पुतिन के भारत दौरे में 19 बड़े समझौते, ऊर्जा, न्यूक्लियर, नौकरियां और रक्षा में होगा ऐतिहासिक बदलाव

पुतिन के भारत दौरे में 19 बड़े समझौते, ऊर्जा, न्यूक्लियर, नौकरियां और रक्षा में होगा ऐतिहासिक बदलाव

India Russia Agreements 2025: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दो दिन का भारत दौरा भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन इसके असर अगले कई साल तक दिखेंगे। इस मुलाकात में 19 बड़े समझौते हुए हैं, जिनसे भारत को सस्ता तेल, ज्यादा नौकरियां, एडवांस न्यूक्लियर तकनीक और अपने ही देश में हथियार बनाने की ताकत मिलने वाली है।

हालाकि कई लोग ये समझ नहीं पा रहे कि आखिर इन समझौतों का असली फायदा क्या होगा, लेकिन ये फैसले भारत की ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा क्षमता और विदेशी व्यापार को एक नए दौर में ले जा सकते हैं। आइए जानते है ऊन भारत और रूस के बीच हुए समझौतों के बारे में।

India Russia Agreements 2025: ऊर्जा और न्यूक्लियर डील से भारत को बड़ी राहत

रूस के साथ नई ऊर्जा साझेदारी (India Russia Agreements 2025) भारत के लिए बड़ी राहत लेकर आई है, क्योंकि उसने कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोकेमिकल और परमाणु ईंधन की सप्लाई जारी रखने का भरोसा दिया है।

बता दें कि यूरोप और अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत पर इसका कोई असर नहीं पड़ा और देश को पहले की तरह सस्ता कच्चा तेल मिलता रहेगा, जिससे आयात बिल में अच्छी खासी बचत होने की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे महंगाई भी काबू में रखने में मदद मिलेगी।

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इसी बीच न्यूक्लियर सहयोग पर भी बड़ी डील हुई है, जिसके तहत भारत और रूस मिलकर छोटे परमाणु रिएक्टर स्थापित करेंगे। खास बात यह है कि रूस दुनिया में इस तकनीक का नेता माना जाता है और भारत फिलहाल सिर्फ 8 गीगावाट बिजली ही ऐसे रिएक्टरों से बना पाता है।

India Russia Agreements 2025 के बाद 2047 तक 100 गीगावाट बिजली का बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रास्ता खुल गया है, जो देश की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक सुरक्षित करेगा।

भारत-रूस व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

भारत और रूस ने तय किया है कि दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार को बढ़ाकर लगभग 100 अरब डॉलर यानी दोगुने से ज्यादा किया जाएगा। अभी करीब 5.80 लाख करोड़ रुपये का व्यापार होता है, जिसमें भारत को काफी घाटा झेलना पड़ता है।

India Russia Agreements 2025 के बाद उम्मीद है कि रुपये-रूबल में होने वाला कारोबार और मजबूत होगा, जो फिलहाल 96% तक पहुंच चुका है। आगे इसे डिजिटल मुद्रा प्लेटफॉर्म पर लाने की भी तैयारी है।

हर साल 10 लाख भारतीयों को नौकरी देगा रूस

रूस में जनसंख्या कम होने और कामगारों की भारी कमी के चलते अब वह हर साल 10 लाख भारतीयों को नौकरी देने के लिए तैयार है। खास बात यह है कि हेल्थकेयर, निर्माण कार्य, सूचना तकनीक और हॉस्पिटैलिटी जैसे क्षेत्रों में भारतीय युवाओं के लिए सबसे ज्यादा मौके खुलने वाले हैं।

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रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे भारत और रूस

भारत और रूस ने रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र में मिलकर काम करने का फैसला किया है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा मिलने वाली है। बता दें कि अब भारत सिर्फ रूस से हथियार खरीदेगा नहीं, बल्कि दोनों देश मिलकर देश में ही आधुनिक हथियार बनाएंगे।

खास बात है कि मेक इन इंडिया के तहत अनुसंधान, संयुक्त विकास और संयुक्त उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि ब्रह्मोस मिसाइल जैसा सफल मॉडल दोबारा दोहराया जा सके। इसके साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान में भी बड़ी प्रगति होने वाली है।

दोनों देश मानव मिशन, गहरे अंतरिक्ष प्रोजेक्ट और रॉकेट इंजन तकनीक पर मिलकर काम करेंगे। गौरतलब है कि Russia मानव अंतरिक्ष मिशनों में दुनिया का सबसे अनुभवी देश माना जाता है, ऐसे में यह सहयोग भारत की गगनयान परियोजना को और मजबूत करेगा और देश को अंतरिक्ष तकनीक के नए दौर में आगे ले जाएगा।

भारत को Russia का बड़ा साथ

रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने साफ कहा कि उनका देश भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट दिलाने के लिए पूरी तरह समर्थन करेगा। इसके साथ ही रूस ने साल 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता के लिए भी भारत का साथ देने का एलान किया है। इसी बीच दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम करने, आतंकी फंडिंग रोकने और सख्त कदम उठाने पर भी सहमति जताई है।

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व्यापार बढ़ाने के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर को आगे बढ़ाया जा रहा है, जो मुंबई को चाबहार बंदरगाह से जोड़कर सड़क और समुद्री रास्तों के जरिए Russia तक पहुंच बनाएगा। अभी जहां सामान पहुंचाने में 30 से 35 दिन लगते हैं, वहीं इस नए कॉरिडोर के शुरू होते ही डिलीवरी सिर्फ 20 से 25 दिन में हो पाएगी, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार और तेज होने की उम्मीद है।

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