क्या ईरान के यूरेनियम भंडार पर कब्जा करने की तैयारी मे है अमेरिका-इजराइल? सामने आया खुफिया प्लान
मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच एक नई रिपोर्ट ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। खबर सामने आई है कि अमेरिका और इजराइल ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने के लिए एक बड़ा सैन्य विकल्प पर विचार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस योजना के तहत ईरान में मौजूद अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कब्जे में लिया जा सकता है।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही साफ कर चुके हैं कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। हालाकी अभी तक इस योजना को आधिकारिक तौर पर लागू करने की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक इस पर गंभीर चर्चा चल रही है।
बताया जा रहा है कि इस मिशन के लिए स्पेशल फोर्स को ईरान की जमीन पर भेजा जा सकता है। उन्हें युद्ध जैसे हालात में बेहद सुरक्षित और भूमिगत परमाणु ठिकानों तक पहुंचना होगा और वहां मौजूद यूरेनियम को सुरक्षित करना होगा।
ईरान के पास कितना संवर्धित यूरेनियम मौजूद है?
ईरान के यूरेनियम भंडार (Iran Uranium Stockpile) को लेकर दुनिया भर में चिंता लगातार बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि अमेरिका और इजराइल जिस बड़े सैन्य अभियान पर चर्चा कर रहे हैं, वह तभी शुरू हो सकता है जब उन्हें भरोसा हो जाए कि ईरान की सैन्य ताकत काफी कमजोर पड़ चुकी है। खास बात है कि इस मिशन में सैनिकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती मानी जा रही है।
हाल ही में अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो से संसद की बैठक में पूछा गया कि ईरान के संवर्धित यूरेनियम को कैसे सुरक्षित किया जाएगा, तो उन्होंने कहा कि किसी न किसी को वहां जाकर इसे लेना ही पड़ेगा, हालांकि उन्होंने यह साफ नहीं किया कि यह काम अमेरिका करेगा, इजराइल करेगा या दोनों देश मिलकर करेंगे।
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बताया जा रहा है कि इस मामले में दो विकल्पों पर चर्चा हो रही है। पहला यह कि यूरेनियम को ईरान से बाहर ले जाया जाए और दूसरा यह कि वैज्ञानिकों को वहीं भेजकर यूरेनियम को इतना कमजोर कर दिया जाए कि उससे परमाणु हथियार न बन सकें। रिपोर्टों के अनुसार ईरान के पास अभी लगभग साठ प्रतिशत तक संवर्धित यूरेनियम बड़ी मात्रा में मौजूद है, जो परमाणु बम बनाने के स्तर के काफी करीब माना जाता है।
यही वजह है कि अमेरिका, इजराइल और कई पश्चिमी देश लगातार ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके यूरेनियम भंडार पर नजर बनाए हुए हैं।
ट्रंप ने भी सैनिक भेजने की संभावना से नहीं किया इनकार
बताया जा रहा है कि युद्ध शुरू होने से पहले डोनाल्ड ट्रंप को जो सैन्य योजनाएं दी गई थीं, उनमें यह विकल्प भी शामिल था। हालाकी ट्रंप ने कहा है कि जमीन पर सैनिक भेजना संभव तो है, लेकिन ऐसा कदम तभी उठाया जाएगा जब इसके पीछे बहुत बड़ा कारण होगा। फिलहाल अमेरिका यूरेनियम पर कब्जा करने की कोशिश नहीं कर रहा, लेकिन भविष्य में स्थिति बदल भी सकती है।
ईरान के किन परमाणु ठिकानों पर है दुनिया की नजर?
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान के कुछ खास परमाणु ठिकानों पर पूरी दुनिया की नजर टिक गई है। बताया जा रहा है कि हालिया हमलों में ईरान के कई परमाणु केंद्रों को नुकसान जरूर पहुंचा है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी मात्रा में संवर्धित यूरेनियम अभी भी सुरक्षित जगहों पर रखा हुआ है।
खबरों के मुताबिक ज्यादातर यूरेनियम, इस्फहान परमाणु केंद्र की गहरी भूमिगत सुरंगों में रखा गया है, जबकि फोर्दो और नतांज जैसे दूसरे परमाणु ठिकानों पर भी इसका भंडार मौजूद है। इन सभी ठिकानों को बेहद मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के साथ बनाया गया है, इसलिए किसी भी सैन्य कार्रवाई के लिए यहां तक पहुंचना आसान नहीं माना जाता।
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खर्ग द्वीप पर कब्जे का विकल्प भी चर्चा में
इसी बीच अमेरिकी अधिकारियों के बीच ईरान के खर्ग द्वीप को लेकर भी चर्चा तेज हो गई है। यह द्वीप ईरान के लगभग 90 प्रतिशत कच्चे तेल के निर्यात का मुख्य केंद्र माना जाता है, इसलिए अगर इस इलाके पर कब्जा होता है तो इसका सीधा असर ईरान की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
हालाकी अभी यह साफ नहीं है कि अमेरिका और इजराइल इस योजना को कब और किस तरह लागू करेंगे, लेकिन इतना जरूर है कि इस खबर ने दुनिया भर में नई बहस छेड़ दी है।
