिक 4-5 घंटे की धूप से न सिर्फ फूलों का रंग चमकदार होता है बल्कि कलियों का आकार भी बड़ा होता है। इसलिए पौधे को ऐसी जगह रखें जहां सुबह की धूप पहुंचे लेकिन दोपहर की तीखी धूप न लगे।

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रात की ठंडी हवा से बचाएं

सर्दियों की रातों में चलने वाली तेज ठंडी हवा और पाला, गुलदाउदी के पौधे के लिए काफी नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। अगर पाला पड़ जाए तो कलियाँ काली पड़ने लगती हैं और नया फूल निकलना लगभग रुक जाता है। इसलिए जरूरी है कि गुलदाउदी के गमले को किसी दीवार, बरामदे या हल्के शेड के पास रखें, ताकि रात की ठंडी हवा सीधे पौधे पर न लगे।

इसके साथ ही, रात में पौधे के ऊपर हल्का कपड़ा या जाली वाला नेट डाल देना बेहद उपयोगी उपाय है। यह छोटा-सा तरीका तापमान को संतुलित रखता है और कलियों को ठंड से बचाकर उन्हें सुरक्षित बढ़ने में मदद करता है।

कटिंग और सही गमला चयन

गुलदाउदी में ज्यादा और लंबे समय तक फूल पाने के लिए हल्की कटिंग बेहद जरूरी होती है। सूखे हुए फूल, पीले पत्ते और कमजोर टहनियाँ जैसे ही दिखाई दें, उन्हें तुरंत हटा दें। इससे पौधे की ताकत बेकार हिस्सों पर खर्च नहीं होती और नई कोंपलें तेज़ी से निकलती हैं। बता दें कि गमले का आकार भी फूलों की संख्या पर सीधा असर डालता है।

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अगर पौधा छोटे गमले में रहेगा तो जड़ें फैल नहीं पाएंगी और फूल कम आएंगे। इसलिए थोड़ा बड़ा, चौड़ा और गहरा गमला इस्तेमाल करें, ताकि जड़ों को खुली जगह मिले और पौधा पहले से ज्यादा घना और फूलों से भरा दिखे।

सही खाद और कीट नियंत्रण

गुलदाउदी के पौधे को सही खाद मिलने पर न सिर्फ उसकी बढ़वार तेज होती है बल्कि फूलों की संख्या भी काफी बढ़ जाती है। सर्दियों में सरसों की खली का घोल और अच्छी तरह सड़ी गोबर खाद इस पौधे के लिए सबसे बढ़िया पोषण माने जाते हैं, क्योंकि ये मिट्टी को ताकत देते हैं और पौधे को मजबूत बनाते हैं। वहीं, कीटों से बचाव के लिए नीम का तेल सबसे असरदार उपाय माना जाता है।

बता दें कि Guldavdi पर अक्सर एफिड और सफेद मक्खी जैसे कीट हमला करते हैं, और जैसे ही पत्तों पर चिप चिपाहट या सफेद कीड़े दिखें, तुरंत नीम तेल का स्प्रे सप्ताह में एक-दो बार जरूर करें। खास बात है कि यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक है और फूलों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाता।

सर्दियों में गुलदाउदी को पानी कब दें?

ठंड के मौसम में Guldavdi को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती है, इसलिए जब मिट्टी ऊपर से सूखी दिखे तभी हल्का पानी डालें। ज्यादा पानी देने से जड़ें गल सकती हैं, जिससे पौधा कमजोर होकर फूल देना बंद कर देता है। कई बार लोग गलती से रोज पानी देते हैं, जिससे मिट्टी में नमी बढ़ जाती है। यह गलती बिलकुल न करें।

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अगर मिट्टी कड़ी होने लगे तो उसे हल्के हाथ से ढीला कर दें। इससे हवा और पोषण जड़ों तक आसानी से पहुंचता है। गौरतलब है कि ढीली मिट्टी में पौधा तेजी से बढ़ता है और उसमें ज्यादा फूल आते हैं।

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