अब नहीं करना पड़ेगा लंबी दूरी तय, बक्सर से बलिया तक दौड़ेगी ट्रेन, लाखों लोगों को मिलेगा राहत

अब नहीं करना पड़ेगा लंबी दूरी तय, बक्सर से बलिया तक दौड़ेगी ट्रेन, लाखों लोगों को मिलेगा राहत

बक्सर से बलिया के बीच रेल लाइन को लेकर फिर हलचल तेज हो गई है। लंबे समय से अटकी इस मांग पर अब नया सुझाव सामने आया है, जिसने लोगों की उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अगर यह योजना पूरी होती है, तो बिहार और यूपी के कई जिलों का सफर आसान हो सकता है। अब सवाल यही है कि क्या इस बार यह प्रोजेक्ट जमीन पर उतर पाएगा या फिर पहले की तरह सिर्फ चर्चा तक सीमित रह जाएगा।

बक्सर की लोकेशन क्यों है इतनी अहम

बक्सर पहले से ही अपनी लोकेशन के कारण एक अहम ट्रांसपोर्ट हब माना जाता है। यह शहर बिहार के शाहाबाद इलाके और उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सड़क और जल मार्ग के मामले में यहां काफी विकास हुआ है, लेकिन रेलवे कनेक्टिविटी अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं मानी जाती।

गौरतलब है कि बक्सर से बलिया के बीच सीधी रेल लाइन नहीं होने की वजह से यात्रियों को काफी परेशानी होती है। इन इलाकों के लोग ट्रेन पकड़ने के लिए बक्सर स्टेशन पर ही निर्भर रहते हैं। ऐसे में नई रेल लाइन की मांग लगातार बढ़ती जा रही है।

ये भी पढ़ें: बक्सर में सुबह-सुबह ताबड़तोड़ फायरिंग, बदमाशों ने पैक्स अध्यक्ष को मारी गोली, इलाके में दहशत

बक्सर रेलवे स्टेशन का इतिहास और महत्व

अगर इतिहास की बात करें, तो बक्सर रेलवे स्टेशन की स्थापना साल 1862 में हुई थी। यह स्टेशन हावड़ा-दिल्ली मुख्य रेल रूट पर स्थित है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है। यही कारण है कि यह स्टेशन लंबे समय से यात्रियों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

हालांकि, इतने महत्वपूर्ण रूट पर होने के बावजूद बक्सर को अब तक एक बड़े रेल हब के रूप में विकसित नहीं किया जा सका है। पूर्व सांसद लालमुनि चौबे ने भी इस दिशा में कई बार मांग उठाई थी कि बक्सर को एक बड़े रेलवे हब के रूप में विकसित किया जाए।

अगर बक्सर-बलिया रेल लाइन बनती है, तो इसका असर अन्य रेल परियोजनाओं पर भी पड़ेगा। जैसे बिहटा-दनियावां और आरा-बक्सर बाईपास जैसी योजनाओं को भी इससे मजबूती मिलेगी। इससे पूरे इलाके की यात्रा आसान और तेज हो सकती है।

नए सुझाव से बढ़ी उम्मीदें

हालांकि यह मांग नई नहीं है, लेकिन अब एक नया सुझाव सामने आया है जिसने इस प्रोजेक्ट को लेकर उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। कई नेताओं ने इस मुद्दे को संसद में भी उठाया है। पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर और सांसद नीरज शेखर सहित कई नेताओं ने Buxar Ballia Rail Line की जरूरत पर जोर दिया है। अब स्थानीय लोगों का कहना है कि,

अगर बलिया-आरा रेल लाइन के रूट में थोड़ा बदलाव कर दिया जाए और इसे रघुनाथपुर की ओर मोड़ दिया जाए, तो कम लागत में बक्सर और बलिया के बीच रेल कनेक्शन तैयार किया जा सकता है। इससे सरकार पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा और काम जल्दी पूरा हो सकता है।

रघुनाथपुर को जंक्शन बनाने की मांग भी तेजी से उठ रही है। दरअसल, यहां पहले से चार प्लेटफॉर्म मौजूद हैं और पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध है। इसके अलावा आसपास उद्योग और पावर प्लांट होने की वजह से यह इलाका पहले से ही महत्वपूर्ण माना जाता है।

ये भी पढ़ें: बक्सर में विकास की बड़ी सौगात, 592 करोड़ की योजनाओं से बदलेगा जिले का चेहरा

अगर रघुनाथपुर को जंक्शन बना दिया जाता है, तो इससे न सिर्फ बक्सर और बलिया बल्कि आसपास के छोटे-छोटे स्टेशनों के यात्रियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा। यात्रा का समय कम होगा और लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

गौरतलब है कि बक्सर-बलिया रेल लाइन सिर्फ एक रेल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि यह पूरे क्षेत्र के विकास से जुड़ा एक बड़ा मुद्दा बन चुका है। अगर यह योजना धरातल पर उतरती है, तो बलिया, मऊ, गाजीपुर, भोजपुर, रोहतास और कैमूर जैसे कई जिलों के लाखों लोगों को सीधा लाभ मिल सकता है।

Jai Jagdamba News Whatsapp