बक्सर: गैस सप्लाई को लेकर बड़ा खुलासा, 1 लाख सिलेंडर देने के बाद भी अटकी 26 हजार बुकिंग, प्रशासन ने लागू कीये नए नियम
बक्सर में गैस सिलेंडर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है, जिसने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ लाखों सिलेंडर बांटे जा चुके हैं, तो दूसरी तरफ हजारों बुकिंग अब भी अटकी हुई हैं। आखिर सप्लाई और डिमांड के बीच इतना बड़ा अंतर क्यों बना हुआ है? बता दें कि प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति बदल सकती है।
बक्सर जिले में गैस सप्लाई की स्थिति क्या है?
बता दें कि 05 अप्रैल 2026 को समाहरणालय बक्सर में प्रभारी जिला पदाधिकारी श्रीमती निहारिका छवि की अध्यक्षता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इस दौरान एलपीजी सिलेंडर की सप्लाई और वितरण की पूरी स्थिति सामने रखी गई। जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तीन बड़ी कंपनियों के तहत कुल 27 गैस एजेंसियां काम कर रही हैं।
आंकड़ों के अनुसार 13 मार्च 2026 से 04 अप्रैल 2026 तक करीब 1 लाख 8 हजार गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए गए हैं। वहीं 04 अप्रैल तक गैस एजेंसियों के पास सिर्फ 3895 गैस सिलेंडर का स्टॉक बचा हुआ है। इससे यह साफ है कि सप्लाई और डिमांड के बीच काफी अंतर बना हुआ है।
बता दें की जिले में रोजाना औसतन 6419 सिलेंडर की मांग है, जबकि सप्लाई करीब 5772 गैस सिलेंडर प्रतिदिन (Buxar LPG Supply) हो रही है। इसी कारण 26707 रिफिल बुकिंग अभी भी लंबित हैं।
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प्रशासन ने क्या बनाए नए नियम?
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कुछ सख्त नियम भी लागू किए हैं। अब शहरी क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं को पिछली डिलीवरी के 25 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक करने की अनुमति होगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह अवधि 45 दिन तय की गई है। इन नियमों का उद्देश्य गैस की उपलब्धता को संतुलित रखना और सभी उपभोक्ताओं तक समय पर सिलेंडर पहुंचाना है।
प्रशासन का कहना है कि होम डिलीवरी के जरिए ही गैस की सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है ताकि किसी तरह की गड़बड़ी न हो। इसके अलावा जिले में कुल 3 लाख 50 हजार 545 घरेलू एलपीजी कनेक्शन मौजूद हैं, जो इस मांग को और अधिक बढ़ाते हैं।
कालाबाजारी पर सख्ती और कार्रवाई
गैस की कालाबाजारी और जमाखोरी को रोकने के लिए प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। बता दें कि 21 मार्च 2026 को बक्सर सदर अनुमंडल पदाधिकारी ने औचक निरीक्षण के दौरान दो रेस्टोरेंट पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इन प्रतिष्ठानों से 24 घरेलू सिलेंडर भी जब्त किए गए थे। इसके बाद 03 और 04 अप्रैल को कुल 56 गैस एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
प्रशासन का कहना है कि,
जो भी व्यक्ति या संस्था गैस की कालाबाजारी में शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी
हालांकि, प्रशासन सिर्फ कार्रवाई ही नहीं कर रहा, बल्कि आम लोगों की शिकायतों को भी गंभीरता से ले रहा है। इसके लिए जिला नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जहां लोग अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। 04 अप्रैल तक कुल 738 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 656 का समाधान किया जा चुका है। बाकी शिकायतों पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।
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प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि एलपीजी या अन्य आवश्यक वस्तुओं को लेकर अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी गलत सूचना को तुरंत रोका जा सके।
