काजीरंगा में फिर दिखेंगे गैंडे और बाघ, जीप सफारी शुरू; यात्रा से पहले जानिए टाइमिंग और जरूरी बातें

Kaziranga National Park Reopen 2026: असम का प्रसिद्ध काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान नए पर्यटन सत्र 2026-27 के लिए पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। 3 अक्टूबर से शुरू हुए इस सत्र में फिलहाल कोहोरा और बागोरी रेंज में जीप सफारी की सुविधा शुरू की गई है। हालांकि, हाथी सफारी के शौकीन पर्यटकों को अभी कुछ समय और इंतजार करना होगा।
काजीरंगा की इन दो रेंज में शुरू हुई जीप सफारी
मानसून के दौरान होने वाली भारी बारिश और बाढ़ के कारण काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान को हर साल कुछ समय के लिए बंद रखा जाता है। इस दौरान वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ पार्क के रास्तों और अन्य व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया जाता है। अब नए पर्यटन सत्र की शुरुआत के साथ पार्क के चुनिंदा हिस्सों में सफारी फिर से शुरू हो गई है।
पहले चरण में सेंट्रल रेंज कोहोरा और वेस्टर्न रेंज बागोरी को पर्यटकों के लिए खोला गया है। कोहोरा काजीरंगा का प्रमुख पर्यटन क्षेत्र है, जहां सफारी के दौरान हरे-भरे इलाके, जल स्रोत और हिरणों के झुंड देखने को मिल सकते हैं। वहीं बागोरी क्षेत्र एक सींग वाले गैंडे और दलदली हिरणों के लिए जाना जाता है।
फिलहाल इन दोनों रेंज के कुछ निर्धारित रास्तों पर ही जीप सफारी की अनुमति है। बुरहापहाड़ और अगरातली जैसे अन्य क्षेत्रों को सड़कों की मरम्मत पूरी होने के बाद धीरे-धीरे खोला जाएगा।
जीप सफारी की टाइमिंग
जीप सफारी के लिए सुबह का समय 7:30 बजे से 10:00 बजे तक और दोपहर का स्लॉट 1:30 बजे से 3:00 बजे तक निर्धारित किया गया है। वन विभाग के नियमों के अनुसार सफारी का समय पूरा होने के बाद सभी वाहनों को पार्क की सीमा से बाहर निकलना जरूरी होगा।
काजीरंगा में एलीफेंट सफारी कब शुरू होगी?
काजीरंगा में हाथी की सवारी के दौरान घास के मैदानों और वन क्षेत्र के बीच वन्यजीवों को देखने का अनुभव पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। लेकिन इस साल अक्टूबर में हाथी सफारी अभी शुरू नहीं की गई है।
मैदानी इलाकों में मानसून के बाद नमी और कीचड़ के कारण हाथी सफारी के रास्ते अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुए हैं। वन अधिकारियों के अनुसार अक्टूबर में हाथी सफारी बंद रहेगी। इसके नवंबर के पहले सप्ताह तक शुरू होने की संभावना है।
विभाग की ओर से सुरक्षा जांच और जरूरी तैयारियों के बाद इसे शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। इसमें करीब 10 से 20 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में जिन पर्यटकों की यात्रा का मुख्य उद्देश्य एलीफेंट सफारी है, उन्हें टिकट और स्लॉट की उपलब्धता देखकर ही अपनी तारीख तय करनी चाहिए।
काजीरंगा में गैंडे समेत कई वन्यजीवों का बसेरा
काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान अपनी जैव विविधता के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। यह खास तौर पर भारतीय एक सींग वाले गैंडे की बड़ी आबादी के लिए प्रसिद्ध है। इसके अलावा यहां रॉयल बंगाल टाइगर, एशियाई जंगली हाथी, दलदली हिरण और जंगली पानी की भैंस जैसे कई प्रमुख वन्यजीव भी पाए जाते हैं।
पार्क के आर्द्रभूमि क्षेत्र प्रवासी पक्षियों के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। सर्दियों के मौसम में यहां पेलिकन और गिद्धों की कई प्रजातियों समेत अलग-अलग पक्षियों को देखा जा सकता है।
काजीरंगा कैसे पहुंचें और सफारी के नियम क्या हैं?
काजीरंगा का मुख्य प्रवेश केंद्र कोहोरा है, जो NH-37 से जुड़ा हुआ है। हवाई यात्रा करने वाले पर्यटक जोरहाट एयरपोर्ट का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो पार्क से करीब 90 किलोमीटर दूर है। गुवाहाटी का गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भी प्रमुख विकल्प है। वहां से सड़क के रास्ते कोहोरा पहुंचने में लगभग 4 से 5 घंटे लग सकते हैं।
रेल से आने वालों के लिए जाखलाबंधा और जोरहाट नजदीकी विकल्प हैं, जबकि लंबी दूरी की ट्रेनों के लिए गुवाहाटी रेलवे स्टेशन सुविधाजनक माना जाता है। गुवाहाटी, जोरहाट, तेजपुर और नगांव से कोहोरा के लिए बस, वोल्वो और टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध रहती हैं।
पार्क के खुलने से स्थानीय होटल, होमस्टे, जीप चालक और गाइड समेत पर्यटन से जुड़े कारोबार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। मानसून के दौरान पार्क बंद रहने से इन गतिविधियों पर असर पड़ता है। नए पर्यटन सत्र में घरेलू और विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
पर्यटकों को सफारी की बुकिंग केवल आधिकारिक वन विभाग या पर्यटन वेबसाइट के जरिए करने की सलाह दी जाती है। सफारी के दौरान वन्यजीवों के बहुत करीब जाना, प्लास्टिक कचरा फेंकना, तेज आवाज करना और वाहन से नीचे उतरना प्रतिबंधित है। त्योहारी सीजन और सप्ताहांत में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए होटल और सफारी की बुकिंग पहले कराना बेहतर रहेगा।
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