ईरान ने भारत को दी बड़ी राहत, होरमुज में भारतीय जहाजों को मिली छूट, अब टलेगा तेल और गैस संकट

Iran Statement On India: Iran assures safety of Indian ships in Strait of Hormuz amid rising tensions
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होरमुज संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बढ़ते तनाव के बीच जहां दुनिया भर में तेल और गैस सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ रही थी, वहीं ईरान ने बड़ा भरोसा दिया है। भारतीय जहाजों और नाविकों की सुरक्षा को लेकर साफ संदेश दिया गया है। हालांकि, कई जहाज अब भी फंसे हैं, जिससे हालात पूरी तरह सामान्य नहीं कहे जा सकते। ऐसे में सवाल है कि आगे क्या होगा और इसका असर भारत पर कितना पड़ेगा?

ईरान ने क्यों दिया भारत को भरोसा

बता दें कि 28 फरवरी को इजराइल और अमेरिका के हमलों के बाद होरमुज जलडमरूमध्य में तनाव काफी बढ़ गया था। इस वजह से यहां जहाजों की आवाजाही लगभग ठप हो गई थी। हालांकि, इसी बीच ईरान ने भारत को लेकर बड़ा बयान (Iran Statement on India) दिया। ईरान के भारत स्थित दूतावास ने सोशल मीडिया पर कहा कि “हमारे भारतीय दोस्त सुरक्षित हैं, चिंता की कोई बात नहीं है।”

गौरतलब है कि ईरान ने भारत को एक मित्र देश बताते हुए यह भी साफ किया कि भारतीय झंडे वाले जहाजों को रोका नहीं जाएगा। हालांकि, इस रास्ते से दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत ऊर्जा सप्लाई गुजरती है, इसलिए यहां की स्थिति का असर सीधे भारत जैसे देशों पर पड़ता है। ऐसे में ईरान का यह भरोसा भारत के लिए काफी अहम माना जा रहा है।

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कितने भारतीय जहाज फंसे और कितने निकले

इस संकट के बीच अब तक कम से कम 8 भारतीय जहाज होरमुज जलडमरूमध्य से निकल चुके हैं। इनमें दो बड़े एलपीजी जहाज भी शामिल हैं, जिनमें करीब 94 हजार टन गैस लदी हुई थी। हालांकि, अभी भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। जानकारी के मुताबिक, कुल 19 जहाज ऐसे हैं जो भारत की ओर आ रहे थे लेकिन रास्ते में फंसे हुए हैं।

इन जहाजों में एलपीजी, कच्चा तेल और एलएनजी जैसे जरूरी ऊर्जा संसाधन लदे हैं। इनमें कुछ विदेशी झंडे वाले जहाज भी शामिल हैं जो भारत के लिए सामान ला रहे थे। इसके अलावा भारतीय झंडे वाले जहाजों की भी संख्या कम नहीं है, जो इस संकट में प्रभावित हुए हैं।

ऊर्जा सप्लाई पर कितना असर पड़ेगा

केंद्रीय मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने 30 मार्च को जानकारी दी कि,

फंसे हुए जहाजों में LPG, क्रूड ऑयल और LNG के कई टैंकर शामिल हैं। इसमें 3 एलपीजी, 4 क्रूड ऑयल और 3 LNG जहाज विदेशी झंडे वाले हैं, जबकि भारतीय जहाजों में भी कई टैंकर फंसे हुए हैं। एक खाली टैंकर को LPG से भरा जा रहा है, जिससे सप्लाई को थोड़ा संतुलित करने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि इस पूरे संकट के दौरान लगभग 500 जहाज इस संकरे रास्ते में फंसे हुए थे। ऐसे में अगर यह स्थिति लंबी चलती है, तो भारत में गैस और तेल की कीमतों पर असर पड़ सकता है। हालांकि, ईरान द्वारा मित्र देशों को राहत देने के फैसले से उम्मीद है कि सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।

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क्या आगे और सुधरेगी स्थिति

हालांकि अभी भी क्षेत्र में तनाव बना हुआ है, लेकिन ईरान का यह बयान संकेत देता है कि वह पूरी तरह से रास्ता बंद नहीं करना चाहता। खासकर भारत, चीन और रूस जैसे देशों के लिए राहत जारी रखने की बात कही गई है। गौरतलब है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।

ऐसे में होरमुज जलडमरूमध्य की स्थिति का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और आम लोगों की जेब पर पड़ सकता है। फिलहाल, ईरान के इस भरोसे से भारत को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन आने वाले दिनों में हालात कैसे बदलते हैं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।

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