जानें सर्दियों में तुलसी को स्वस्थ और हरा-भरा रखने के आसान घरेलू उपाय

जानें सर्दियों में तुलसी को स्वस्थ और हरा-भरा रखने के आसान घरेलू उपाय

Tulsi Care in Winter: नवंबर का महीना मौसम में बदलाव का संकेत देता है। बरसात के बाद हवा में बची नमी और हल्की शुरुआत होती ठंड, दोनों मिलकर वातावरण को अस्थिर बना देते हैं। यही उतार-चढ़ाव पौधों के देखभाल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है, क्योंकि इसी समय तुलसी के पौधे पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है। हालाकि थोड़ी-सी सावधानी रखकर आप अपनी तुलसी को पूरे सर्दियों में हरा-भरा रख सकते हैं।

नवंबर की धूप तुलसी पर कैसे असर डालती है?

नवंबर में दिन की धूप कभी तेज़ तो कभी हल्की हो जाती है, जबकि रात में अचानक ठंड बढ़ जाती है। यही तापमान का उतार-चढ़ाव तुलसी को सबसे ज़्यादा प्रभावित करता है। बता दें कि तुलसी तभी अच्छी तरह बढ़ती है जब उसे संतुलित और नरम धूप मिले। इसलिए तुलसी के पौधे को ऐसी जगह रखना ज़रूरी है जहाँ सुबह की 4–5 घंटे की हल्की धूप मिले, लेकिन दोपहर की तीखी धूप से बचा रहे।

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इसके साथ ही रात की ठंडी हवा भी तुलसी के पौधे को कमजोर कर सकती है, इसलिए बालकनी की ओट, ग्रीन नेट या साधारण छांव में रखना काफ़ी फायदेमंद रहता है।

Tulsi Care in Winter: सर्दियों में तुलसी को पानी और खाद कैसे दें?

सर्दियों में मिट्टी देर से सूखती है, इसलिए तुलसी को रोज पानी देना नुकसानदेह हो सकता है। बेहतर होगा कि हर सुबह मिट्टी की ऊपरी परत को हाथ से छूकर देखें। अगर नमी हो तो पानी बिल्कुल न दें। ध्यान रहे, गमले में पानी निकलने का छेद जरूर हो, नहीं तो पानी जमा होकर जड़ों को सड़ा सकता है। कम पानी देने से पौधा हल्का और तनाव मुक्त रहता है और उसकी पत्तियाँ भी ताजा दिखती हैं।

मिट्टी की गुड़ाई और प्राकृतिक खाद

इसके साथ ही, हर 10-15 दिन में मिट्टी की हल्की गुड़ाई कर दें, जिससे जड़ों तक हवा पहुँचती रहे और पौधा नए पत्ते निकालता रहे। महीने में एक बार गोबर की खाद, वर्मीकम्पोस्ट या इस्तेमाल की हुई चायपत्ती डालना भी जरूरी है, क्योंकि यही पोषक तत्व सर्दियों में तुलसी को मजबूत बनाकर हरा-भरा रखने में मदद करते हैं।

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कीट और फफूंद से कैसे करें सुरक्षा?

नवंबर के बदलते मौसम में तुलसी के पौधे (Tulsi Care in Winter) पर कीट और फफूंद दोनों का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस समय थोड़ी ज्यादा देखभाल बहुत जरूरी हो जाती है। पौधे को सुरक्षित रखने के लिए आप आसान घरेलू तरीके अपना सकते हैं। हर पंद्रह दिन में लगभग पाँच मिली नीम का तेल एक लीटर पानी में मिलाकर हल्का छिड़काव करें, इससे कीट दूर रहते हैं और पत्तियाँ स्वस्थ बनी रहती हैं।

अगर पत्तियों पर फफूंद की सफेद परत नज़र आए, तो मिट्टी पर थोड़ी हल्दी या फिटकरी का बारीक पाउडर छिड़क दें। यह तरीका प्राकृतिक रूप से संक्रमण रोकने में मदद करता है और तुलसी को फिर से ताजा और हरा-भरा बना देता है।

तुलसी को हरा-भरा और घना कैसे बनाए रखें?

तुलसी को हमेशा ताज़ा और घना बनाए रखने के लिए जरूरी है कि आप उसकी सूखी पत्तियाँ और कमजोर टहनियाँ समय-समय पर हटा दें। इससे पौधे को नई पत्तियाँ निकालने की ताकत मिलती है। ऊपर की टहनियों की हल्की पिंचिंग करने से तुलसी और भी भरपूर और घनी दिखने लगती है।

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इसके अलावा, रात की ठंडी हवा से बचाने के लिए पौधे को दीवार की ओट में रखें या जरूरत पड़े तो अंदर ले आएँ। इस छोटी-सी देखभाल (Tulsi Care in Winter) से आपकी तुलसी पूरे मौसम में हरी-भरी बनी रहेगी।

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