उत्तर प्रदेश में बारिश का कहर! 3 दिन में 81 मौतें, हजारों लोग प्रभावित, कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात

81 people killed across Uttar Pradesh Heavy Rain in September 2026
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Uttar Pradesh Heavy Rain: उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिर में हुई लगातार भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जलभराव, बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है, जबकि घरों, फसलों और सड़कों को भी नुकसान पहुंचा है। राहत विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 25 से 27 सितंबर के बीच बारिश से जुड़ी घटनाओं में 81 लोगों की मौत हुई और 62 लोग घायल हुए।

लगातार बारिश से कई जिलों में बिगड़े हालात

उत्तर प्रदेश में 25 सितंबर से बारिश का दौर तेज हुआ। कई इलाकों में लगातार बारिश के कारण सड़कें पानी में डूब गईं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई। कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से आवागमन तथा बिजली व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

27 सितंबर तक सामने आए आंकड़ों में 48 घंटे के दौरान 56 लोगों की मौत और 46 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई थी। इस अवधि में 1,020 से अधिक मकानों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद 27 सितंबर के पूरे दिन की घटनाओं को शामिल करने वाले अपडेट में मौतों का आंकड़ा 81 तक पहुंच गया।

सीतापुर में सबसे ज्यादा सात मौतें दर्ज की गईं। लखीमपुर खीरी, बहराइच और बलरामपुर में पांच-पांच लोगों की मौत की जानकारी सामने आई। अयोध्या और गोरखपुर में भी चार-चार मौतें दर्ज की गईं। अधिकारियों के अनुसार अलग-अलग जिलों में बारिश और तूफान से लोगों को नुकसान हुआ है।

सामान्य से 1,000% ज्यादा बारिश

बारिश की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 25 से 27 सितंबर के दौरान उत्तर प्रदेश में 111.3 मिमी बारिश दर्ज होने की रिपोर्ट सामने आई। इसी अवधि में सामान्य बारिश करीब 9.4 मिमी बताई गई, यानी बारिश सामान्य स्तर से लगभग 1,084 प्रतिशत ज्यादा रही।

राज्य के कई जिलों में सामान्य से काफी अधिक बारिश दर्ज की गई। इससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा और कई ग्रामीण इलाकों में पानी भर गया। मौसम की स्थिति का असर शहरों पर भी दिखाई दिया। लखनऊ समेत कई जगहों पर सड़कों पर पानी जमा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई।

गंगा एक्सप्रेसवे से गांवों तक बढ़ी परेशानी

भारी बारिश का असर गंगा एक्सप्रेसवे पर भी देखने को मिला। उन्नाव के बशीरतगंज टोल प्लाजा के पास पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बनने की आशंका बनी रही।

महराजगंज में नेपाल की ओर से पानी छोड़े जाने और पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के बाद गंडक नदी का जलस्तर बढ़ गया। इससे तीन गांवों में बाढ़ का पानी पहुंचा और करीब 5,000 लोग प्रभावित हुए। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें सक्रिय रहीं।

स्कूल बंद, प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

भारी बारिश को देखते हुए कई प्रभावित जिलों में स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया। कुछ जगहों पर कक्षा 12 तक के स्कूल बंद रखने की जानकारी सामने आई। राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार बारिश के कारण सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुईं।

राहत आयुक्त ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों को लगातार हालात पर नजर रखने और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

मौसम विभाग ने भी कई इलाकों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की। 27 सितंबर को बरेली, मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट तथा कुछ अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट की जानकारी सामने आई थी। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं, गरज और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई थी।

बारिश के पीछे क्या रहा कारण?

मौसम में इस बदलाव के पीछे बंगाल की खाड़ी से बने मौसम तंत्र को प्रमुख कारण बताया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह सिस्टम आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम के पास तट से आगे बढ़ा और फिर देश के अंदरूनी हिस्सों की ओर बढ़ा, जिसका प्रभाव कई राज्यों में भारी बारिश के रूप में दिखाई दिया।

हालांकि, मौसम विभाग की तकनीकी वर्गीकरण के अनुसार इस सिस्टम को आधिकारिक तौर पर चक्रवाती तूफान के बजाय डीप डिप्रेशन के रूप में वर्गीकृत किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई है। फिलहाल उत्तर प्रदेश में प्रशासन की निगरानी जारी है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के साथ फसलों और मकानों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai जय जगदम्बा न्यूज के Founder और Editor हैं। उन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया क्षेत्र में कई वर्षों का अनुभव है। वे बिहार और देश-दुनिया से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों के साथ करियर, शिक्षा, नौकरी, राजनीति, धर्म, बिजनेस, टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल जैसे विषयों पर गहन और शोध-आधारित लेख प्रकाशित करते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सरल, स्पष्ट और विश्वसनीय भाषा में उपयोगी, तथ्यपरक और प्रमाणित जानकारी पहुंचाना है, जिससे लोग सही और जागरूक निर्णय ले सकें।

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