Shiprocket ला रही है ₹2,342 करोड़ का IPO, जानिए कंपनी का बिजनेस मॉडल और बाकी डिटेल

Shiprocket ला रही है ₹2,342 करोड़ का IPO, जानिए कंपनी का बिजनेस मॉडल और बाकी डिटेल

Shiprocket IPO: भारत के तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स सेक्टर से एक बड़ी खबर सामने आई है। MSME और ऑनलाइन कारोबारियों के लिए काम करने वाला प्लेटफॉर्म Shiprocket अब शेयर बाजार में उतरने की तैयारी में है। खास बात है कि Temasek और Eternal जैसे दिग्गज निवेशकों का समर्थन पाने वाली इस कंपनी ने अपने IPO को लेकर बड़ा कदम उठा लिया है। आइए जानते हैं IPO से जुड़ी पूरी डिटेल।

Shiprocket IPO: SEBI के पास दाखिल हुआ अपडेटेड DRHP

बता दें कि ई-कॉमर्स को आसान बनाने वाला प्लेटफॉर्म शिपरॉकेट अब शेयर बाजार में उतरने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कंपनी ने बाजार नियामक SEBI के पास अपना DRHP जमा कर दिया है, जिसके तहत कुल ₹2,342 करोड़ का Shiprocket IPO लाने की योजना है।

Shiprocket IPO में ₹1,100 करोड़ का नया शेयर इश्यू शामिल होगा, जबकि ₹1,242 करोड़ का ऑफर फॉर सेल रहेगा, जिसमें मौजूदा निवेशक अपनी हिस्सेदारी बेचेंगे।

हालांकि अभी IPO की तारीख सामने नहीं आई है, लेकिन खास बात है कि शिपरॉकेट को इटरनल, टेमासेक और बर्टेल्समैन जैसे बड़े निवेशकों का मजबूत साथ मिला हुआ है। यही वजह है कि बाजार में इस IPO को लेकर पहले से ही काफी हलचल और चर्चा देखने को मिल रही है।

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Shiprocket का बिजनेस मॉडल

बता दें कि शिपरॉकेट एक ऐसा एंड-टू-एंड ई-कॉमर्स सुविधा प्लेटफॉर्म है, जो खास तौर पर भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और डिजिटल दुकानदारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है। यह प्लेटफॉर्म कारोबारियों को अपनी खुद की वेबसाइट, मोबाइल एप और सोशल कॉमर्स के जरिए सीधे ग्राहकों तक सामान बेचने में मदद करता है।

इसमें लॉजिस्टिक्स, ऑर्डर चेकआउट, भुगतान, ऑर्डर पूरा करने और सीमा पार व्यापार जैसी कई जरूरी सुविधाएं एक ही जगह मिल जाती हैं। खास बात यह है कि शिपरॉकेट एसेट-लाइट मॉडल पर काम करती है, यानी भारी इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने के बजाय टेक्नोलॉजी और पार्टनर नेटवर्क के सहारे सेवाएं देती है, जिससे लागत कम रहती है और कारोबार तेजी से बढ़ाया जा सकता है।

गौरतलब है कि DRHP में शामिल रेडसीर रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष पच्चीस में शिपरॉकेट ऑपरेशनल रेवेन्यू के मामले में भारत का सबसे बड़ा न्यू-एज, एंड-टू-एंड हॉरिजॉन्टल ई-कॉमर्स सुविधा प्लेटफॉर्म रहा है।

Shiprocket का मजबूत कारोबार और भविष्य की बड़ी तैयारी

बता दें कि शिपरॉकेट की असली ताकत उसका कोर बिजनेस है, जिसमें घरेलू शिपिंग प्लेटफॉर्म और शिपिंग एप शामिल हैं, जो भारत के भीतर कारोबारियों को शुरुआत से लेकर डिलीवरी तक पूरी तरह मैनेज की गई शिपिंग सुविधा देते हैं।

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इसमें मल्टी मोड शिपिंग, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित लॉजिस्टिक्स पार्टनर चयन, ऑर्डर प्रबंधन टूल और डेटा आधारित जानकारी जैसी सुविधाएं मिलती हैं, जिससे ग्राहकों का अनुभव बेहतर होता है, जबकि ऑर्डर ट्रैकिंग और शिपमेंट सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती है।

वहीं, शिपरॉकेट का उभरता हुआ कारोबार खंड भविष्य की कमाई पर फोकस कर रहा है, जिसमें कार्गो और फुलफिलमेंट सेवाएं, सीमा पार व्यापार मंच, विज्ञापन और मार्केटिंग समाधान, पूंजी समाधान और हाइपरलोकल डिलीवरी जैसी सेवाएं शामिल हैं, जिनका मकसद व्यापारियों की बिक्री बढ़ाना, उनकी पहुंच को विस्तार देना और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों स्तर पर कारोबार को तेजी से आगे बढ़ाना है।

IPO से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कहां होगा?

बता दें कि IPO से जुटाई गई शुद्ध राशि का इस्तेमाल कंपनी अपने प्लेटफॉर्म की ग्रोथ तेज करने में करेगी, जिसमें मार्केटिंग बढ़ाना, तकनीकी ढांचे को मजबूत करना और नए फीचर्स जोड़ना शामिल है। इस रकम का एक हिस्सा मौजूदा कर्ज चुकाने या पहले ही निपटाने में भी लगाया जाएगा, जबकि बाकी पैसा संभावित अधिग्रहण और रोजमर्रा की कॉरपोरेट जरूरतों पर खर्च होगा।

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कौन संभालेगा जिम्मेदारी

हालाकी, इस IPO को संभालने की जिम्मेदारी एक्सिस कैपिटल, बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज इंडिया, JM फाइनेंशियल और कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी जैसे बड़े बुक रनिंग लीड मैनेजर्स के पास है। गौरतलब है कि कंपनी IPO से पहले करीब 220 करोड़ रुपये तक का प्री-आईपीओ प्लेसमेंट भी कर सकती है, और अगर ऐसा होता है तो यह रकम फ्रेश इश्यू के आकार से घटा दी जाएगी।

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