INS अरिदमन से और मजबूत हुई भारतीय नौसेना, जानिए कितनी खतरनाक है भारत की नई परमाणु पनडुब्बी

INS अरिदमन से और मजबूत हुई भारतीय नौसेना, जानिए कितनी खतरनाक है भारत की नई परमाणु पनडुब्बी

INS Aridhaman के शामिल होते ही भारत की समुद्री ताकत एक नए स्तर पर पहुंच गई है। अब दुश्मनों के लिए समुद्र के भीतर भारत की मौजूदगी को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। बता दें कि यह पनडुब्बी सिर्फ तकनीक का नमूना नहीं, बल्कि देश की रणनीतिक ताकत का मजबूत संकेत है। हालांकि, सवाल यह भी है कि दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले भारत कहां खड़ा है और यह नई ताकत क्या बदलने वाली है?

INS Aridhaman के शामिल होने से क्या बदला?

भारत ने अपनी तीसरी स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी INS Aridhaman को नौसेना में शामिल कर एक बड़ा कदम उठाया है, जिससे देश की रक्षा क्षमता और मजबूत हो गई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इसे सिर्फ एक नाम नहीं, बल्कि देश की ताकत का प्रतीक बताया है।

अब भारत के पास INS Arihant और INS Arighat के साथ तीन ऑपरेशनल परमाणु पनडुब्बियां हो गई हैं, जिससे लगातार निगरानी और जवाबी क्षमता बनाए रखना आसान हो गया है। करीब 7,000 टन वजनी यह पनडुब्बी पहले से ज्यादा उन्नत है और इसमें ऐसी स्टील्थ तकनीक दी गई है जो इसे दुश्मन की नजरों से बचाकर रखती है।

साथ ही इसमें लगे स्वदेशी सोनार सिस्टम इसे और ज्यादा प्रभावी बनाते हैं। हालांकि इसकी खासियत तेज रफ्तार नहीं, बल्कि चुपचाप मिशन पूरा करना है, जो चीन और पाकिस्तान जैसे देशों के लिए चिंता बढ़ाने वाली बात है।

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कैसे काम करती है परमाणु पनडुब्बी?

परमाणु पनडुब्बी आम पनडुब्बियों से बिल्कुल अलग होती है, क्योंकि यह डीजल से नहीं बल्कि न्यूक्लियर रिएक्टर से चलती है। यह रिएक्टर परमाणु ऊर्जा से इतनी गर्मी पैदा करता है कि उससे भाप बनती है और वही पनडुब्बी को ताकत देती है। यही वजह है कि यह महीनों तक पानी के अंदर रह सकती है और बार-बार सतह पर आने की जरूरत नहीं पड़ती, साथ ही यह अपने अंदर ही ऑक्सीजन और पानी भी तैयार कर लेती है।

खास बात यह है कि ये पनडुब्बियां बहुत कम आवाज करती हैं, क्योंकि इनके प्रोपेलर ऐसे डिजाइन किए जाते हैं कि पानी में बनने वाले बुलबुले यानी कैविटेशन कम हो, जिससे दुश्मन इन्हें आसानी से पकड़ नहीं पाता। बता दें कि इस तकनीक की शुरुआत United States ने 1954 में USS Nautilus के लॉन्च के साथ की थी, और तब से यह लगातार और ज्यादा एडवांस होती गई है।

किन देशों के पास हैं परमाणु पनडुब्बी?

आज के समय में परमाणु पनडुब्बी तकनीक बहुत कम देशों के पास है और यही वजह है कि इसे बड़ी सैन्य ताकत माना जाता है। इस सूची में United States, रूस, United Kingdom, फ़्रांस, चीन और भारत जैसे देश शामिल हैं। अमेरिका सबसे आगे है, जिसके पास करीब 70 परमाणु पनडुब्बियां हैं, जबकि चीन तेजी से आगे बढ़ते हुए 30 से ज्यादा पनडुब्बियों के साथ दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है।

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रूस के पास भी मजबूत बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां हैं, जो उसकी रक्षा नीति का अहम हिस्सा हैं। वहीं ब्रिटेन और फ्रांस के पास भी सीमित लेकिन आधुनिक बेड़ा मौजूद है। भारत अभी इस दौड़ में नया है, लेकिन INS Arihant और INS Arighat जैसी पनडुब्बियों के साथ तेजी से अपनी ताकत बढ़ा रहा है।

गौरतलब है कि उत्तर कोरिया भी इस दिशा में काम कर रहा है, जबकि ऑस्ट्रेलिया और ब्राजील आने वाले समय में इस क्लब में शामिल होने की तैयारी में हैं।

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