जिलाधिकारी निरीक्षण में खुला M.P High School का पोल, तत्काल प्रभाव से रोका गया प्रधानाध्यापक का वेतन

जिलाधिकारी निरीक्षण में खुला M.P High School का पोल, तत्काल प्रभाव से रोका गया प्रधानाध्यापक का वेतन

M.P High School, Buxar: बक्सर जिले में बुधवार 13 नवंबर के दिन जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल द्वारा स्कूलों की औचक निरीक्षण की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने M.P High School का दौरा किया। वहीं अधिकारी के इस निरीक्षण के दौरान स्कूल के खस्ता हालत की पोल खुल गई। अधिकारी द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई कि स्कूल में छात्रों की उपस्थिति बहुत कम थी।

तत्काल प्रभाव से रोका गया प्रधानाध्यापक का वेतन

जिलाधिकारी ने जांच में पाया कि M.P High School के कक्षा 10 के कुल चार सेक्शन में सिर्फ़ 27 छात्र उपस्थित हैं, जबकि कक्षा 9 के तीन सेक्शन में सिर्फ़ 65 छात्र ही उपस्थित थे। जिसे सिधे तौर पर स्कूल प्रशासन की घोर लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक स्कूल कि स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापक का वेतन तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है।

 

M.P High School के छात्रों ने किया शिकायत

बता दें कि जिलाधिकारी ने स्कुल के निरीक्षण के दौरान उसके शौचालय के स्थिति का भी जायजा लिया, जिस दौरान M.P High School buxar के शौचालय कि स्थिति भी काफी बदहाल मिली। बताया जा रहा है कि अधिकारी द्वारा जांच के दौरान वहां पढ़ने वाले छात्रों ने भी शौचालयों की बेहद खराब स्थिति के बारे में शिकायत की है। जांच के दौरान पाया गया कि स्कूल की कई इमारतें ऐसी हैं जिनके हालत बेहद खराब है, इसके अलावा कई हॉल इस्तेमाल न होने के कारण बंद पाए गए।

बेहद नाखुश नजर आएं जिला अधिकारी

मिली जानकारी के मुताबिक जिला प्रशासन ने हेडमास्टर को शहर के स्कूलों को बेहतर बनाने का निर्देश दिया था, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट कार्य योजना नहीं बनाई। जांच में यह बात भी सामने आया कि स्कूलों के विकास के लिए धनराशि उपलब्ध कराने के बावजूद भी इन्हें विकसित करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए। गौरतलब है कि M.P High School के इस खस्ता हाल को देखते हुए जिला अधिकारी बेहद नाखुश नजर आएं।

बिना सूचना के कक्षाओं को किया गया पुलिस बल के लिए आवंटित

बता दें कि जांच के दौरान यह बात भी सामने आई की जिला शिक्षा पदाधिकारी को सूचित किए बिना स्कूल के तीन से चार कक्षाओं को पुलिस बल के लिए आवंटित कर दिया गया है। जबकि शिक्षा विभाग द्वारा इस चिज पर रोक लगाई गई है।

शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालय की गहन जांच का आदेश

इसके उपरांत उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को विद्यालय की गहन जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। इसके अलावा, निरीक्षण के दौरान केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य के अनुरोध पर स्कूल संचालन के लिए चार कक्षाओं की व्यवस्था करने का आदेश भी दिया गया। जानकारी के मुताबिक जिलाधिकारी द्वारा किये गए इस निरीक्षण के समय उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी और प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।

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