अमेरिका के टैरिफ से परेशान भारत को रूस ने दिया बड़ा तोहफा, अब रूसी बाजार मे बिकेंगे भारतीय समान
India Russia Trade: भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच रूस ने भारत को बड़ा तोहफा दिया है। रूस ने साफ कर दिया है कि वह भारतीय निर्यात (Indian Exports) के लिए अपना बाजार खोलने को तैयार है। खास बात यह है कि यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है जब अमेरिका ने भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ लगाकर मुश्किलें बढ़ा दी हैं। रूस का यह बयान भारत के लिए नए अवसर लेकर आया है।
India Russia Trade: भारत को रूस ने दिया बड़ा ऑफर
रूस ने भारत को राहत देते हुए साफ कहा है कि अगर अमेरिकी बाजार भारतीय सामानों के रास्ते में रुकावटें पैदा कर रहा है तो रूसी बाजार उन्हें खुले दिल से अपनाएगा। रोमन बाबुश्किन ने अमेरिका की नीतियों को नव-औपनिवेशिक करार देते हुए कहा कि यह दबाव न सिर्फ अन्यायपूर्ण है बल्कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी खतरा है। बता दें कि भारत और रूस दशकों से मजबूत व्यापारिक (India Russia Trade) साझेदार रहे हैं और हाल के वर्षों में भारत रूस से कच्चे तेल, दवाइयों और कृषि उत्पादों का बड़े पैमाने पर आयात-निर्यात कर रहा है।
तेल खरीद को लेकर क्यों बढ़ा विवाद?
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और रूस सबसे बड़ा उत्पादक। ऐसे में दोनों देशों का सहयोग वैश्विक ऊर्जा स्थिरता के लिए अहम माना जाता है। लेकिन, अमेरिका लगातार चाहता है कि भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता घटाए। गौरतलब है कि रूस ने इसे “नेओ-कोलोनियल” दबाव बताते हुए खारिज किया और कहा कि पश्चिमी देश अपने हित साधने में लगे रहते हैं। वर्तमान में भारत अपनी ऊर्जा ज़रूरतों का लगभग 30% हिस्सा रूस से पूरा कर रहा है।
ऐसे में यह विवाद केवल दो देशों तक सीमित नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सप्लाई चेन को प्रभावित कर सकता है। खास बात यह है कि अमेरिका के टैरिफ के बाद कई भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नुकसान उठाना पड़ रहा है। लेकिन रूस का यह कदम भारतीय निर्यातकों के लिए नए सपनों और अवसरों का रास्ता खोल सकता है। India Russia Trade में खास तौर पर टेक्सटाइल, कृषि उत्पाद, दवा उद्योग और मशीनरी जैसे सेक्टरों को बड़ा फायदा मिल सकता है।
भारत-रूस व्यापारिक रिश्ते पहले से मजबूत
भारत और रूस के बीच रिश्ते दशकों से भरोसे और सहयोग पर आधारित रहे हैं। ऊर्जा, रक्षा और दवा उद्योग जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों ने कई ऐतिहासिक समझौते किए हैं। खास बात है कि अब रूस भारतीय निर्यात के लिए अपना बाजार खोलने जा रहा है, जिससे कपड़ा, कृषि और फार्मा सेक्टर को बड़ा फायदा मिल सकता है। बता दें कि भारत इस समय अमेरिका और रूस दोनों के साथ संतुलन साधने की रणनीति अपना रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बनाएगा तथा अमेरिकी दबाव को कम करेगा।
