इस दीवाली टूट गये सारे रिकॉर्ड, देशभर में 6.05 लाख करोड़ की खरीदारी, जानिए कहाँ हूवा सबसे ज्यादा खर्च

Diwali Shopping Record 2025
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Diwali Shopping Record 2025: इस दीवाली देशभर के बाजारों में ऐसी रौनक देखने को मिली कि रिकॉर्ड ही टूट गए। कुल 6.05 लाख करोड़ की खरीदारी हुई, जो कई मंत्रालयों के बजट से ज्यादा है। आइए जानते हैं किन सेक्टरों में हुआ सबसे ज्यादा खर्च और क्यों हुई इतनी बड़ी उछाल।

Diwali Shopping Record 2025: कई मंत्रालयों के बजट को छोड़ा पीछे

2025 की दीवाली पर देशभर के बाजारों में खरीदारों ने जमकर खर्च किया। Confederation of All India Traders (CAIT) की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल Diwali पर कुल 6.05 लाख करोड़ रुपये की बिक्री (Diwali Shopping Record 2025) हुई, जो पिछले साल की तुलना में लगभग 42% अधिक है।

हैरानी की बात यह है कि यह आंकड़ा केंद्र सरकार के कई बड़े मंत्रालयों के वार्षिक बजट से भी ज्यादा है। उदाहरण के लिए, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का बजट ₹2,87,333 करोड़, रेल मंत्रालय का ₹2,55,445 करोड़ और गृह मंत्रालय का ₹2,33,210 करोड़ है।

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यानी सिर्फ एक त्योहारी सीजन में देश ने इतनी खरीदारी की, जो इन तीनों मंत्रालयों के कुल बजट के करीब पहुंच गई, यह देश की मजबूत होती खपत क्षमता और आर्थिक सक्रियता का बड़ा संकेत माना जा रहा है।

इन मंत्रालयों के बजट को भी पार कर गई Diwali Shopping

अगर तुलना करें तो Diwali Shopping Record 2025 ने कृषि मंत्रालय (₹1,37,756 करोड़), ग्रामीण विकास मंत्रालय (₹1,90,405 करोड़) और स्वास्थ्य मंत्रालय (₹99,858 करोड़) जैसे अहम मंत्रालयों के बजट को भी पीछे छोड़ दिया। यह भारतीय उपभोक्ताओं की बढ़ती क्रय शक्ति और आर्थिक सुधारों का संकेत है।

खास तौर पर इस बार GST दरों में कमी ने उपभोक्ताओं को और प्रोत्साहित किया। कैट के सर्वे में शामिल 72% व्यापारियों ने माना कि जूते, कपड़े, घरेलू सामान और टिकाऊ उपभोक्ता उत्पादों पर टैक्स घटने से बिक्री में उछाल आया है।

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Diwali में किस सेक्टर में सबसे ज्यादा खर्च हुआ?

2025 की दीवाली के मौके पर सबसे ज्यादा खर्च लोगों ने राशन और रोजमर्रा के सामान (12%), सोना-चांदी व आभूषण (10%), और इलेक्ट्रॉनिक्स व बिजली उपकरणों (8%) पर किया। वहीं टिकाऊ उपभोक्ता उत्पाद, रेडिमेड कपड़े, उपहार और घरेलू सजावट जैसे सेक्टरों में 5 से 7% तक की खरीदारी दर्ज हुई।

गौर करने वाली बात यह रही कि ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों ने कुल बिक्री में 28% का योगदान दिया, जो दर्शाता है कि अब आर्थिक गतिविधियां केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहीं। इसके साथ ही, इस सीजन में स्थानीय बाजारों की मजबूत वापसी देखने को मिली, कुल खुदरा बिक्री में 85% हिस्सा पारंपरिक दुकानों और छोटे व्यापारियों का रहा।

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त्योहारी सीजन में लॉजिस्टिक्स, पैकेजिंग, ट्रांसपोर्ट और रिटेल सेवाओं की बढ़ती मांग ने करीब 50 लाख अस्थायी रोजगार भी पैदा किए। यानी, 2025 की दीवाली के रौशनी ने न केवल घरों बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था और रोजगार बाजार दोनों को रोशन कर दिया।

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Veer Rai

Founder & Editor, जय जगदम्बा न्यूज

Veer Rai is the Founder and Editor-in-Chief of Jai Jagdamba News, a digital news platform covering Bihar and key developments across India. He oversees the publication’s editorial direction, content strategy, and digital growth, with a focus on accurate reporting, local issues, and reader-focused journalism. Committed to maintaining editorial standards and delivering clear, reliable, and relevant news to readers.

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