बैंकों में 2 दिन की छुट्टी पक्की? 5 दिन बैंकिंग पर IBA ने बनाई हाई लेवल कमिटी, जानें क्या बदलेगा

देशभर के बैंक कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही 5 दिन बैंकिंग (5 Day Banking) की मांग को लेकर अब बातचीत अगले चरण में पहुंच गई है। 29 सितंबर 2026 को इंडियन बैंक्स एसोसिएशन यानी IBA ने इस मुद्दे पर एक हाईलेवल कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी सभी शनिवारों को छुट्टी करने के प्रस्ताव पर बैंक यूनियनों और दूसरे पक्षों से चर्चा करेगी।
27 सितंबर की बैठक के बाद बदला पूरा घटनाक्रम
5 Day Banking को लेकर यह बड़ा घटनाक्रम 27 सितंबर 2026 को IBA और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस यानी UFBU के बीच हुई बैठक के बाद सामने आया। बैंक यूनियनों ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिन की देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया था। बैठक के बाद हड़ताल को टाल दिया गया और 5 दिन की बैंकिंग व्यवस्था पर आगे बातचीत का रास्ता खुला।
इसके बाद 29 सितंबर को IBA ने पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की संभावनाओं पर चर्चा के लिए हाईलेवल कमेटी गठित कर दी। कमेटी का उद्देश्य ऐसा समाधान तलाशना है जिसमें बैंक कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन छुट्टी देने के साथ ग्राहकों की बैंकिंग जरूरतों का भी ध्यान रखा जा सके।
मौजूदा व्यवस्था में बैंक शाखाएं महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बंद रहती हैं। पहले, तीसरे और पांचवें शनिवार को सामान्य रूप से बैंकिंग कामकाज होता है। बैंक यूनियनों की मांग है कि सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित की जाए।
IBA की हाईलेवल कमेटी में कौन-कौन शामिल?
IBA की बनाई हाईलेवल कमेटी में बैंकिंग क्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार बैंक ऑफ इंडिया के MD और CEO राजनीश कर्नाटक को कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। पंजाब नेशनल बैंक के MD और CEO अशोक चंद्र को वैकल्पिक चेयरमैन की जिम्मेदारी दी गई है।
कमेटी में इंडियन बैंक के MD और CEO बिनोद कुमार, बैंक ऑफ बड़ौदा के MD और CEO राकेश शर्मा तथा SBI के चीफ जनरल मैनेजर जीएस राणा भी शामिल हैं। इसके अलावा UFBU से जुड़े बैंक यूनियनों के प्रतिनिधियों को भी कमेटी में जगह दी गई है।
कमेटी अब इस बात पर विचार करेगी कि सभी शनिवारों को छुट्टी देने के बाद बैंकिंग सेवाओं को किस तरह सामान्य रखा जा सकता है। इसमें ग्राहकों और बैंक कर्मचारियों से जुड़े अलग-अलग पहलुओं पर भी चर्चा की जानी है।
क्या हर शनिवार बंद रहेंगे बैंक?
5 डे बैंकिंग लागू होने की स्थिति में हर शनिवार बैंक शाखाएं बंद रखने का प्रस्ताव है। हालांकि अभी यह व्यवस्था लागू नहीं हुई है। जब तक कोई अंतिम फैसला नहीं लिया जाता, मौजूदा शनिवार की छुट्टी वाली व्यवस्था ही जारी रहेगी। इसलिए फिलहाल दूसरे और चौथे शनिवार को बैंक बंद रहेंगे, जबकि बाकी शनिवारों में शाखाएं खुलेंगी।
प्रस्ताव को लागू करने के लिए सप्ताह के बाकी दिनों में बैंकिंग समय बढ़ाने के विकल्प पर भी चर्चा हो रही है। पहले की बातचीत में कामकाजी दिनों में अतिरिक्त समय देने का विचार सामने आया था, ताकि शनिवार की छुट्टी से ग्राहकों के बैंकिंग समय में बड़ी कमी न आए। हालांकि अंतिम समय-सारणी अभी तय नहीं हुई है।
ग्राहकों पर क्या होगा असर?
ग्राहकों के लिए डिजिटल बैंकिंग सेवाएं भी महत्वपूर्ण रहेंगी। 5 Day Banking का मतलब शाखाओं के कामकाज से जुड़ी छुट्टी होगा। इसका सीधा अर्थ यह नहीं है कि ATM, UPI, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं शनिवार को बंद हो जाएंगी। ऐसे में जिन ग्राहकों को शाखा जाकर काम कराने की जरूरत नहीं है, वे डिजिटल माध्यमों से कई बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हर शनिवार बैंक बंद होने का फैसला अभी नहीं हुआ है। IBA की हाईलेवल कमेटी अब इस प्रस्ताव पर बैंक यूनियनों और संबंधित पक्षों के साथ बातचीत करेगी। कमेटी की चर्चा और आगे होने वाले फैसलों के बाद ही पता चलेगा कि 5 दिन बैंकिंग कब और किस व्यवस्था के साथ लागू होगी।

