दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टो चोरी! 20 मिनट में गायब हुए 6.36 अरब डॉलर, जानिए कैसे हुआ इतिहास का सबसे बड़ा साइबर हमला

Binance Crypto Hack 2026: Cryptocurrency worth $6.36 Billion Theft in Just 20 Minutes
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Binance Crypto Hack 2026: दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कंपनियों में शामिल Binance को 29 अक्टूबर 2026 को एक बड़े साइबर हमले का सामना करना पड़ा। इस हमले में करीब 6.36 अरब डॉलर की डिजिटल करेंसी अलग-अलग ब्लॉकचेन नेटवर्क से निकाल ली गई।

चोरी की सबसे बड़ी रकम महज 20 मिनट के भीतर ट्रांसफर कर दी गई। शुरुआती जांच में एक कर्मचारी के लैपटॉप से जुड़े सुरक्षा उल्लंघन की बात सामने आई है।

आखिर कैसे हुई 6.36 अरब डॉलर की चोरी?

ब्लॉकचेन इंटेलिजेंस कंपनी TRM Labs की जांच के अनुसार, इस साइबर हमले की तैयारी चोरी से कम से कम 36 घंटे पहले शुरू हो गई थी। हमलावर ने 28 अक्टूबर को Tornado Cash नाम की क्रिप्टो मिक्सिंग सर्विस के जरिए अपने ऑपरेशनल वॉलेट में छोटी रकम मंगवाई थी। इस तरह की सर्विस का इस्तेमाल क्रिप्टो ट्रांजैक्शन के वास्तविक स्रोत को छिपाने के लिए किया जाता है।

इसके बाद हमलावर ने अपने कोड का परीक्षण कुछ वॉलेट पर किया। जांच में सामने आया कि हमले के लिए तैयार किए गए कोड को बाद में Binance के हॉट वॉलेट से जुड़े सिस्टम में इस्तेमाल किया गया।

Binance के शुरुआती आकलन के मुताबिक, एक DevOps इंजीनियर का लैपटॉप साइबर हमलावर के नियंत्रण में चला गया था। इसके जरिए हमलावर कंपनी के एक सर्विस कंटेनर तक पहुंचा और बिना अनुमति के ट्रांजैक्शन भेजने में सफल रहा। Binance ने कहा कि शुरुआती जांच में वॉलेट की निजी चाबियां लीक होने का कोई सबूत नहीं मिला है।

29 अक्टूबर की रात करीब 20:05 UTC बजे क्रिप्टोकरेंसी का ट्रांसफर शुरू हुआ। सबसे पहले XRP Ledger पर Binance के पांच वॉलेट से करीब 23.346 करोड़ XRP निकाल लिए गए। इसके बाद Bitcoin, Tron, Ethereum और दूसरे नेटवर्क पर भी बड़ी रकम ट्रांसफर की गई।

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किन नेटवर्क से कितनी रकम गायब हुई?

TRM Labs के अनुसार, हमलावरों ने कुल 10 ब्लॉकचेन नेटवर्क से लगभग 6.36 अरब डॉलर की क्रिप्टोकरेंसी निकाली। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान Ethereum नेटवर्क पर हुआ। यहां से करीब 3.79 अरब डॉलर की डिजिटल संपत्ति ट्रांसफर की गई।

ब्लॉकचेन नेटवर्कचोरी हुई क्रिप्टोकरेंसी की अनुमानित कीमत
Bitcoin1.47 अरब डॉलर
Tron62.8 करोड़ डॉलर
XRP Ledger29.6 करोड़ डॉलर
Solana9.6 करोड़ डॉलर
Arbitrum, Optimism और Base3.9 करोड़ डॉलर
Avalanche2.8 करोड़ डॉलर
Polygon1 करोड़ डॉलर

नोट: ये आंकड़े TRM Labs के अनुमान पर आधारित हैं। Bitcoin नेटवर्क से कुल 18,270 BTC ट्रांसफर किए गए थे।

Bitcoin की चोरी के बाद हमलावरों ने 18,270 BTC को लगभग 1,000 और 100 Bitcoin के छोटे-छोटे हिस्सों में बांटना शुरू कर दिया। इस तरीके को ‘Peel Chain’ कहा जाता है। इसका उद्देश्य कई वॉलेट के जरिए रकम को आगे भेजकर ट्रांजैक्शन की जांच को मुश्किल बनाना होता है।

उत्तर कोरिया के हैकरों पर FBI को शक

इस साइबर हमले के पीछे उत्तर कोरिया के हैकर समूह TraderTraitor का नाम सामने आया है। शुरुआत में TRM Labs ने अपनी जांच के आधार पर इस समूह की ओर इशारा किया था। इसके बाद 31 अक्टूबर को अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने भी TraderTraitor को इस हमले के लिए जिम्मेदार बताया। हालांकि, उत्तर कोरिया ने पहले भी सरकारी साइबर हमलों में अपनी भूमिका से इनकार किया है।

हमले के बाद Binance ने प्रभावित डिजिटल संपत्तियों का पता लगाने और उन्हें फ्रीज कराने के लिए दूसरी कंपनियों और ब्लॉकचेन नेटवर्क के साथ काम शुरू किया। Reuters की 31 अक्टूबर की रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 3 अरब डॉलर की प्रभावित संपत्तियों का पता लगाया जा चुका था।

Binance करेगा ग्राहकों के नुकसान की भरपाई

ग्राहकों के लिए राहत की बात यह है कि Binance ने चोरी से प्रभावित रकम की भरपाई करने का फैसला किया है। कंपनी ने 31 अक्टूबर को बताया कि वह लगभग 6 अरब डॉलर की रकम की भरपाई कर चुकी है। बाकी 10 प्रतिशत से कम रकम ऐसी डिजिटल संपत्तियों से जुड़ी है, जिन्हें बाजार में पर्याप्त मात्रा में जुटाने में अधिक समय लग सकता है।

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कंपनी ने नुकसान की भरपाई के लिए अपने SAFU (Secure Asset Fund for Users), Futures Insurance Fund और कंपनी के खजाने से पैसे इस्तेमाल किए हैं। साथ ही SAFU फंड को दोबारा करीब 1 अरब डॉलर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता भी जताई है।

इस घटना ने एक बार फिर साबित किया है कि बड़ी से बड़ी क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज कंपनी भी साइबर हमलों से पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। खासकर ऐसे सिस्टम, जिनके जरिए ग्राहकों की डिजिटल संपत्ति का लेनदेन किया जाता है, उनकी सुरक्षा कितनी जरूरी है, यह हमला उसका बड़ा उदाहरण बन गया है।

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