भारत की सबसे तेज़ ग्रोथ वाली राइड कंपनी बनी Rapido, वैल्यूएशन 3 अरब डॉलर के पार
Rapido Funding 2026: भारत के राइड-हेलिंग सेक्टर में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। Uber और Ola को चुनौती देने वाली कंपनी Rapido ने ताज़ा फंडिंग हासिल कर बाजार में हलचल मचा दी है। Prosus के नेतृत्व में मिले इस निवेश के बाद कंपनी का वैल्यूएशन 3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। बता दें कि इस डील में कई बड़े निवेशकों ने हिस्सा लिया है। यह सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि भारत के मोबिलिटी बाजार में बदलते ट्रेंड का संकेत भी माना जा रहा है।
730 मिलियन डॉलर की फंडिंग से Rapido को मिला बड़ा बूस्ट
Rapido ने एक बार फिर बड़ा निवेश हासिल किया है, जिसकी अगुवाई डच टेक्नोलॉजी निवेशक Prosus ने की है। इस फंडिंग राउंड में WestBridge Capital और Accel जैसे बड़े नाम भी शामिल रहे। इसमें 240 मिलियन डॉलर की रकम सीधे नई पूंजी के तौर पर कंपनी में डाली गई, जिसे प्राइमरी इन्वेस्टमेंट कहा जाता है, जबकि बाकी डील सेकेंडरी ट्रांजैक्शन के जरिए पूरी हुई, जिससे कुल फंडिंग करीब 730 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई।
बता दें कि सेकेंडरी ट्रांजैक्शन में निवेशक एक-दूसरे से शेयर खरीदते-बेचते हैं और कंपनी को इसमें सीधे पैसा नहीं मिलता, इसी दौरान Swiggy और TVS Motor कंपनी ने अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचकर कंपनी से बाहर निकलने का फैसला भी कर लिया।
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Swiggy और TVS Motor ने क्यों छोड़ा Rapido का साथ
2015 में शुरू हुई Rapido ने कुछ ही सालों में भारत के दोपहिया राइड-हेलिंग बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बना ली है। जुलाई 2024 में WestBridge Capital से 120 मिलियन डॉलर की फंडिंग मिलने के बाद यह कंपनी यूनिकॉर्न बन गई थी और इसका वैल्यूएशन 1 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।
इसके बाद से कंपनी की ग्रोथ और तेज हो गई और अब नई फंडिंग के बाद इसका वैल्यूएशन तीन गुना बढ़कर करीब 3 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। इसी बीच Swiggy ने पहले ही सेकेंडरी डील के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेच दी थी, जबकि TVS Motor Company ने भी पूरी तरह से कंपनी से बाहर निकलने का फैसला कर लिया है।
यह साफ दिखाता है कि शुरुआती निवेशक अब धीरे-धीरे अपना मुनाफा निकाल रहे हैं, लेकिन दूसरी तरफ Rapido की रफ्तार कम नहीं हुई है और यह भारत के राइड-हेलिंग सेक्टर में लगातार अपनी पकड़ और मजबूत करती जा रही है।
फंडिंग के बाद Rapido की बड़ी रणनीति क्या है?
नई फंडिंग मिलने के बाद Rapido अब अपने बिजनेस को और मजबूत करने की तैयारी में है। कंपनी का साफ फोकस नए शहरों में तेजी से विस्तार करने, मौजूदा मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा ड्राइवरों को अपने प्लेटफॉर्म से जोड़ने पर है। इसके साथ ही टेक्नोलॉजी को बेहतर बनाने और टीम को मजबूत करने में भी बड़ा निवेश किया जाएगा, ताकि सर्विस और तेज और आसान हो सके।
कंपनी का कहना है कि,
भारत के छोटे शहरों यानी टियर-2 और टियर-3 इलाकों में अब ट्रांसपोर्ट की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले समय में इन शहरों में अपनी पहुंच बढ़ाना Rapido की सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी।
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गौरतलब है कि भारत का राइड-हेलिंग बाजार अब धीरे-धीरे महंगी और प्रीमियम सेवाओं से हटकर सस्ती और आसान सुविधा वाले मॉडल की तरफ बढ़ रहा है। लोग अब कम खर्च में जल्दी और सुविधाजनक सफर चाहते हैं, और इसी बदलाव का फायदा Rapido जैसे प्लेटफॉर्म को मिल रहा है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक, ऑटो और टू-व्हीलर राइड सेगमेंट अब सबसे तेजी से बढ़ने वाला हिस्सा बन गया है, खासकर छोटे और गैर-मेट्रो शहरों में। इसी वजह से Rapido की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही है। इसके अलावा कंपनी ने फूड डिलीवरी सेक्टर में भी कदम रखा है, जहां उसका ब्रांड “Ownly” फिलहाल बेंगलुरु में ही चल रहा है। लेकिन आगे इसे दूसरे शहरों में ले जाने की योजना भी बन सकती है।
