अब मिनटों में पूरा होगा पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक का सफर, जानिए लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे की खास बातें

अब मिनटों में पूरा होगा पूर्वांचल से पश्चिमी यूपी तक का सफर, जानिए लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे की खास बातें

उत्तर प्रदेश में यात्रा करना अब आसान और तेज़ होने वाला है! बता दें की लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे जल्द ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ देगा। इससे लखनऊ शहर के ट्रैफिक जाम से बचते हुए पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच सीधे हाई-स्पीड कनेक्शन का लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं लागत, मार्ग और पूरा टाइमलाइन।

51 किलोमीटर का हाई-स्पीड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे (Lucknow Link Expressway) उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण परियोजना है। बता दें की इसका मुख्य उद्देश्य आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ना है। यह एक 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।

यह प्रोजेक्ट पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बीच यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ लखनऊ शहर के अंदर ट्रैफिक जाम को भी कम करेगा।

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लंबाई, मार्ग और लागत

लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे लगभग 51 किलोमीटर लंबा हाई-स्पीड मार्ग होगा, जो आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के 294 किमी माइलस्टोन (भलिया/जलियामऊ के पास) से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 6 किमी पॉइंट (पहांसा/रतियामऊ के पास) तक जाएगा। इसकी निर्माण लागत लगभग ₹2,864.82 करोड़ रखी गई है और यह प्रारंभ में 6-लेन का होगा, जिसे भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकेगा।

यह मार्ग लखनऊ जिले के बाहरी इलाकों से होकर गुजरेगा और पश्चिमी यूपी (आगरा/दिल्ली) को पूर्वी यूपी (पूर्वांचल) से सीधे जोड़ते हुए यात्रियों के लिए तेज और सुविधाजनक सफर सुनिश्चित करेगा।

निर्माण की स्थिति और समय-सीमा

लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे इस समय पूर्व-निर्माण चरण में है और मार्च 2026 तक इस परियोजना ने एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए निर्माण टेंडर जारी कर दिए हैं। बता दें की ठेकेदारों के लिए बोली 18 फरवरी 2026 को खुली थी और असली निर्माण तथा सिविल कार्य तब शुरू होगा जब चयन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, आमतौर पर टेंडर आवंटन के कुछ महीनों के भीतर।

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) का लक्ष्य है कि यह प्रोजेक्ट 36 महीनों यानी 3 साल के भीतर पूरा हो जाए। परियोजना पूरी तरह UPEIDA के अधीन है और निर्माण तथा रखरखाव के लिए टेंडर आमंत्रित किए गए हैं, हालांकि फिलहाल चयनित निजी ठेकेदारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

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पूर्वांचल और आगरा-लखनऊ के बीच सीधी कनेक्टिविटी

उत्तर प्रदेश में पहले से ही दो बड़े एक्सप्रेसवे हैं, पहला पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, जो 2021 में खुला और 341 किलोमीटर लंबा है, गाज़ीपुर से चाँद सराय (लखनऊ के पास) तक जाता है और दूसरा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, 302 किलोमीटर लंबा मार्ग जो राजधानी को पश्चिमी यूपी और आगरा से जोड़ता है।

हालाँकि, इनके बीच कोई सीधा उच्च गति वाला लिंक नहीं था, लेकिन अब लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे इसे पूरा करेगा और लखनऊ शहर के भीतर जाम की समस्या कम करेगा। इसके चलते गाज़ीपुर से दिल्ली-एनसीआर तक सीधे और तेज सफर संभव होगा, भारी वाहनों को शहर में प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी घटेगा। यह परियोजना व्यापार, माल ढुलाई और पर्यटन के लिए भी अहम साबित होगी।

अन्य लिंक एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी

उत्तर प्रदेश में कुछ अन्य लिंक एक्सप्रेसवे भी चर्चा में हैं:

  • गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे: आज़मगढ़ के पास पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को गोरखपुर से जोड़ता है। लोकार्पण जून 2025 में।
  • गंगा एक्सप्रेसवे लिंक: इटावा के पास से शुरू होकर फर्रुखाबाद और हरदोई के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।
  • कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे: लगभग 63 किमी लंबा, मार्च 2026 तक पूरी तरह संचालित होने की उम्मीद। यात्रा का समय घटकर 30-45 मिनट।

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गौरतलब है की यह प्रोजेक्ट पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के बीच यात्रा को तेज, आसान और सुरक्षित बनाने के साथ ही लखनऊ शहर के अंदर ट्रैफिक दबाव कम करेगा। यह यूपी के रोड नेटवर्क को मजबूत करने और राज्य के व्यापारिक, लॉजिस्टिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण है।

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