बिहार में बीजेपी का बड़ा दांव! राकेश कुमार को मिल सकती है मुख्यमंत्री की कुर्सी

बिहार में बीजेपी का बड़ा दांव! राकेश कुमार को मिल सकती है मुख्यमंत्री की कुर्सी

Bihar New CM: बिहार की राजनीति में इन दिनों नये मुख्यमंत्री को लेकर काफी चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी, राज्य में कई नए राजनीतिक इतिहास रचने की तैयारी कर रही है। इसमें सबसे बड़ा कदम यह हो सकता है कि पहली बार बिहार में बीजेपी का मुख्यमंत्री बने।

हालांकि, इससे पहले भी बीजेपी बिहार से अपना राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर सबको चौंका चुकी है। अब अगर सब कुछ ठीक रहा तो बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिल सकता है। सूत्रों के मुताबिक जिस नाम पर चर्चा तेज है वह है राकेश कुमार।

कहा जा रहा है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम पर सहमति जताई है। अगर यह फैसला अंतिम रूप लेता है तो राकेश कुमार चौधरी बिहार के 23वें मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

राकेश कुमार का राजनीतिक सफर

राकेश कुमार उर्फ सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर 1968 को बिहार के खगड़िया में हुआ था। उनका परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है। यही कारण है कि उन्हें बचपन से ही राजनीतिक माहौल मिला। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) से शुरू की।

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शुरुआती दौर में वह राष्ट्रीय जनता दल से जुड़े और एक युवा नेता के रूप में उभरे। 1990 के दशक में उन्होंने बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। साल 2000 में वह पहली बार विधायक बने और इसके बाद उनकी राजनीतिक पहचान लगातार मजबूत होती गई। हालांकि उनकी राजनीति कई अलग-अलग चरणों से गुजरी।

उन्होंने आरजेडी और जेडीयू दोनों दलों में काम किया। बाद में वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए और धीरे-धीरे पार्टी के बड़े नेताओं में गिने जाने लगे।

अलग-अलग सरकारों में निभाई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां

सम्राट चौधरी का राजनीतिक अनुभव काफी लंबा रहा है। उन्होंने अलग-अलग समय में कई महत्वपूर्ण पद संभाले हैं। 1999 में वह राबड़ी देवी सरकार में कृषि मंत्री रहे। इसके बाद 2010 में वह बिहार विधानसभा में विपक्ष के चीफ व्हिप बने।

साल 2014 में जीतन राम मांझी सरकार में उन्होंने शहरी विकास और आवास मंत्री की जिम्मेदारी संभाली। हालांकि उनका राजनीतिक सफर यहीं नहीं रुका। 2021 से 2022 के बीच वह नीतीश कुमार सरकार में पंचायती राज मंत्री भी रहे। इसके बाद 2022 में उन्हें बिहार विधान परिषद में विपक्ष का नेता बनाया गया।

साल 2023 में उन्हें बीजेपी का बिहार प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने राज्य में पार्टी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया। इसके बाद 2024 में उन्हें बिहार का उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री बनाया गया, जिससे उनकी राजनीतिक ताकत और बढ़ गई।

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ओबीसी राजनीति में मजबूत चेहरा

सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के बड़े ओबीसी चेहरे माने जाते हैं। वह कुशवाहा या कोइरी समुदाय से आते हैं, जो राज्य में एक बड़ा ओबीसी समूह है। इस समुदाय का प्रभाव खास तौर पर मगध, शाहाबाद, मिथिला और सीमांचल के कई हिस्सों में देखने को मिलता है। यही वजह है कि उनकी राजनीतिक पकड़ इन क्षेत्रों में मजबूत मानी जाती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो यह फैसला बिहार की सामाजिक और राजनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

सम्राट चौधरी का परिवार और संपत्ति

Bihar New CM Samrat Choudhary

सम्राट चौधरी का परिवार लंबे समय से राजनीति से जुड़ा रहा है, इसलिए उन्हें बचपन से ही राजनीतिक माहौल देखने को मिला। बता दें कि उनके पिता शकुनि चौधरी बिहार के जाने-माने समाजवादी नेता रहे हैं और वह सात बार विधायक तथा एक बार सांसद भी रह चुके हैं। उनकी मां तारा देवी भी एक बार विधायक रह चुकी हैं यानी राजनीति का अनुभव उन्हें परिवार से ही मिला।

सम्राट चौधरी की निजी जिंदगी की बात करें तो उनकी पत्नी का नाम ममता कुमारी है और उनके दो बच्चे हैं। वहीं साल 2025 में दिए गए हलफनामे के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब 11.3 करोड़ रुपये बताई गई है और उन पर किसी तरह की देनदारी दर्ज नहीं है।

उसी हलफनामे में उम्र और पढ़ाई को लेकर कुछ विरोधाभास के आरोप भी सामने आए थे, जिसके बाद इस मामले को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई थी। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने इस याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि ऐसे मामलों से अदालत का कीमती समय बेवजह खर्च होता है।

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बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव

अगर बीजेपी सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बनाती है तो यह फैसला बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। खास बात है कि बिहार में बीजेपी पहली बार अपना मुख्यमंत्री बनाने की दिशा में आगे बढ़ती नजर आ रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि पार्टी कब इस फैसले को अंतिम रूप देती है और क्या सच में बिहार को जल्द नया मुख्यमंत्री (Bihar New CM) मिलता है।

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