बक्सर के सदर अंचलाधिकारी राहुल कुमार सस्पेंड, कई गंभीर आरोपों के बाद विभाग की बड़ी कार्रवाई

Buxar CO Rahul Kumar Suspended
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बक्सर में पदस्थापना के बाद से विवादों में रहे सदर अंचलाधिकारी राहुल कुमार को आखिरकार निलंबित कर दिया गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कई गंभीर आरोपों को आधार बनाते हुए यह सख्त कदम उठाया है। इस कार्रवाई के बाद जिले में प्रशासनिक हलकों के साथ आम लोगों के बीच भी इसकी चर्चा तेज हो गई है।

गंभीर आरोपों के बाद हुई कार्रवाई

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने आदेश संख्या 15/आरोप-02-47/2026 जारी कर राहुल कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Buxar CO Rahul Kumar Suspend) कर दिया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि उनके खिलाफ कई मामलों में गंभीर अनियमितता और लापरवाही सामने आई थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

जानकारी के अनुसार, उन पर मुख्यमंत्री की समृद्धि यात्रा के दौरान प्रशासनिक कार्यों में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप है। इसके अलावा उपमुख्यमंत्री सह विभागीय मंत्री के भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम में शामिल नहीं होना भी उनके खिलाफ बड़ी शिकायत मानी गई है। विभाग ने इसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यक्रम की अनदेखी करार दिया है।

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राजस्व वसूली और अतिक्रमण मामलों में भी लापरवाही

गौरतलब है कि राहुल कुमार का प्रदर्शन राजस्व वसूली के मामले में भी बेहद कमजोर पाया गया। विभाग द्वारा निर्धारित 134.27 लाख रुपये के लक्ष्य के मुकाबले उन्होंने केवल 34.4 लाख रुपये की ही वसूली की। इसे राज्य के वित्तीय हितों के लिए प्रतिकूल माना गया है।

हालांकि मामला सिर्फ राजस्व वसूली तक सीमित नहीं रहा। उन पर यह आरोप भी लगा कि उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नहीं की गई। विभाग ने इसे न्यायालय की अवमानना जैसी गंभीर स्थिति माना है। इसके साथ ही आगामी भारत जनगणना 2027 जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में बाधा पहुंचाने के प्रयास का आरोप भी उनके खिलाफ शामिल किया गया है।

जनता के बीच राहत का माहौल, प्रशासन ने दिया सख्त संदेश

निलंबन के बाद राहुल का मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पूर्णिया प्रमंडल निर्धारित किया गया है। इस कार्रवाई के बाद बक्सर के स्थानीय लोगों में राहत और संतोष का माहौल देखा जा रहा है। कई लोगों का कहना है कि उनकी कार्यशैली के कारण अंचल कार्यालय में लगातार टालमटोल और लापरवाही की स्थिति बनी रहती थी, जिससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ती थी।

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बताया जा रहा है कि चुनाव से ठीक पहले उनकी बक्सर में पदस्थापना हुई थी, लेकिन उन्होंने आम लोगों से दूरी बनाए रखी और जन समस्याओं के समाधान में अपेक्षित रुचि नहीं दिखाई। वहीं लोग पूर्व अंचलाधिकारी प्रशांत शांडिल्य की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहते हैं कि वे जनता की समस्याओं के समाधान के लिए हमेशा सक्रिय रहते थे।

इस कार्रवाई को प्रशासनिक सख्ती का बड़ा संकेत माना जा रहा है। विभाग ने साफ कर दिया है कि सरकारी कार्यों में लापरवाही, आदेशों की अनदेखी और जवाबदेही से बचने की कोशिश अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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