भारतीय सेना को बड़ी राहत, भारत आ रहे हैं घातक Apache Helicopter, नेवी भी होगी ताकतवर
Apache Helicopter: भारतीय सेना और वायुसेना पिछले कुछ सालों से लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों की कमी से जूझ रही हैं. एक तरफ HAL की डिलिवरी में लगातार देरी चिंता बढ़ा रही है, तो दूसरी ओर अब अमेरिका से मिलने वाले Apache AH-64 अटैक हेलिकॉप्टर और नौसेना में शामिल होने वाले MH-60R Seahawk हेलिकॉप्टर बड़ी राहत लेकर आ रहे हैं.
भारतीय सेना को क्यों है लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों की कमी
बता दें कि भारतीय सेना के पास मौजूद कई हेलिकॉप्टर और विमान पुराने हो चुके हैं. चीता और चेतक जैसे हेलिकॉप्टर अपनी उम्र पूरी कर रहे हैं. इसी वजह से सेना, वायुसेना और नौसेना अगले 10 से 15 सालों में एक हजार से ज्यादा नए हेलिकॉप्टर शामिल करना चाहती हैं.
हालांकि, HAL की तरफ से डिलिवरी में हो रही देरी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है. सेना के साथ हुए समझौते के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक HAL को 10 फाइटर जेट और 12 ट्रेनर जेट देने थे, लेकिन रिवाइज्ड टारगेट के अनुसार अब सिर्फ 5 LCA Mk-1A और 3 HTT-40 ट्रेनर देने का वादा किया गया है.
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HAL डिलिवरी में देरी से क्यों बढ़ी चिंता
गौरतलब है कि भारतीय सेना ने HAL के साथ 180 से ज्यादा तेजस हेलिकॉप्टर और विमानों के लिए दो अलग-अलग सौदे किए हैं. पहले योजना थी कि 2025-26 के फाइनेंशियल ईयर के अंत तक 22 तेजस डिलिवर हो जाएंगे, लेकिन अब सिर्फ 8 की डिलिवरी का भरोसा दिया गया है.
हालांकि HAL लगातार उत्पादन बढ़ाने की बात कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन प्रोजेक्ट्स में लगातार देरी हो रही है. इसी वजह से सेना को फिलहाल विदेशी प्लेटफॉर्म्स पर ज्यादा भरोसा करना पड़ रहा है.
Apache Helicopter AH-64 की खासियत
अब भारतीय सेना को जो राहत मिलने जा रही है, वह है अमेरिका से आने वाले Apache AH-64 अटैक हेलिकॉप्टर. रिपोर्ट्स के मुताबिक सेना को जल्द ही तीन Apache Helicopter मिलेंगे. अपाचे को दुनिया के सबसे घातक अटैक हेलिकॉप्टरों में गिना जाता है. इन्हें हवा में उड़ने वाला टैंक कहा जाता है.
इन हेलिकॉप्टरों में स्टिंगर एयर-टू-एयर मिसाइल, हेलफायर लॉन्गबो एयर-टू-ग्राउंड मिसाइल, रॉकेट और अत्याधुनिक गन सिस्टम लगे होते हैं. खास बात है कि इनमें मौजूद 30 मिमी चेन गन एक मिनट में करीब 600 से 650 गोलियां दाग सकती है.
पाकिस्तान बॉर्डर पर तैनाती से बढ़ेगी ताकत
भारत ने फरवरी 2020 में अमेरिकी कंपनी बोइंग से सेना के लिए छह Apache Helicopter का सौदा किया था. सप्लाई चेन में देरी के कारण अब जाकर इनकी डिलिवरी पूरी हो रही है. इससे पहले भारतीय वायुसेना 2019-20 में 22 Apache हेलिकॉप्टर अपने बेड़े में शामिल कर चुकी है.
बताया जा रहा है कि सेना के Apache हेलिकॉप्टर राजस्थान के जोधपुर में तैनात किए जाएंगे. पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तान सीमा के पास इनकी तैनाती से रेगिस्तानी इलाकों में तेज, सटीक और घातक हमले की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी.
MH-60R Seahawk: नौसेना का नया समुद्री प्रहरी
दूसरी ओर, भारतीय नौसेना भी अपनी ताकत बढ़ाने जा रही है. इस हफ्ते नौसेना MH-60R Seahawk हेलिकॉप्टरों की दूसरी स्क्वाड्रन को कमीशन करने वाली है. ये हेलिकॉप्टर खासतौर पर पनडुब्बी रोधी युद्ध यानी Anti-Submarine Warfare के लिए जाने जाते हैं.
MH-60R Seahawk में हेलफायर मिसाइल, MK-54 टॉरपीडो, प्रिसिजन किल रॉकेट और अत्याधुनिक सेंसर लगे होते हैं. ये दुश्मन की पनडुब्बियों को खोजने, ट्रैक करने और जरूरत पड़ने पर नष्ट करने में सक्षम हैं.
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हिंद महासागर में बढ़ेगी भारत की निगरानी
हालांकि हिंद महासागर क्षेत्र में चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन Seahawk हेलिकॉप्टर नौसेना की निगरानी और स्ट्राइक क्षमता को कई गुना मजबूत करेंगे. समुद्री सीमाओं की सुरक्षा, युद्धपोतों की रक्षा और पनडुब्बी खतरे से निपटने में ये हेलिकॉप्टर गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं.
कुल मिलाकर, HAL की देरी के बावजूद Apache AH-64 और MH-60R Seahawk हेलिकॉप्टर भारतीय सेना और नौसेना के लिए बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं. खास बात है कि इन Apache Helicopter की तैनाती से थल, जल और वायु तीनों मोर्चों पर भारत की सैन्य क्षमता और मजबूत होगी. आने वाले समय में ये घातक धुरंधर दुश्मनों के लिए बड़ा सिरदर्द साबित हो सकते हैं.
