बक्सर: जमीन घोटाला मामले पर वैष्णवी ग्रुप चेयरमैन प्रदीप राय का बड़ा पलटवार, पूर्व विधायक के आरोपों को बताया बेबुनियाद

बक्सर: जमीन घोटाला मामले पर वैष्णवी ग्रुप चेयरमैन प्रदीप राय का बड़ा पलटवार, पूर्व विधायक के आरोपों को बताया बेबुनियाद

Buxar News: बक्सर में राजनीतिक आरोपों के बीच वैष्णवी ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप राय ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज (Pradeep Rai Allegation Response) कर दिया। उन्होंने जमीन और कानूनी दस्तावेजों के हवाले से साफ किया कि उनके विरुद्ध लगाए गए आरोप निराधार और जनता को गुमराह करने का प्रयास हैं। उन्होंने सभी विवादित मामलों में अपनी वैधता साबित करने वाले दस्तावेज मीडिया के सामने रखे।

आरोपों का किया गया खंडन

डुमरांव के पूर्व विधायक डॉ. अजीत कुमार सिंह द्वारा लगाए गए आरोपों पर पलटवार करते हुए प्रदीप राय ने कहा कि उनके खिलाफ की गई सभी शिकायतें केवल राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित हैं। उन्होंने मीडिया के सामने स्पष्ट किया कि आरोप पूरी तरह तथ्यहीन और जनता को भ्रमित करने वाले हैं।

ये भी पढ़ें: नगर थाना की हाजत से आशिक फरार, पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

प्रदीप राय ने बताया कि,

संबंधित भूमि का मालिकाना हक पूरी तरह वैध है। उन्होंने कहा कि पावर ऑफ अटॉर्नी 25 मई 2011 को सुदामा जी उपाध्याय, ललन जी उपाध्याय, विजय कुमार उपाध्याय और उनकी माता शिवपुजनी देवी द्वारा विधिवत निबंधित रूप में अखिलेश राय को दी गई थी। इसके आधार पर 7 जून 2011 और 4 नवंबर 2016 को भूमि का बैनामा उनके नाम दर्ज किया गया।

गौरतलब है की सभी दाखिल-खारिज सरकारी नियमों के अनुसार पूर्ण हो चुके हैं। हस्ताक्षरों और अंगूठे के निशानों पर उठाए जा रहे सवालों को खारिज करते हुए प्रदीप राय ने कहा कि यदि किसी को संदेह है, तो वे फॉरेंसिक जांच करा सकते हैं। उन्होंने सभी मूल दस्तावेज सरकारी अभिलेखों में उपलब्ध होने की बात कही।

अदालती मामलों में पक्ष मजबूत

वैष्णवी ग्रुप के चेयरमैन प्रदीप राय ने बताया कि,

कई अदालती मामलों में उनके पक्ष में आदेश पारित हो चुके हैं। सिविल जज ने टीएस संख्या 390/2021 में स्पष्ट किया है कि निर्माण कार्य पर रोक लगाने का कोई आधार नहीं है। इसके अलावा, दाखिल-खारिज अपील और पुनरीक्षण वाद में सक्षम प्राधिकार द्वारा उनके पक्ष में आदेश दिए गए हैं।

ये भी पढ़ें: सिरके की आड़ में हो रही थी शराब की तस्करी, 3600 लीटर से ज्यादा विदेशी शराब लदा ट्रक जब्त

राजनकांत उपाध्याय द्वारा दायर टाइटल सूट पर उन्होंने कहा कि मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसमें अभी तक न तो गवाही पूरी हुई है और न ही कोई अंतिम फैसला आया है। ऐसे में उन्हें दोषी ठहराना न्यायिक प्रक्रिया का उल्लंघन होगा।

मीडिया और जनता से प्रदीप राय ने किया अपील

प्रदीप राय ने अंत में जनता और मीडिया से अपील की कि भ्रामक प्रचार पर विश्वास न करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि उनके पास सभी वैधानिक दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत किया जाएगा।

Jai Jagdamba News Whatsapp