भारत में तेजी से बढ़ रही है साइलेंट हेल्थ क्राइसिस, हर दो में से एक भारतीय हो रहा शिकार
Vitamin D Deficiency in India: भारत में Vitamin D की कमी अब एक “साइलेंट हेल्थ क्राइसिस” के रूप में उभर रही है। हाल ही में Metropolis Healthcare Ltd की रिपोर्ट ने एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। देश में करीब हर दो में से एक भारतीय में Vitamin D की कमी पाई गई है। यह रिपोर्ट 2019 से 2025 के बीच किए गए 22 लाख टेस्ट के विश्लेषण पर आधारित है, जो इस गंभीर स्थिति की ओर इशारा करती है।
कितनी गंभीर है Vitamin D Deficiency
Metropolis Healthcare की रिपोर्ट के अनुसार, 46.5% भारतीयों में Vitamin D की कमी (Deficiency) है, जबकि 26% लोगों में इसका स्तर अपर्याप्त (Insufficient) है। यानी कुल मिलाकर हर चार में से तीन भारतीय इस कमी से प्रभावित हैं या इसके खतरे में हैं। हालांकि, रिपोर्ट में हल्का सुधार भी देखा गया है। 2019-20 में Vitamin D की कमी 51% थी, जो 2023-24 में घटकर 43% पर आ गई है। यह सुधार लोगों में बढ़ती जागरूकता और नियमित टेस्टिंग की वजह से संभव हुआ है।
किन समूहों पर Vitamin D Deficiency का सबसे ज्यादा असर
भारत में Vitamin D Deficiency अब एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जिसका सबसे ज्यादा असर किशोरों और कामकाजी युवाओं पर देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, 13 से 18 वर्ष की उम्र के करीब 66.9% किशोरों में Vitamin D की गंभीर कमी पाई गई है। वहीं, ऑफिस जाने वाले और लंबे समय तक घर के अंदर रहने वाले वर्किंग एड्ल्ट्स में भी यह कमी तेजी से बढ़ रही है, क्योंकि वे धूप के संपर्क में बहुत कम आते हैं।
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गौरतलब है कि महिलाओं और पुरुषों के बीच का अंतर अब लगभग खत्म हो गया है, यानि महिलाओं में यह कमी 46.9% और पुरुषों में 45.8% दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं में न्यूट्रिशन और हेल्थ अवेयरनेस बढ़ने से अब स्थिति में थोड़ा सुधार देखने को मिल रहा है।
किस क्षेत्र में सबसे ज्यादा कमी
- दक्षिण भारत: सबसे ज्यादा कमी (51.6%), जिनमें केरल, पुडुचेरी और तमिलनाडु शामिल हैं।
- मध्य भारत: 48.1%
- उत्तर भारत: 44.9%
- पश्चिम भारत: 42.9% (तुलनात्मक रूप से बेहतर स्थिति)
- उत्तर-पूर्व भारत: सबसे कम कमी (36.9%), संभवतः खुली लाइफस्टाइल और संतुलित भोजन की वजह से।
Vitamin D की कमी के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, शहरी जीवनशैली में धूप की कमी, लंबे समय तक स्क्रीन के सामने रहना, इंडोर लाइफस्टाइल, और कैल्शियम व पौष्टिक भोजन की कमी Vitamin D Deficiency के मुख्य कारण हैं। Metropolis Healthcare के एमडी सुरेन्द्रन चेम्मेनकोटिल का कहना है कि,
“Vitamin D की कमी एक साइलेंट हेल्थ प्रॉब्लम है, जिसका असर हड्डियों, इम्युनिटी और पूरे शरीर पर पड़ता है।”
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वहीं Metropolis की चीफ साइंटिफिक ऑफिसर किरण चड्ढा कहती हैं,
“Vitamin D शरीर की बोन हेल्थ, मसल्स और इम्युनिटी के लिए जरूरी है। इसकी कमी का पता अक्सर तब चलता है जब व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी या बार-बार संक्रमण होने लगता है।”
विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह 20-25 मिनट धूप में रहना, संतुलित आहार लेना और साल में एक बार Vitamin D टेस्ट करवाना इस साइलेंट हेल्थ क्राइसिस से बचने के सबसे सरल और प्रभावी उपाय हैं।
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