गिरिश कौसगी के इस्तीफे से PNB Housing Finance के शेयरों में जबरदस्त गिरावट, क्या ये है खरीदारी का सही मौका? जानें आगे की रणनीति
Stock Market Update: शुक्रवार, 1 अगस्त को PNB Housing Finance के शेयरों में अचानक बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कंपनी के एमडी और सीईओ गिरिश कौसगी ने अपने कार्यकाल की समाप्ति से पहले इस्तीफा देने की घोषणा की, जिसके बाद शेयर 15% तक टूटकर निचले स्तर पर पहुँच गया। बीएसई पर यह ₹838.30 प्रति शेयर पर बंद हुआ, जबकि शुरुआती कारोबार में ही 10% गिरावट देखने को मिली थी।
अल्पकालिक गिरावट, लेकिन लंबी अवधि में स्थिरता की उम्मीद
PNB Housing Finance के शेयरों में हालिया 15% की गिरावट ने निवेशकों को झकझोर दिया है। गिरिश कौसगी के इस्तीफे से अचानक बने हालातों ने बाजार में घबराहट फैलाई है, लेकिन कंपनी का बोर्ड अब भी विश्वास के साथ आगे बढ़ने की बात कह रहा है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि कंपनी की मजबूत नींव, अनुभवी टीम और बेहतर वित्तीय प्रदर्शन आने वाले समय में भी ग्रोथ को बनाए रखेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार, शेयर में ₹751 तक और गिरावट देखने को मिल सकती है, लेकिन कंपनी के हालिया तिमाही नतीजों—23% मुनाफे की बढ़ोतरी और नेट इंटरेस्ट इनकम में 17% वृद्धि—से संकेत मिलते हैं कि लंबी अवधि में निवेशकों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मौजूदा हालात उन निवेशकों के लिए सीख हैं जो अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबरा जाते हैं। अगर नया सीईओ सही समय पर नियुक्त होता है, तो यह शेयर फिर से उछाल पकड़ सकता है।
गिरिश कौसगी के कार्यकाल में PNB Housing Finance शेयरों में 200% से अधिक उछाल
गिरिश कौसगी के नेतृत्व में PNB Housing के शेयरों ने अक्टूबर 2022 से अब तक निवेशकों को 200% से ज्यादा रिटर्न दिया, जो कंपनी की मजबूत रणनीति और आक्रामक विकास योजनाओं का नतीजा रहा। उनके कार्यकाल में कंपनी ने न सिर्फ मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की, बल्कि मार्केट में अपनी विश्वसनीयता भी बढ़ाई। हालांकि, उनके अचानक इस्तीफे की घोषणा ने निवेशकों में अनिश्चितता पैदा कर दी, जिससे शेयर में तेज बिकवाली का दबाव देखने को मिला। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि नया नेतृत्व समय पर नियुक्त हो गया, तो कंपनी की ग्रोथ स्टोरी बरकरार रह सकती है।
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PNB Housing Finance Q1 Results: मुनाफे में 23% की मजबूत बढ़ोतरी
पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 23% की बढ़ोतरी के साथ ₹534 करोड़ पर पहुँच गया, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह ₹433 करोड़ था। कुल आय भी बढ़कर ₹2,082 करोड़ हो गई, जो कंपनी की मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार बढ़ती हाउसिंग लोन डिमांड और कंपनी की बेहतर क्रेडिट क्वालिटी इसके पीछे अहम कारण हैं।
कंपनी के आय और ब्याज में जबरदस्त सुधार
वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने निवेशकों को चौंकाने वाले नतीजे दिए हैं। कंपनी की कुल आय ₹1,832 करोड़ से बढ़कर ₹2,082 करोड़ हो गई, जबकि ब्याज से हुई आय ₹1,739 करोड़ से बढ़कर ₹1,980 करोड़ पर पहुँच गई। नेट इंटरेस्ट इनकम में भी 17% की वृद्धि हुई और यह ₹760 करोड़ तक पहुँची। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सुधार कंपनी की मजबूत रणनीति और बेहतर लोन रिकवरी का परिणाम है।
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क्या निवेशकों के लिए अवसर है यह गिरावट?
गिरिश कौसगी के इस्तीफे से PNB Housing के शेयरों पर फिलहाल दबाव बना है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह केवल अल्पकालिक प्रभाव है। कंपनी के हालिया नतीजे मजबूत रहे हैं, जिसमें मुनाफे में 23% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ऐसे में दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट बेहतर एंट्री पॉइंट साबित हो सकती है। हालांकि, अल्पकालिक निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और जल्दबाजी में बिकवाली से बचना चाहिए। विश्लेषक सलाह देते हैं कि निवेशक कंपनी के अगले एमडी-सीईओ की नियुक्ति और आगामी तिमाही परिणामों पर नज़र रखें, क्योंकि यही आगे की दिशा तय करेंगे।