पहले ही दिन Prodocs Solutions IPO की धीमी शुरुआत, GMP शून्य; सब्सक्रिप्शन पर टिकी निवेशकों की नजर
Prodocs Solutions IPO सोमवार, 8 दिसंबर से पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। बता दें कि निवेशकों की नजर इस SME IPO पर काफी समय से थी, लेकिन खास बात है कि पहले ही दिन इसका उत्साह उम्मीद से कम दिखा। गौरतलब है की, कंपनी का GMP फिलहाल शून्य चल रहा है। ऐसे में निवेशक असली तस्वीर समझने के लिए सब्सक्रिप्शन डेटा, एंकर निवेश, प्राइस बैंड और वित्तीय स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
Prodocs Solutions IPO Day 1: पहले दिन सिर्फ 0.24 गुना सब्सक्रिप्शन
पहले दिन दोपहर 1:40 बजे तक Prodocs Solutions IPO को कुल 0.24 गुना सब्सक्रिप्शन मिला। रिटेल निवेशक हिस्सा सिर्फ 0.04 गुना भरा, जो काफी कमजोर माना जा रहा है। हालाकि, NII (नॉन-इंस्टीट्यूशनल) सेगमेंट में थोड़ी बेहतर गतिविधि दिखी और यह हिस्सा 0.81 गुना सब्सक्राइब हुआ। गौरतलब है कि QIB श्रेणी में पहले दिन एक भी बोली नहीं लगी।
Prodocs Solutions IPO की कीमत, तारीख और GMP
मार्केट स्रोतों के अनुसार, Prodocs Solutions IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) nil है। इसका मतलब है कि शेयर की लिस्टिंग इश्यू प्राइस के आसपास ही हो सकती है।
IPO की तारीख और प्राइस बैंड
- IPO ओपन: 8 दिसंबर
- IPO क्लोज: 10 दिसंबर
- प्राइस बैंड: ₹131 – ₹138 प्रति शेयर
इस SME IPO के जरिए कंपनी कुल ₹27.60 करोड़ जुटाना चाहती है, जिसमें 16 लाख नए शेयर और 4 लाख शेयरों का OFS शामिल है।
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एंकर इन्वेस्टर्स से मिली थी मजबूत शुरुआत
IPO से पहले कंपनी ने ₹7.70 करोड़ एंकर निवेशकों से जुटाए थे।
- Lords Multigrowth Fund को 3.40 लाख शेयर (₹4.69 करोड़)
- 31 Degrees North Fund को 2.18 लाख शेयर (₹3.01 करोड़)
खास बात है कि एंकर में अच्छी प्रतिक्रिया मिलने के बावजूद पहले दिन रिटेल सेगमेंट में उत्साह कम रहा।
Prodocs Solutions का बिजनेस मॉडल और फाइनेंशियल परफॉर्मेंस
Prodocs Solutions नॉन-वॉइस BPO सेवाओं में काम करने वाली कंपनी है, जो IT-इनेबल्ड सर्विसेज सेक्टर में अपनी पकड़ मजबूत कर चुकी है। कंपनी इंडेक्सिंग सर्विस, टाइटल सर्विस, ई-पब्लिशिंग, फाइनेंस और अकाउंटिंग से लेकर लिटिगेशन सपोर्ट जैसी कई सुविधाएं देती है।
कंपनी का साल-दर-साल मुनाफा
कंपनी के मुनाफे में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है:
- FY23: ₹1.54 करोड़
- FY24: ₹3.16 करोड़
- FY25: ₹5.11 करोड़
- FY26 (30 सितंबर 2025 तक): ₹3.43 करोड़
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राजस्व:
- FY23: ₹36.61 करोड़
- FY24: ₹45.43 करोड़
- FY25: ₹41.79 करोड़
- FY26 (30 सितंबर तक): ₹20.54 करोड़
गौरतलब है कि मुनाफा बढ़ता दिख रहा है, लेकिन FY25 में राजस्व कम हुआ था।
IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कहाँ करेगी कंपनी
Prodocs Solutions अपने ताज़ा IPO से जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कई अहम कामों में करने वाली है। कंपनी बता रही है कि ये फंड उसके लिए तैयार किए जाने वाले कस्टम सॉफ्टवेयर के डिजाइन, डेवलपमेंट और सपोर्ट पर खर्च होगा, जबकि दूसरी ओर नए IT उपकरण, कंप्यूटर हार्डवेयर और अन्य पूंजीगत जरूरतों को भी यही पैसा पूरा करेगा।
इसके साथ ही कंपनी अपने कुछ लोन चुकाने, वर्किंग कैपिटल बढ़ाने और रोजमर्रा की कॉर्पोरेट जरूरतों में भी इस रकम का इस्तेमाल करेगी।
Prodocs Solutions का Lot Size, Reservation और Listing Timeline
Prodocs Solutions IPO में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए सबसे अहम बात यह है कि इसका न्यूनतम लॉट साइज 2,000 शेयर रखा गया है, यानी इससे कम पर बोली नहीं लगेगी। आरक्षण की बात करें तो QIB श्रेणी को 46.5%, रिटेल निवेशकों को 33.5% और NII को 15% हिस्सा दिया गया है।
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बता दें कि अलॉटमेंट की तारीख 11 दिसंबर तय है, जबकि सफल निवेशकों के डीमैट खातों में शेयर 12 दिसंबर को पहुंच जाएंगे। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनका रिफंड भी 12 दिसंबर को ही शुरू होगा। खास बात है कि इस IPO की लिस्टिंग 15 दिसंबर को BSE SME प्लेटफॉर्म पर होने वाली है।