जन सुराज ने बिहार सरकार पर लगाएं गंभीर आरोप, चुनाव से पहले बांटे गए 14,000 करोड़

जन सुराज ने बिहार सरकार पर लगाएं गंभीर आरोप, चुनाव से पहले बांटे गए 14,000 करोड़

World Bank Fund Misuse Bihar: बिहार चुनाव 2025 के नतीजों के बाद अब राज्य की राजनीति एक नए विवाद में उलझ गई है। खास बात यह है कि यह विवाद सीधे तौर पर 14,000 करोड़ रुपए जैसी भारी-भरकम रकम से जुड़ा है, जिसे लेकर प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने बड़ी बात कही है। हालाकि, चिराग पासवान ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। आइए पूरा मामला समझते हैं।

चुनाव से ठीक पहले महिलाओं में बाटे 14,000 करोड़ – World Bank Fund Misuse Bihar

बिहार चुनाव के बीच एक बड़ा दावा सामने आया है, जिसमें जन सुराज पार्टी के प्रवक्ता पवन वर्मा ने आरोप लगाया कि World Bank की एक परियोजना के लिए मिले 21,000 करोड़ में से 14,000 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के नाम पर महिलाओं में बांट दिए (World Bank Fund Misuse Bihar) गए।

बता दें कि वर्मा का कहना है कि इस भुगतान की मंजूरी आचार संहिता लागू होने से मात्र एक घंटे पहले दी गई थी, जिसे उन्होंने “चुनावी मैदान को झुकाने वाला कदम” बताया। खास बात है कि उन्होंने दावा किया कि महिलाओं को दिए गए 10,000 रुपये भी उसी फंड से निकाले गए, जो मूल रूप से किसी और प्रोजेक्ट के लिए था।

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वर्मा ने यह भी कहा कि चुनाव से ठीक पहले 1.25 करोड़ महिलाओं को इतनी बड़ी रकम देने से चुनावी माहौल प्रभावित हुआ।

बिहार की आर्थिक स्थिति पर भी उठाए सवाल

वर्मा ने राज्य की आर्थिक हालत पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिहार का कुल कर्ज 4,06,000 करोड़ है और केवल ब्याज का खर्च 63 करोड़ प्रतिदिन है। उन्होंने आरोप लगाया कि “तिजोरी खाली है,” फिर भी इतने बड़े पैमाने पर धन का वितरण किया गया। गौरतलब है कि यह मुद्दा चुनावी नतीजों के कुछ ही घंटों के भीतर सामने आया, जिससे विवाद और भी बढ़ गया है।

चिराग पासवान का पलटवार “बिना सबूत के बयानबाज़ी बेकार”

जन सुराज पार्टी के गंभीर आरोपों पर सियासी पारा चढ़ते ही LJP(RV) प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने करारा जवाब देते हुए कहा कि ऐसे दावों में कोई तथ्य नहीं है। उनके मुताबिक विपक्ष सिर्फ बिना आधार वाली बातें करके भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है।

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ANI से बातचीत में चिराग ने साफ कहा कि “खाली दावे करने से कुछ नहीं होता, सबूत हों तो सामने रखें, सरकार जवाब देगी।” उन्होंने पूरे विवाद (World Bank Fund Misuse Bihar) को महज राजनीतिक बयान बाज़ी बताया और कहा कि बिना ठोस डेटा के इस तरह के आरोप जनता को गुमराह करने की कोशिश हैं।

शराबबंदी, महिलाओं का वोट और जन सुराज की हार

पवन वर्मा ने यह भी कहा कि शराबबंदी पर प्रशांत किशोर की स्पष्ट राय ने पार्टी को नुकसान नहीं पहुँचाया। उनके अनुसार बिहार में शराबबंदी “कागज़ पर ही है,” क्योंकि शराब हर जगह उपलब्ध है और कई घरों तक पहुंचती है। वर्मा के मुताबिक,

दो लाख से ज़्यादा लोग, ज़्यादातर दलित और अति पिछड़े वर्ग से, शराबबंदी के तहत जेल गए हैं। इससे महिलाओं पर घर चलाने का बोझ बढ़ा है।

हालाँकि, उन्होंने माना कि अंतिम क्षणों में किए गए कैश ट्रांसफर और महिलाओं को लुभाने वाली योजनाओं ने चुनाव परिणामों को प्रभावित किया।

क्यों नहीं जीती जन सुराज?

243 सीटों पर जोरदार कैंपेन के बावजूद जन सुराज एक सीट भी नहीं जीत पाई, जिसके पीछे पवन वर्मा ने तीन कारण बताए:

  1. महिलाओं को अचानक मिला पैसा
  2. जंगलराज की वापसी का डर
  3. नीतीश कुमार का X-फैक्टर।

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पवन वर्मा का कहना है कि बड़ी संख्या में मतदाता RJD के पुराने जंगलराज से बचने के लिए NDA की तरफ झुक गए। बिहार चुनाव नतीजों में NDA ने 202 सीटों के साथ फिर से 200 का आंकड़ा पार किया, जबकि महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया।

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