2 फरवरी से हो रहा फाल्गुन माह का शुरुआत, जानिए होली, महाशिवरात्रि, चातुर्मास और विवाह मुहूर्त
फाल्गुन मास 2026: हिंदू कैलेंडर का आखिरी महीना फाल्गुन मास, 2 फरवरी (Phalgun Month 2026) से शुरू होकर 3 मार्च 2026 तक चलेगा। खास बात है कि यह महीना न सिर्फ धार्मिक बल्कि प्राकृतिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी बेहद खास माना जाता है। इसी माह में होली और महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व आते हैं, जिनका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। वहीं, ज्योतिषीय नजरिए से भी यह महीना सकारात्मक ऊर्जा, दान-पुण्य और विवाह के लिए अहम माना जाता है।
2 फरवरी से शुरू होगा फाल्गुन माह, होली के साथ होगा समापन
पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने बताया कि, हिंदू कैलेंडर का आखिरी महीना फाल्गुन इस बार 2 फरवरी 2026 से शुरू होकर 3 मार्च 2026 को होली के साथ समाप्त होगा। बता दें कि फाल्गुन हिंदू नववर्ष का 12वां और अंतिम महीना माना जाता है। इसे साल का आखिरी महीना कहा जाता है, लेकिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से इसकी अहमियत सबसे अधिक मानी जाती है।
इस माह की पूर्णिमा पर चंद्रमा फाल्गुनी नक्षत्र में स्थित होते हैं, इसी वजह से इस महीने का नाम फाल्गुन पड़ा। फाल्गुन माह में महाशिवरात्रि और होली जैसे बड़े पर्व आते हैं, जिनमें पूजा, व्रत और उत्सव का विशेष महत्व होता है।
मान्यता है कि इसी महीने चंद्रमा का जन्म हुआ था, इसलिए चंद्र देव की पूजा करने से मानसिक तनाव दूर होता है और यदि कुंडली में चंद्र दोष हो, तो इस दौरान पूजा करने से उसमें भी राहत मिल सकती है।
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फाल्गुन माह 2026 के प्रमुख त्योहार
बता दें कि फाल्गुन माह 2026 में कई बड़े और आस्था से जुड़े त्योहार पड़ रहे हैं, जिनका हिंदू धर्म में खास महत्व माना जाता है। इस पावन महीने में 15 फरवरी 2026, रविवार को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाएगा, जहां भक्त भगवान शिव की आराधना में लीन रहेंगे, वहीं 19 फरवरी को फुलेरा दूज आएगी, जिसे अबूझ सावा माना जाता है और इस दिन बिना मुहूर्त विवाह किए जाते हैं।
24 फरवरी से होलाष्टक लग जाएंगे, जिसके चलते शुभ और मंगल कार्यों पर रोक रहेगी। इसके बाद 3 मार्च 2026 को होलिका दहन किया जाएगा और अगले ही दिन 4 मार्च को होली यानी धुलेंडी का पर्व पूरे देश में रंग, गुलाल और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।
फाल्गुन माह के समापन के बाद 19 मार्च 2026 को हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत होगी, जिसे नए साल के रूप में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। फाल्गुन लगते ही शहरों और गांवों में मंदिरों के सामने फागोत्सव शुरू हो जाता है, चंग और ढप की थाप पर पारंपरिक होली गीत गूंजने लगते हैं और चारों ओर बसंत का असर साफ दिखाई देने लगता है, जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय हो जाता है।
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फाल्गुन माह में 12 शुभ सावे, शादी-ब्याह के लिए मुहूर्त
बता दें कि वर्ष 2026 का फाल्गुन माह शादी-ब्याह के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दौरान कुल 12 शुभ सावे पड़ रहे हैं। खास बात है कि 19 फरवरी को फुलेरा दूज का अबूझ सावा भी रहेगा, जिसे बिना किसी मुहूर्त के विवाह के लिए उत्तम माना जाता है।
फाल्गुन माह में 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25 और 26 फरवरी को विवाह के लिए शुभ योग बन रहे हैं, ऐसे में जिन घरों में शादी की तैयारियां चल रही हैं, उनके लिए यह महीना काफी अनुकूल साबित हो सकता है।
हालांकि होलिका दहन से आठ दिन पहले होलाष्टक लग जाते हैं, जिनमें सभी शुभ और मंगल कार्य वर्जित माने जाते हैं। वर्ष 2026 में होलिका दहन 3 मार्च को होगा, इसलिए होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू हो जाएंगे।
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वर्ष 2026 में खरमास और चातुर्मास
वर्ष 2026 में 14 मार्च को सूर्य के मीन राशि में प्रवेश करते ही खरमास की शुरुआत हो जाएगी, जो 13 अप्रैल तक चलेगा, इस दौरान शादी-विवाह जैसे शुभ कार्य नहीं किए जाएंगे। इसके बाद विवाह का मौसम फिर से शुरू होगा, लेकिन ज्येष्ठ अधिकमास के कारण 17 मई से 15 जून के बीच पहले महीने में भी विवाह नहीं हो सकेंगे।
वहीं, चातुर्मास की शुरुआत 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से होगी और इसका समापन 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी पर होगा, इस पूरे समय में किसी भी प्रकार के मांगलिक या शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है।