Shankesh Jewellers IPO में पैसा लगाएं या नहीं? GMP, कमाई और वैल्यूएशन से समझें पूरा मामला

Shankesh Jewellers IPO 18 अगस्त 2026 से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी के इस IPO में 20 अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। Grey Market में शेयर करीब 2% प्रीमियम पर कारोबार कर रहा है, यानी लिस्टिंग से बड़ा फायदा मिलने के संकेत फिलहाल मजबूत नहीं हैं।
Shankesh Jewellers IPO: प्राइस बैंड, लॉट साइज और जरूरी तारीखें
Shankesh Jewellers Limited का IPO कुल 367.18 करोड़ रुपये का है। इसमें 274.18 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 93 करोड़ रुपये का Offer for Sale यानी OFS शामिल है। कंपनी ने IPO के लिए 88 रुपये से 93 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
IPO का एक लॉट 160 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड 93 रुपये के हिसाब से रिटेल निवेशक को कम से कम 14,880 रुपये लगाने होंगे। IPO के लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 20 अगस्त है।
शेयरों का अलॉटमेंट 21 अगस्त 2026 को फाइनल होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी के शेयर NSE और BSE पर लिस्ट होंगे। संभावित लिस्टिंग डेट 25 अगस्त 2026 तय की गई है। Aryaman Financial Services इस इश्यू की बुक-रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि Kfin Technologies को IPO का रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।
| IPO की जानकारी | विवरण |
|---|---|
| कंपनी का नाम | Shankesh Jewellers Limited |
| IPO का आकार | ₹367.18 करोड़ |
| Fresh Issue | ₹274.18 करोड़ |
| Offer for Sale (OFS) | ₹93 करोड़ |
| प्राइस बैंड | ₹88–₹93 प्रति शेयर |
| लॉट साइज | 160 शेयर |
| न्यूनतम निवेश | ₹14,880 |
| IPO खुलने की तारीख | 18 अगस्त 2026 |
| IPO बंद होने की तारीख | 20 अगस्त 2026 |
| अलॉटमेंट की संभावित तारीख | 21 अगस्त 2026 |
| लिस्टिंग | NSE और BSE |
| संभावित लिस्टिंग तारीख | 25 अगस्त 2026 |
| बुक-रनिंग लीड मैनेजर | Aryaman Financial Services |
| रजिस्ट्रार | Kfin Technologies |
IPO से मिले पैसे का इस्तेमाल कहा करेगी कंपनी?
Shankesh Jewellers IPO से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और कारोबार की जरूरतों को पूरा करने में करेगी। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा कर्ज घटाने के लिए रखा गया है। कंपनी नेट प्रोसिड्स में से 158 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कुछ मौजूदा उधारी के पूरे या आंशिक पुनर्भुगतान और पूर्व-भुगतान के लिए करेगी।
इससे कंपनी के बकाया कर्ज में कमी आने और बैलेंस शीट मजबूत होने की उम्मीद है। इसके अलावा 38 करोड़ रुपये working capital की जरूरतों के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे। बाकी रकम सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों में लगाई जाएगी। कंपनी की वित्तीय तस्वीर भी IPO को लेकर दिलचस्प है।
Shankesh Jewellers का वित्तीय प्रदर्शन
| वित्तीय आंकड़े | FY25 | FY26 | बदलाव |
|---|---|---|---|
| कुल आय | ₹1,403.94 करोड़ | ₹1,630.93 करोड़ | 16% बढ़ोतरी |
| Profit After Tax (PAT) | ₹40.31 करोड़ | ₹106.68 करोड़ | 165% बढ़ोतरी |
नोट: FY26 में कंपनी की आय 16% बढ़ी, जबकि मुनाफे में 165% की तेज वृद्धि दर्ज हुई।
Shankesh Jewellers का कारोबार
साल 2005 में शुरू हुई Shankesh Jewellers कस्टमाइज्ड और हाथ से बनी सोने की ज्वेलरी (customised handcrafted gold jewellery) बनाने और सप्लाई करने का कारोबार करती है। कंपनी 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की ज्वेलरी पर फोकस करती है। इसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में चूड़ियां, ब्राइडल ज्वेलरी, चोकर, झुमके, नेकलेस सेट, मंगलसूत्र, अंगूठियां और दूसरे ज्वेलरी सेट शामिल हैं।
कंपनी का कारोबार B2B मॉडल पर आधारित है और इसके ग्राहक भारत में मौजूद कॉर्पोरेट और गैर-कॉर्पोरेट ज्वेलरी कारोबार हैं। इसके ग्राहकों में Joyalukkas India, P. N. Gadgil & Sons, Kalyan Jewellers India, Novel Jewels और Manoj Vaibhav Gems ‘N’ Jewellers जैसे नाम शामिल हैं।
कंपनी एक asset-light मॉडल पर काम करती है। उत्पादन के लिए कुशल स्थानीय कारीगरों और जॉब वर्कर्स की सहायता ली जाती है, जबकि डिजाइन, कच्चे माल की खरीद और डिलीवरी का पूरा प्रबंधन कंपनी स्वयं करती है। इसके अलावा कंपनी जॉब-वर्क सेवाएं भी प्रदान करती है, जिसमें ग्राहक सोना (bullion) और डिजाइन की आवश्यकताएं उपलब्ध कराते हैं।
ये भी पढ़ें: टाटा को मिला ₹1,577 करोड़ का बड़ा ऑर्डर, सेना को मिलेंगे 840 खतरनाक अटैक ड्रोन
Shankesh Jewellers IPO में निवेश करना चाहिए या नहीं?
फिलहाल Grey Market Premium यानी GMP करीब 2% है। इसका मतलब है कि बाजार से मिलने वाला संकेत बहुत बड़ा listing gain नहीं दिखा रहा है। इसलिए सिर्फ लिस्टिंग के दिन मुनाफे की उम्मीद रखने वाले निवेशकों के लिए यह IPO बहुत आकर्षक नजर नहीं आता।
दूसरी तरफ, कंपनी की FY26 में मजबूत profit growth, स्थापित B2B ग्राहक आधार, asset-light business model और IPO के पैसे से कर्ज घटाने की योजना इसके सकारात्मक पहलू हैं।
AnandRathi की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का FY26 earnings के आधार पर करीब 12.8 गुना P/E valuation है। ब्रोकरेज ने इसे उचित वैल्यूएशन माना है और मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, बढ़ती लाभप्रदता, asset-light मॉडल तथा B2B handcrafted gold jewellery कारोबार को देखते हुए IPO को “Subscribe: Long Term” रेटिंग दी है।
इसलिए Shankesh Jewellers IPO को लेकर तस्वीर दो हिस्सों में दिखाई देती है। अगर लक्ष्य सिर्फ listing gain है, तो मौजूदा GMP सीमित संकेत दे रहा है। वहीं लंबे समय के नजरिए से देखने वाले निवेशकों के लिए कंपनी की तेजी से बढ़ी मुनाफे की क्षमता और कर्ज कम करने की योजना ज्यादा महत्वपूर्ण हो सकती है। किसी भी निवेश का फैसला करने से पहले IPO की कीमत, कंपनी की वित्तीय स्थिति और अपने जोखिम को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल सूचना के उद्देश्य से है। IPO में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें। निवेश से जुड़े फैसले अपने जोखिम पर करें।

