UPSSSC PET 2026: परीक्षा में 100 सवाल, गलत जवाब पर कटेंगे अंक, जानिए किस विषय से कितने प्रश्न आएंगे

UPSSSC PET Syllabus 2026: UPSSSC PET 2026 की परीक्षा की तारीखें अब करीब आ गई हैं। परीक्षा 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को अलग-अलग केंद्रों पर आयोजित होगी। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए अब सिलेबस और एग्जाम पैटर्न के हिसाब से तैयारी करना सबसे जरूरी है।
UPSSSC PET 2026 का एग्जाम पैटर्न
यूपी PET 2026 में कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। हर सही उत्तर के लिए एक अंक मिलेगा। वहीं गलत उत्तर देने पर 0.25 अंक यानी एक चौथाई अंक काटा जाएगा। परीक्षा की अवधि सामान्यतः दो घंटे रहेगी। पेपर में कुल 15 विषयों को शामिल किया गया है।
इसमें भारतीय इतिहास, राष्ट्रीय आंदोलन, भूगोल, भारतीय अर्थव्यवस्था, संविधान एवं लोक प्रशासन, सामान्य विज्ञान, प्रारंभिक अंकगणित, सामान्य हिंदी, सामान्य अंग्रेजी, तर्क एवं तर्कशक्ति, सामयिकी और सामान्य जागरूकता जैसे विषय हैं। इसके अलावा हिंदी गद्यांश, ग्राफ विश्लेषण और तालिका विश्लेषण से भी प्रश्न पूछे जाएंगे।
नेगेटिव मार्किंग होने के कारण अभ्यर्थियों को प्रश्न हल करते समय सटीकता का विशेष ध्यान रखना होगा। केवल अनुमान के आधार पर जवाब देने से स्कोर पर असर पड़ सकता है।
इतिहास, भूगोल, अर्थव्यवस्था और संविधान में क्या पढ़ें?
भारतीय इतिहास से 5 अंकों के प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें सिंधु घाटी सभ्यता, गौतम बुद्ध और महावीर की शिक्षाएं, मौर्य वंश और सम्राट अशोक, गुप्त वंश, हर्षवर्द्धन, राजपूत काल, सल्तनत और मुगल साम्राज्य जैसे हिस्से शामिल हैं। इसके साथ मराठा शक्ति, ब्रिटिश राज का उदय और 1857 का स्वतंत्रता संग्राम भी महत्वपूर्ण है।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से भी 5 प्रश्न होंगे। इसमें शुरुआती स्वतंत्रता आंदोलन, स्वदेशी आंदोलन, सविनय अवज्ञा आंदोलन, क्रांतिकारी गतिविधियां, भारत सरकार अधिनियम 1935, भारत छोड़ो आंदोलन और आजाद हिंद फौज जैसे टॉपिक पढ़ने होंगे। भूगोल से 5 प्रश्न पूछे जाएंगे।
अभ्यर्थियों को भारत और विश्व के भौतिक भूगोल के साथ नदियां, भूजल, पर्वत, मरुस्थल, वन, खनिज संसाधन, राजनीतिक भूगोल, जलवायु और जनसांख्यिकी की तैयारी करनी होगी। भारतीय अर्थव्यवस्था से 5 प्रश्न होंगे। इसमें 1947 से 1991 तक की आर्थिक योजनाएं, हरित क्रांति, बैंकों का राष्ट्रीयकरण, 1991 के आर्थिक सुधार और 2014 के बाद किए गए आर्थिक सुधारों की जानकारी जरूरी है।
इसमें जीएसटी जैसे विषय भी शामिल हैं। भारतीय संविधान और लोक प्रशासन से भी 5 प्रश्न आएंगे। संविधान की विशेषताएं, मौलिक अधिकार, नीति निर्देशक तत्व, संसदीय व्यवस्था, केंद्र और राज्य के संबंध, सर्वोच्च न्यायालय, जिला प्रशासन और पंचायती राज संस्थाओं पर ध्यान देना होगा।
सामान्य विज्ञान से अंग्रेजी तक क्या पढ़ें?
सामान्य विज्ञान से 5 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को प्रारंभिक स्तर की भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की तैयारी करनी होगी। प्रारंभिक अंकगणित से भी 5 प्रश्न आएंगे। इसमें पूर्ण संख्या, भिन्न, प्रतिशत, औसत, वर्ग, वर्गमूल और घातांक जैसे टॉपिक शामिल हैं।
सामान्य हिंदी से 5 प्रश्न पूछे जाएंगे। संधि, विलोम शब्द, पर्यायवाची, मुहावरे, लिंग, भाषा संबंधी अशुद्धियां और प्रमुख लेखक एवं उनकी रचनाएं महत्वपूर्ण हैं। सामान्य अंग्रेजी से भी 5 प्रश्न होंगे। इसमें अंग्रेजी व्याकरण और अपठित गद्यांश से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
तर्कशक्ति और सामान्य जागरूकता में कितने प्रश्न?
तर्क एवं तर्कशक्ति से 5 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें क्रम और रैंकिंग, संबंध, कैलेंडर और घड़ी, कोडिंग-डिकोडिंग तथा कारण और प्रभाव जैसे टॉपिक शामिल हैं। इन सवालों में बेहतर प्रदर्शन के लिए नियमित अभ्यास जरूरी है।
सामयिकी यानी करंट अफेयर्स से 10 प्रश्न होंगे। इसमें भारत और दुनिया में हुई प्रमुख घटनाओं पर ध्यान देना होगा। सामान्य जागरूकता से भी 10 प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमें पड़ोसी देश, राजधानी और मुद्रा, राज्य, संसद, राष्ट्रीय दिवस, विश्व संगठन, पर्यटन स्थल, खेल, पुरस्कार और पर्यावरण जैसे विषय शामिल हैं।
ग्राफ और तालिका विश्लेषण की कैसे करें तैयारी?
हिंदी गद्यांश से 10, ग्राफ विश्लेषण से 10 और तालिका विश्लेषण से भी 10 प्रश्न होंगे। इन हिस्सों में केवल जानकारी पढ़ना पर्याप्त नहीं है। सवालों का लगातार अभ्यास करने से प्रश्न समझने, सही उत्तर चुनने और समय बचाने में मदद मिल सकती है।
अब परीक्षा में कम समय बचा है। ऐसे में अभ्यर्थियों को नए और सिलेबस से बाहर के विषयों पर ज्यादा समय देने के बजाय रिवीजन और मॉक टेस्ट पर ध्यान देना चाहिए। जिन विषयों से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं, उनकी तैयारी के लिए समय का सही बंटवारा करना जरूरी है। नियमित अभ्यास और सिलेबस के अनुसार तैयारी से परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने की संभावना बढ़ सकती है।
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